कुतूहल अध्याय 1 क्रियाकलाप 1.1

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
मान लीजिए कि आपका उत्तर था — “इसे ठीक आधा कर दो।” यह किस प्रश्न का उत्तर हो सकता है?
उत्तर

यह पुस्तक का दिया हुआ उदाहरण है, जो दिखाता है कि एक ही उत्तर बिलकुल भिन्न-भिन्न अनेक प्रश्नों का हो सकता है। पाठ्यपुस्तक स्वयं तीन परिस्थितियाँ देती है —

  • “कैसे सुनिश्चित करेंगे कि हमें तरबूज का बराबर भाग प्राप्त हो?”
  • “मेरा निबंध विस्तृत है, मैं इसे लिफाफे में नहीं रख सकती।”
  • “मैं इतने लंबे गीत पर नृत्य नहीं कर सकती....”

यही उत्तर और कहाँ-कहाँ चल सकता है, कुछ और उदाहरण —

  • “यह विधि आठ लोगों के लिए है, पर हम तो केवल चार ही खाने वाले हैं।”
  • “रंगोली का यह प्रारूप हमारी देहरी के लिए बहुत बड़ा है।”
  • “मेरा विद्यालय-बस्ता प्रतिदिन उठाने के लिए बहुत भारी है।”
  • “भाषण 10 मिनट का है और मुझे केवल 5 मिनट मिले हैं।”
पुस्तक यहाँ से क्यों आरंभ करती है: परीक्षा में प्रश्न निश्चित होता है और उत्तर केवल एक ही सही होता है। वास्तविक विज्ञान में बात उलटी है — उत्तर प्रायः सामने पड़ा होता है और कठिन काम उसके बारे में सही प्रश्न पूछना है। एक जीवाश्म, एक दाग, मीटर का एक पाठ्यांक — ये सब उत्तर ही तो हैं, जो किसी के प्रश्न पूछने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
संकेत: यह खेल जोड़ी बनाकर खेलिए। एक व्यक्ति उत्तर बोले, दूसरा 30 सेकंड में उसके तीन प्रश्न बनाए। आप पाएँगे कि उत्तर जितना मजेदार होगा, प्रश्न उतने ही अच्छे बनेंगे।
प्र2.
प्रश्न — ______________________________________________? उत्तर — बस थोड़ा दूध डालें।
उत्तर

ऐसा कोई भी प्रश्न सही है जिसका यह उचित उत्तर बन सके — यहाँ कोई प्रश्न गलत नहीं होता। प्रश्न अच्छा तभी है जब दिया गया उत्तर सचमुच उसका समाधान करता हो।

नमूना उत्तर:

  • “चाय बहुत कड़क और कड़वी बन गई है — अब क्या करूँ?”
  • “इस कोको के चूर्ण को पीने योग्य कैसे बनाऊँ?”
  • “ठंडी होते-होते खीर बहुत गाढ़ी हो गई है। इसे पतला कैसे करूँ?”
  • “रोटी का आटा भुरभुरा हो रहा है। इसमें क्या मिलाऊँ?”
  • “कॉफी इतनी गरम है कि पी नहीं सकती और मुझे एक मिनट में निकलना है!”
करके देखिए: ऐसा एक प्रश्न लिखिए जिसके लिए “बस थोड़ा दूध डालें” बहुत बुरा उत्तर होगा — जैसे “इस शिकंजी को और स्वादिष्ट कैसे बनाऊँ?” यह सोचना कि कोई उत्तर किस प्रश्न पर फिट बैठता है और किस पर नहीं, स्वयं में अच्छी वैज्ञानिक सोच है।
प्र3.
प्रश्न — ______________________________________________? उत्तर — क्योंकि बिल्ली के दाँत टेढ़े थे।
उत्तर

“क्योंकि…” से आरंभ होने वाला उत्तर किसी “क्यों…?” वाले प्रश्न का ही हो सकता है। यही एक संकेत इसे दिखने से कहीं आसान बना देता है।

नमूना उत्तर:

  • “चूहा बिल्ली से बचकर कैसे निकल भागा?” — अथवा “चूहा बिल्ली की पकड़ से क्यों छूट गया?”
  • “बिल्ली ने आधी मछली क्यों छोड़ दी?”
  • “इस बिल्ली की मुस्कान चित्र में इतनी मजेदार क्यों लग रही है?”
  • “बिल्ली डोरी क्यों नहीं काट पाई?”
  • “पशु-चिकित्सक ने बिल्ली को अगले सप्ताह फिर लाने को क्यों कहा?”
यह अच्छा अभ्यास क्यों है: उत्तर में कारण बताया गया है, अतः आपको उसके साथ चलने वाला परिणाम कल्पना करना है। कारण से पीछे की ओर चलकर संभावित परिणाम खोजना ठीक वही है जो वैज्ञानिक तब करता है जब वह पूछता है — “यदि यह सत्य है तो हमें और क्या-क्या दिखना चाहिए?”
प्र4.
प्रश्न — ______________________________________________? उत्तर — घबराइए मत, मेरे पास तौलिया है।
उत्तर

यह उत्तर किसी घबराए हुए व्यक्ति को दिया गया शांत उत्तर है — अतः प्रश्न में कोई छोटी-मोटी विपत्ति होनी चाहिए।

नमूना उत्तर:

  • “वर्षा आरंभ हो गई है और घर अभी आधा घंटा दूर है — अब क्या होगा?”
  • “बस्ते के भीतर पानी की बोतल पूरी छलक गई है!”
  • “पिकनिक के बाद तैरने के लिए हम कुछ भी रखना भूल गए।”
  • “विद्यालय के समूह-चित्र से पहले अपने बाल कैसे सुखाओगे?”
  • “खेल के मैदान की बेंच गीली है — हम बैठेंगे कहाँ?”
क्या आप जानते हैं? “घबराइए मत” और तौलिया, दोनों विज्ञान-कथा की मजेदार पुस्तक द हिचहाइकर्स गाइड टु द गैलेक्सी से आए हैं, जिसमें कहा गया है कि अंतरिक्ष यात्री के लिए तौलिया सबसे उपयोगी वस्तु है। अगले उत्तर में आपकी पाठ्यपुस्तक फिर उसी पुस्तक की ओर संकेत कर रही है।
प्र5.
प्रश्न — ______________________________________________? उत्तर — 42
उत्तर

एक संख्या हजार प्रश्नों का उत्तर हो सकती है — किंतु पुस्तक कहती है कि पूर्वानुमानित मार्ग (“32+10 कितना होता है?”) मत लीजिए। अतः ऐसे प्रश्न ढूँढ़िए जिनमें 42 कोई वास्तविक और रोचक मात्रा हो।

नमूना उत्तर:

  • “हमारी कक्षा के कितने विद्यार्थियों ने विज्ञान मेले में भाग लिया?”
  • “पिछले मई में हमारे नगर का उच्चतम तापमान °C में कितना दर्ज हुआ?”
  • “पूरी कक्षा के खा लेने के बाद कितने लड्डू बचे?”
  • “विद्यालय की घंटी कितने सेकंड तक बजती है?”
  • “अप्रैल से अब तक अभ्यास-पुस्तिका के कितने पृष्ठ भर चुके हैं?”
  • “विद्यालय के सभागार में कुर्सियों की कितनी पंक्तियाँ हैं?”
यह अभ्यास वास्तव में क्या सिखा रहा है: अकेली संख्या का कोई अर्थ नहीं होता। 42 तभी सूचना बनती है जब वह किसी प्रश्न और किसी मात्रक से जुड़े — 42 विद्यार्थी, 42 °C और 42 सेकंड तीन बिलकुल अलग तथ्य हैं। इसीलिए इस पूरी पुस्तक में हर माप के साथ मात्रक लिखने को कहा जाएगा।
क्या आप जानते हैं? द हिचहाइकर्स गाइड टु द गैलेक्सी में एक विशाल संगणक लाखों वर्ष सोचकर घोषणा करता है कि जीवन, ब्रह्मांड और सब कुछ का उत्तर 42 है — पर किसी को याद ही नहीं कि प्रश्न क्या था। यही मजाक इस क्रियाकलाप का मर्म है — प्रश्न के बिना उत्तर व्यर्थ है।
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