उद्यान की मिट्टी से भरे एक जैसे तीन गमलों में मिर्च या टमाटर के समान आमाप के नवोद्भिद रोपे जाते हैं और चित्र 10.1 के अनुसार रखे जाते हैं — क सूर्य के प्रकाश में जलयुक्त, ख सूर्य के प्रकाश में जलरहित, ग अँधेरे में जलयुक्त। दो सप्ताह बाद प्राय: प्राप्त होने वाले प्रेक्षणों सहित तालिका 10.1 इस प्रकार है —
| तालिका 10.1 — पौधों की वृद्धि पर सूर्य के प्रकाश और जल का प्रभाव | |||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| विभिन्न स्थितियों में रखे गमले | उपलब्धता | पौधों की ऊँचाई (cm) | पत्तियों की संख्या | पत्तियों का रंग (हरा/पीला) | |||
| सूर्य का प्रकाश | जल | प्रथम दिन | दो सप्ताह पश्चात | प्रथम दिन | दो सप्ताह पश्चात | ||
| गमला 'क' — सीधा सूर्य के प्रकाश में रखा हुआ और जलयुक्त | हाँ | हाँ | 10 | 17 | 6 | 13 | हरा (स्वस्थ, सीधा खड़ा) |
| गमला 'ख' — सीधा सूर्य के प्रकाश में रखा हुआ और जलरहित | हाँ | नहीं | 10 | 10 (मुरझा कर सूख गया) | 6 | 2 (शेष गिर गईं) | पीला से भूरा, सूखा |
| गमला 'ग' — अँधेरे में रखा हुआ और जलयुक्त | नहीं | हाँ | 10 | 13 (पतला, दुर्बल, झुका हुआ) | 6 | 8 (छोटी) | हल्का पीला-हरा |
अभिलेखित करने योग्य अन्य परिवर्तन — गमला 'क' का तना मोटा और दृढ़ हो जाता है; गमला 'ग' का पौधा पतला और दुर्बल होकर प्रकाश की ओर झुक जाता है; गमला 'ख' की मिट्टी कठोर होकर फट जाती है।