प्र1.
अधः रिक्तस्थानानि तृतीयाविभक्तेः समुचितरूपैः पूरयन्तु — एकवचनम् / द्विवचनम् / बहुवचनम् : (सुधाखण्डेन – सुधाखण्डाभ्याम् – सुधाखण्डैः), (वृक्षेण – …… – ……), (…… – लताभ्याम् – लताभिः), (…… – देशाभ्याम् – देशैः), (पुण्येन – …… – ……), (…… – …… – विनयैः)
उत्तर
पहली पंक्ति पुस्तक में उदाहरण-रूप में भरी हुई है। शेष रिक्त स्थान (मोटे अक्षरों में) इस प्रकार भरे जाएँगे —
| शब्दः (लिङ्गम्) | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| सुधाखण्ड (पुं.) | सुधाखण्डेन | सुधाखण्डाभ्याम् | सुधाखण्डैः |
| वृक्ष (पुं.) | वृक्षेण | वृक्षाभ्याम् | वृक्षैः |
| लता (स्त्री.) | लतया | लताभ्याम् | लताभिः |
| देश (पुं.) | देशेन | देशाभ्याम् | देशैः |
| पुण्य (नपुं.) | पुण्येन | पुण्याभ्याम् | पुण्यैः |
| विनय (पुं.) | विनयेन | विनयाभ्याम् | विनयैः |
तृतीया-विभक्तेः प्रत्ययाः
अकारान्त पुंलिङ्ग/नपुंसकलिङ्ग → -एन | -आभ्याम् | -ऐः
(छात्र → छात्रेण, छात्राभ्याम्, छात्रैः; ज्ञान → ज्ञानेन, ज्ञानाभ्याम्, ज्ञानैः)
आकारान्त स्त्रीलिङ्ग → -अया | -आभ्याम् | -आभिः
(लता → लतया, लताभ्याम्, लताभिः; छात्रा → छात्रया, छात्राभ्याम्, छात्राभिः)
अकारान्त पुंलिङ्ग/नपुंसकलिङ्ग → -एन | -आभ्याम् | -ऐः
(छात्र → छात्रेण, छात्राभ्याम्, छात्रैः; ज्ञान → ज्ञानेन, ज्ञानाभ्याम्, ज्ञानैः)
आकारान्त स्त्रीलिङ्ग → -अया | -आभ्याम् | -आभिः
(लता → लतया, लताभ्याम्, लताभिः; छात्रा → छात्रया, छात्राभ्याम्, छात्राभिः)
ऐसा क्यों: बहुवचन में पुंलिङ्ग/नपुंसकलिङ्ग को ‘-ऐः’ मिलता है पर स्त्रीलिङ्ग को ‘-भिः’ — इसीलिए ‘देशैः’ पर ‘लताभिः’। यही अन्तर पहचानकर तालिका भरनी है।
टिप्पणी: ‘सुधाखण्ड’ का अर्थ है चाक (chalk) का टुकड़ा — कक्षा की ही वस्तु से उदाहरण दिया गया है।