कुतूहल अध्याय 10 क्रियाकलाप 10.1: आइए, कुछ कारणों की जाँच के लिए परीक्षण करें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
दो सप्ताह तक पौधों का अवलोकन कीजिए और उनकी ऊँचाई, पत्तियों की संख्या, पत्तियों के रंग और पौधों में दिखने वाले अन्य परिवर्तनों को भी अभिलेखित कीजिए। अपने अवलोकनों को तालिका 10.1 में अभिलेखित कीजिए।
उत्तर

उद्यान की मिट्टी से भरे एक जैसे तीन गमलों में मिर्च या टमाटर के समान आमाप के नवोद्भिद रोपे जाते हैं और चित्र 10.1 के अनुसार रखे जाते हैं — सूर्य के प्रकाश में जलयुक्त, सूर्य के प्रकाश में जलरहित, अँधेरे में जलयुक्त। दो सप्ताह बाद प्राय: प्राप्त होने वाले प्रेक्षणों सहित तालिका 10.1 इस प्रकार है —

तालिका 10.1 — पौधों की वृद्धि पर सूर्य के प्रकाश और जल का प्रभाव
विभिन्न स्थितियों में रखे गमलेउपलब्धतापौधों की ऊँचाई (cm)पत्तियों की संख्यापत्तियों का रंग (हरा/पीला)
सूर्य का प्रकाशजलप्रथम दिनदो सप्ताह पश्चातप्रथम दिनदो सप्ताह पश्चात
गमला 'क' — सीधा सूर्य के प्रकाश में रखा हुआ और जलयुक्तहाँहाँ1017613हरा (स्वस्थ, सीधा खड़ा)
गमला 'ख' — सीधा सूर्य के प्रकाश में रखा हुआ और जलरहितहाँनहीं1010 (मुरझा कर सूख गया)62 (शेष गिर गईं)पीला से भूरा, सूखा
गमला 'ग' — अँधेरे में रखा हुआ और जलयुक्तनहींहाँ1013 (पतला, दुर्बल, झुका हुआ)68 (छोटी)हल्का पीला-हरा

अभिलेखित करने योग्य अन्य परिवर्तन — गमला 'क' का तना मोटा और दृढ़ हो जाता है; गमला 'ग' का पौधा पतला और दुर्बल होकर प्रकाश की ओर झुक जाता है; गमला 'ख' की मिट्टी कठोर होकर फट जाती है।

ध्यान रखिए: गमलों को अलग-अलग रखने से पहले ही प्रथम दिन की ऊँचाई और पत्तियों की संख्या लिख लीजिए। केवल अंत में लिए गए आँकड़ों से वृद्धि का पता नहीं चलता।
प्र2.
तीनों गमलों के पौधों में आपने क्या अंतर देखे?
उत्तर

तीनों पौधे आरंभ में एक जैसे थे, परंतु दो सप्ताह बाद पूर्णत: भिन्न हो गए।

  • गमला 'क' (प्रकाश + जल): सबसे लंबा, सर्वाधिक पत्तियाँ, गहरे हरे रंग की पत्तियाँ, मोटा और सीधा तना — पूर्णत: स्वस्थ पौधा।
  • गमला 'ख' (प्रकाश, जल नहीं): पत्तियाँ पहले मुरझाईं, फिर पीली और सूखी होकर गिर गईं। ऊँचाई में लगभग कोई वृद्धि नहीं हुई। पौधा नष्ट हो गया
  • गमला 'ग' (अँधेरा + जल): पौधा जीवित रहा और कुछ लंबा भी हुआ, परंतु पतला, दुर्बल और हल्के पीले-हरे रंग का हो गया, पत्तियाँ छोटी रहीं और वह प्रकाश की ओर झुकने लगा।
गमला 'ग' का पौधा पीला क्यों पड़ता है: अँधेरे में पत्तियाँ भोजन नहीं बना पातीं और उनमें पूरा हरा रंग विकसित नहीं होता, क्योंकि पर्णहरित को प्रकाश चाहिए। पौधा कुछ समय अपने भंडारित भोजन पर जीवित रहता है — इसीलिए वह लंबा तो हो जाता है, पर सुदृढ़ नहीं हो पाता।
प्र3.
किस गमले के पौधे में अधिकतम वृद्धि हुई है?
उत्तर

गमला 'क' — जो सीधा सूर्य के प्रकाश में रखा गया और जिसमें प्रतिदिन उपयुक्त मात्रा में जल डाला गया।

यही एकमात्र गमला है जिसमें जाँची जा रही दोनों वस्तुएँ एक साथ उपलब्ध हैं। पौधे को भोजन बनाने के लिए सूर्य का प्रकाश और कच्चे माल तथा स्फीति के लिए जल — दोनों मिलते हैं, इसलिए वह सबसे लंबा होता है, सर्वाधिक पत्तियाँ बनाता है और उन्हें गहरा हरा बनाए रखता है।

प्र4.
किस गमले के पौधे में सबसे कम वृद्धि हुई है?
उत्तर

गमला 'ख' — जो सूर्य के प्रकाश में तो रखा गया परंतु जिसमें जल नहीं डाला गया।

जल पौधे को स्फीत रखने, जड़ों से खनिज ऊपर पहुँचाने तथा भोजन निर्माण के कच्चे माल के रूप में आवश्यक है। इसके बिना पौधा मुरझा जाता है, उसकी पत्तियाँ सूख कर गिर जाती हैं और वह नष्ट हो जाता है — इसलिए पर्याप्त प्रकाश मिलने पर भी उसकी वृद्धि सबसे कम रहती है।

ध्यान दीजिए: "सबसे कम वृद्धि" और "सबसे फीका रंग" एक बात नहीं हैं। गमला 'ग' का पौधा फीका है परंतु ऊँचाई बढ़ाता है; गमला 'ख' के पौधे में तो लगभग कोई वृद्धि होती ही नहीं।
प्र5.
इस क्रियाकलाप में किए गए अवलोकनों से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर

पौधों को अपनी वृद्धि के लिए जल एवं सूर्य के प्रकाश दोनों की आवश्यकता होती है।

सूर्य का प्रकाश + जल (गमला 'क') → सर्वोत्तम वृद्धि
जल है, प्रकाश नहीं (गमला 'ग') → दुर्बल, पीली, कमज़ोर वृद्धि
प्रकाश है, जल नहीं (गमला 'ख') → मुरझाना और नष्ट होना

इनमें से किसी एक को हटाने पर पौधे को हानि होती है, अर्थात कोई भी दूसरे का स्थान नहीं ले सकता। इसीलिए प्रयोग में तीन गमले लिए जाते हैं — गमला 'क' तुलना के लिए है और 'ख' तथा 'ग' में एक-एक कारक हटाया गया है।

शेष सब समान क्यों रखा जाता है: गमलों का आमाप, उद्यान की मिट्टी, एक ही पौधे के समान आमाप के नवोद्भिद — सब एक जैसे। यदि गमलों में एक से अधिक बातें भिन्न होतीं तो यह कहना असंभव होता कि वृद्धि में अंतर किस कारण से आया।
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