दीपकम् अध्याय 8 वयम् अभ्यासं कुर्मः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
न रत्नं अन्विष्यति ।
उत्तर

न रत्नम् अन्विष्यति । (यह उदाहरण पुस्तक में पहले से भरा हुआ है।)
[रत्न नहीं ढूँढ़ता।]

नियम: ‘रत्नं’ के आगे अन्विष्यति है, जो स्वर ‘अ’ से आरम्भ होता है। नियम कहता है — म्-कार के आगे स्वर हो तो अनुस्वार नहीं, ‘म्’ ही लिखा जाता है। अतः रत्नं → रत्नम्
प्र2.
शरीरं आद्यं खलु धर्मसाधनम् ।
उत्तर

शरीरम् आद्यं खलु धर्मसाधनम् ।
[शरीर ही निश्चय ही धर्म का पहला साधन है।]

केवल एक ही बदला: ‘शरीरं’ के आगे आद्यं है — स्वर ‘आ’, इसलिए ‘शरीरम्’ हुआ। किन्तु ‘आद्यं’ के आगे खलु है — व्यञ्जन ‘ख्’, इसलिए वहाँ अनुस्वार ज्यों-का-त्यों रहेगा।
प्र3.
वयं अद्यतनं पाठं पठामः ।
उत्तर

वयम् अद्यतनं पाठं पठामः ।
[हम आज का पाठ पढ़ते हैं।]

क्यों: ‘वयं’ के आगे अद्यतनं है — स्वर ‘अ’, अतः वयम्। ‘अद्यतनं’ के आगे ‘पाठं’ (प्) और ‘पाठं’ के आगे ‘पठामः’ (प्) — दोनों व्यञ्जन हैं, इसलिए वे अनुस्वार के साथ ही रहेंगे।
प्र4.
त्वं अस्माकं गृहं आगच्छ ।
उत्तर

त्वम् अस्माकं गृहम् आगच्छ ।
[तुम हमारे घर आओ।]

दो जगह बदलाव: ‘त्वं’ के आगे अस्माकं (स्वर ‘अ’) → त्वम्; ‘गृहं’ के आगे आगच्छ (स्वर ‘आ’) → गृहम्। बीच में ‘अस्माकं’ के आगे ‘गृहं’ है — व्यञ्जन ‘ग्’, इसलिए वह नहीं बदला।
प्र5.
अहं एकं प्रश्नं प्रष्टुं इच्छामि ।
उत्तर

अहम् एकं प्रश्नं प्रष्टुम् इच्छामि ।
[मैं एक प्रश्न पूछना चाहता हूँ।]

दो जगह बदलाव: ‘अहं’ के आगे एकं (स्वर ‘ए’) → अहम्; ‘प्रष्टुं’ के आगे इच्छामि (स्वर ‘इ’) → प्रष्टुम्। ‘एकं → प्रश्नं’ और ‘प्रश्नं → प्रष्टुं’ में आगे ‘प्’ व्यञ्जन है, इसलिए वहाँ अनुस्वार बना रहा।
ध्यान रखिए: स्वर केवल अ/आ नहीं होते — इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ, ऋ भी स्वर हैं। इसीलिए ‘एकं’ और ‘इच्छामि’ के पहले वाले पद भी ‘म्’ में बदले।
प्र6.
गुणं अर्जयितुं अधिकं प्रयत्नं करोतु ।
उत्तर

गुणम् अर्जयितुम् अधिकं प्रयत्नं करोतु ।
[गुण अर्जित करने के लिए अधिक प्रयत्न कीजिए।]

दो जगह बदलाव: ‘गुणं’ के आगे अर्जयितुं (स्वर ‘अ’) → गुणम्; ‘अर्जयितुं’ के आगे अधिकं (स्वर ‘अ’) → अर्जयितुम्। ‘अधिकं → प्रयत्नं’ और ‘प्रयत्नं → करोतु’ में आगे व्यञ्जन (प्, क्) है, इसलिए वे अनुस्वार में ही रहे।
पूरा नियम एक पंक्ति में: म् + व्यञ्जन = अनुस्वार ( ं ) ; म् + स्वर = म् — यही ‘मकारलेखनम्’ है, जो अगले भाग (योग्यताविस्तरः) में विस्तार से दिया गया है।
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