यह करके दिखाने वाला कार्य है। एक चार्ट-पेपर लीजिए, ऊपर शीर्षक लिखिए — ‘सूर्यनमस्कारः — द्वादश आसनानि द्वादश मन्त्राः च’ — और नीचे बारह खाने बनाकर हर खाने में एक आसन का चित्र तथा उसका मन्त्र लिखिए।
अच्छे भित्तिपत्र में ये चार बातें अवश्य हों —
- आसन का क्रमाङ्क (१ से १२ तक) और उसका संस्कृत नाम;
- उससे जुड़ा मन्त्र — ‘ॐ … नमः’;
- आसन का सरल चित्र या रेखाचित्र (पुस्तक के पृष्ठ 30–31 के चित्र देखकर बनाइए);
- सबसे नीचे समापन-मन्त्र — ‘ॐ सवितृसूर्यनारायणाय नमः’।
नमूना उत्तर (आदर्श तालिका) —
| क्रमः | मन्त्रः | आसनम् | हिन्दी में स्थिति |
|---|---|---|---|
| १ | ॐ मित्राय नमः | प्रणामासनम् | सीधे खड़े होकर नमस्कार-मुद्रा |
| २ | ॐ रवये नमः | हस्तउत्तानासनम् | दोनों हाथ ऊपर उठाकर पीछे की ओर झुकना |
| ३ | ॐ सूर्याय नमः | पादहस्तासनम् | आगे झुककर हाथ पैरों के पास |
| ४ | ॐ भानवे नमः | अश्वसञ्चालनासनम् | एक पैर पीछे, दृष्टि ऊपर |
| ५ | ॐ खगाय नमः | दण्डासनम् | शरीर एक सीधी रेखा में, हाथों पर टिका |
| ६ | ॐ पूष्णे नमः | अष्टाङ्गनमस्कारः | शरीर के आठ अंग भूमि से स्पर्श |
| ७ | ॐ हिरण्यगर्भाय नमः | भुजङ्गासनम् | छाती ऊपर, साँप के फन जैसी मुद्रा |
| ८ | ॐ मरीचये नमः | अधोमुखश्वानासनम् (पर्वतासनम्) | कमर ऊपर, शरीर पर्वत जैसा |
| ९ | ॐ आदित्याय नमः | अश्वसञ्चालनासनम् | चौथी स्थिति दुहराइए, दूसरा पैर आगे |
| १० | ॐ सवित्रे नमः | पादहस्तासनम् | तीसरी स्थिति दुहराइए |
| ११ | ॐ अर्काय नमः | हस्तउत्तानासनम् | दूसरी स्थिति दुहराइए |
| १२ | ॐ भास्कराय नमः | प्रणामासनम् | पहली स्थिति में लौटकर नमस्कार |
| (सर्वान्ते) | ॐ सवितृसूर्यनारायणाय नमः | समापन-प्रणामः | पूरा चक्र पूरा होने पर अन्तिम नमस्कार |