प्र1.
माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः । (रेखाङ्कितपदम् — पृथिव्याः)
उत्तर
पृथिव्याः — षष्ठी विभक्तिः, एकवचनम्, स्त्रीलिङ्गः । (यह उदाहरण पुस्तक में पहले से दिया हुआ है।)
[‘पृथ्वी का / की’ — सम्बन्ध बताने वाली षष्ठी विभक्ति, एकवचन।]
पहचान: षष्ठी विभक्ति हिन्दी में ‘का / के / की’ का अर्थ देती है। यहाँ ‘मैं पृथ्वी का पुत्र हूँ’ — इसलिए ‘पृथिवी’ शब्द षष्ठी एकवचन में आकर पृथिव्याः बना।