प्रकाश संश्लेषण के लिए सूर्य का प्रकाश, पर्णहरित, जल और कार्बन डाइऑक्साइड — चारों अनिवार्य हैं। चित्र 10.11 के प्रत्येक पौधे को पर्याप्त जल मिला है और सभी हरे हैं, अत: परिणाम केवल प्रकाश और कार्बन डाइऑक्साइड से तय होगा।
(i) मंड बनेगा — केवल पौधे (क) में, जो सूर्य के प्रकाश और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों की उपस्थिति में है।
(ii) मंड नहीं बनेगा — पौधों (ख), (ग) और (घ) में।
(iii) ऑक्सीजन उत्पन्न होगी — केवल पौधे (क) में, क्योंकि ऑक्सीजन प्रकाश संश्लेषण में ही निर्मुक्त होती है।
(iv) ऑक्सीजन उत्पन्न नहीं होगी — पौधों (ख), (ग) और (घ) में।
क्या प्रयोग वाणी के विचार का समर्थन करता है? हाँ। निर्णायक तुलना (क) और (ख) की है — दोनों सूर्य के प्रकाश में हैं, दोनों में जल और पर्णहरित है, भिन्न केवल कार्बन डाइऑक्साइड है। मंड (क) में बनता है और (ख) में नहीं — अत: कार्बन डाइऑक्साइड प्रकाश संश्लेषण के लिए अनिवार्य है।
ध्यान दीजिए: पौधे (ग) और (घ) में भी मंड नहीं बनता, परंतु इससे वाणी का विचार सिद्ध नहीं होता — वहाँ कारण प्रकाश का अभाव है। सदैव ऐसे दो व्यवस्थापनों की तुलना कीजिए जिनमें केवल एक ही कारक भिन्न हो।