प्र1.
आद्यं धर्मसाधनं किम् ?
उत्तर
शरीरम् ।
[शरीर।]
क्यों: ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ — यहाँ प्रश्न ‘किम्’ (क्या) से है और उत्तर प्रथमा विभक्ति, एकवचन में एक ही पद में देना है — शरीरम्।
अद्यतन2026-09-05
शरीरम् ।
[शरीर।]
दीनम् ।
[दीन (गिड़गिड़ाने वाला) वचन।]
शीलम् ।
[शील अर्थात् सदाचरण।]
भूमिः (पृथिवी) ।
[भूमि अर्थात् पृथ्वी।]
ग्राहकाः ।
[ग्राहक लोग।]