प्र1.
अहो ! योगिते त्वं प्रातः किं करोषि ?
उत्तर
अहं प्रतिदिनं प्रातः पित्रा सह उद्यानं गच्छामि ।
[मैं प्रतिदिन सवेरे पिताजी के साथ बगीचे जाती हूँ।]
वाक्य कैसे बना: पित्रा सह — ‘सह’ (साथ) के योग में तृतीया विभक्ति आती है, इसलिए ‘पितृ’ का रूप पित्रा हुआ। उद्यानम् कर्म है, इसलिए द्वितीया एकवचन — उद्यानम्। ‘योगिते’ सम्बोधन एकवचन है (मूल शब्द — योगिता)।
ध्यान दें: ‘गच्छामि’ उत्तमपुरुष एकवचन (लट्-लकार) है — गच्छामि / गच्छावः / गच्छामः।