कुतूहल अध्याय 10 अन्वेषणात्मक परियोजनाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
बड़ी पारदर्शी बोतल में स्पाइडर प्लांट अथवा जेड प्लांट जैसा एक पौधा रोप कर एक बोतल बगीचा विकसित कीजिए (चित्र 10.13)। पौधे के कुछ समय तक सुचारु रूप से वृद्धि करने के पश्चात बोतल के मुख को बंद कर दीजिए। पौधे की वृद्धि का अवलोकन कीजिए।
उत्तर

कैसे बनाएँ

  1. ढक्कन वाली एक बड़ी पारदर्शी चौड़े मुँह की काँच की बोतल या मर्तबान लीजिए। उसे धोकर सुखा लीजिए।
  2. तल में लगभग 2 cm छोटे कंकड़ों की परत (जल-निकास के लिए), फिर लकड़ी के कोयले के टुकड़ों की पतली परत, और उसके ऊपर थोड़ी खाद मिली 6–8 cm उद्यान की मिट्टी डालिए।
  3. चम्मच और तीली की सहायता से मिट्टी में स्पाइडर प्लांट या जेड प्लांट का छोटा पौधा रोपिए और जड़ों के चारों ओर मिट्टी हल्के हाथ से दबा दीजिए।
  4. इतना जल छिड़किए कि मिट्टी में केवल नमी रहे — इतना नहीं कि जल तल में जमा हो जाए
  5. बोतल को कुछ समय खुला रख कर तेज़ अप्रत्यक्ष प्रकाश में रखिए जिससे पौधा जम जाए और सुचारु रूप से वृद्धि करने लगे।
  6. अब बोतल का मुख बंद कर दीजिए। उसे अच्छे प्रकाश वाले स्थान पर रखिए, परंतु तीखी सीधी धूप में नहीं, और कई सप्ताह तक अवलोकन कीजिए।

क्या अवलोकन कर अभिलेखित करें: नई पत्तियाँ और प्ररोह; पत्तियों का रंग; प्रात:काल काँच के भीतर बनने वाली धुँध या जल की बूँदें, जो बाद में लुप्त हो जाती हैं; और यह कि बिना जल डाले भी मिट्टी नम बनी रहती है या नहीं।

यह क्या दर्शाता है: यदि पौधा सुचारु रूप से वृद्धि कर रहा है तो इसका अर्थ है कि पौधा बंद बोतल के भीतर गैसों का विनिमय बनाए हुए है — श्वसन की प्रक्रिया में उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग प्रकाश संश्लेषण में हो रहा है और प्रकाश संश्लेषण में उत्पन्न ऑक्सीजन का उपयोग उसी पौधे द्वारा श्वसन में हो रहा है।

बूँदें क्यों बनती हैं: पत्तियों से निकली जलवाष्प ठंडे काँच पर संघनित होकर वापस मिट्टी में चली जाती है और जड़ें उसे फिर अवशोषित कर लेती हैं। गैसें और जल दोनों चक्र में घूमते रहते हैं — एक छोटा-सा आत्मनिर्भर संसार।
ध्यान दीजिए: यदि काँच सदैव धुँधला रहे और पत्तियाँ गलने लगें तो जल अधिक है। एक दिन ढक्कन खोल कर अतिरिक्त नमी निकल जाने दीजिए, फिर बंद कर दीजिए।
प्र2.
प्रकाश संश्लेषण, श्वसन और जल तथा भोजन के परिवहन जैसी प्रक्रियाएँ फसल उत्पादन के लिए कैसे अनिवार्य हैं?
उत्तर

फसल वस्तुत: वही पौधा है जिसे उसके भंडारित भोजन के लिए उगाया जाता है। किसान जो कुछ करता है, वह इन्हीं चार प्रक्रियाओं को भली-भाँति चलाए रखने के लिए करता है।

प्रक्रियाफसल को इसकी आवश्यकता क्योंकिसान इसके लिए क्या करता है
प्रकाश संश्लेषणअनाज, फल और कंदों में पहुँचने वाला सारा भोजन यही बनाता हैउचित ऋतु और उचित दूरी पर बुवाई करता है जिससे हर पौधे को प्रकाश मिले; छाया करने वाले खरपतवार हटाता है
श्वसनवृद्धि, पुष्पन और दाना भरने के लिए आवश्यक ऊर्जा देता है; जड़ें भी श्वसन करती हैंखेत की जुताई करता है जिससे मिट्टी भुरभुरी और वायुयुक्त रहे; जलभराव वाले खेत का जल निकालता है ताकि जड़ें घुटें नहीं
जल और खनिजों का परिवहन (दारु)प्रकाश संश्लेषण के लिए जल और वृद्धि के लिए खनिज प्रत्येक पत्ती तक पहुँचाता हैसमय पर सिंचाई करता है; खाद और उर्वरक देता है जिनसे खनिज मिलते हैं
भोजन का परिवहन (पोषवाह)पत्तियों से भोजन को उन भागों तक ले जाता है जिन्हें हम काटते हैं — दाना, आलू, गन्ने का तनापत्तियों और तने को कीटों तथा रोगों से बचाता है जिससे यह मार्ग बना रहे

सारांश: स्वस्थ पत्तियाँ, पर्याप्त जल, भुरभुरी वायुयुक्त मिट्टी और सुरक्षित तना — ये मिलकर उपज तय करते हैं। इनमें से किसी एक प्रक्रिया में बाधा आए — कीटों द्वारा पत्तियाँ खा ली जाएँ, खेत सूखा रह जाए या जड़ें जल में डूबी रहें — तो उत्पादन घट जाता है।

पता लगाइए: अपने पास के किसान से पूछिए कि बुवाई से पहले खेत की जुताई क्यों की जाती है और धान की कटाई से पहले खेत का जल क्यों निकाला जाता है। उत्तरों को ऊपर की तालिका से मिलाइए।
प्र3.
यदि आपके घर के आस-पास कोई 'पौधा घर' (ग्रीन हाउस) हो तो वहाँ जाइए। अवलोकन कीजिए कि लोग ग्रीन हाउस में पौधों को कैसे उगाते हैं। पता लगाइए कि वे किस प्रकार पौधों को उगाने के लिए प्रकाश, जल और कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को नियंत्रित करते हैं।
उत्तर

भ्रमण में क्या अवलोकन करें

  • ढकने वाला पदार्थ क्या है — पारदर्शी पॉलिथीन शीट, फ़ाइबरग्लास या काँच — और उसका प्रकाश आने देना क्यों आवश्यक है।
  • भीतर बाहर की अपेक्षा अधिक गरम और अधिक आर्द्र लगता है या नहीं, और दिन के किस समय।
  • वहाँ कौन-सी फ़सलें उगाई जाती हैं (प्राय: टमाटर, शिमला मिर्च, खीरा, स्ट्रॉबेरी, जरबेरा, गुलाब, ऑर्किड तथा नर्सरी के नवोद्भिद)।

क्या पूछें और कैसे उत्तर मिलेंगे

कारकग्रीन हाउस में नियंत्रण कैसेकिस प्रक्रिया के लिए
प्रकाशग्रीष्म में छाया-जाल (शेड नेट) या छत पर सफ़ेदी से तेज़ प्रकाश कम किया जाता है; शीत में शीट स्वच्छ रखी जाती है; कहीं-कहीं दिन की लंबाई बढ़ाने के लिए कृत्रिम लैंप भी लगाए जाते हैंप्रकाश संश्लेषण
जलटपक (ड्रिप) सिंचाई से प्रत्येक पौधे की जड़ तक मापी हुई मात्रा में जल; फुहारों और फ़ॉगर से आर्द्रता; फ़र्श से जल-निकास ताकि जड़ें जल में डूबी न रहेंजल और खनिजों का परिवहन; जड़ों का श्वसन
कार्बन डाइऑक्साइडरोशनदान और निकास पंखों से ताज़ा वायु; बड़े व्यावसायिक ग्रीन हाउसों में तो पौधों के पास कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ाने के लिए उसे छोड़ा भी जाता हैप्रकाश संश्लेषण
तापग्रीष्म में रोशनदान, पंखे और पैड-कूलिंग; शीत की रातों में बंद आवरण गरमाहट रोक लेता हैसभी प्रक्रियाएँ उपयुक्त ताप-परास में सर्वोत्तम चलती हैं
खनिजसिंचाई के जल में ही मापी हुई मात्रा में पोषक घोल दिए जाते हैं (फ़र्टिगेशन)वृद्धि और भोजन निर्माण

आपकी रिपोर्ट के लिए नमूना निष्कर्ष: "ग्रीन हाउस प्रकाश संश्लेषण और श्वसन को चाहिए ऐसे प्रत्येक कारक को नियंत्रित करके काम करता है। प्रकाश, जल, कार्बन डाइऑक्साइड, ताप और खनिज — सब अपने सर्वोत्तम मान के पास बनाए रखे जाते हैं, इसलिए फ़सलें तेज़ी से बढ़ती हैं, उपज अधिक होती है और बेमौसम भी उगाई जा सकती हैं।"

यदि आस-पास ग्रीन हाउस न हो: कोई पौधशाला (नर्सरी), खेत का पॉलीहाउस, अथवा घर में पारदर्शी शीट से ढकी बीज-ट्रे भी यही विचार दर्शाती है। एक सप्ताह तक ढकी और बिना ढकी ट्रे की तुलना कीजिए।
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