प्र1.
क्या आपने कभी जंतुओं की भाँति पादपों को भोजन ग्रहण करते देखा है?
उत्तर
नहीं। किसी ने भी पौधे को भोजन खाते नहीं देखा है। जंतु बने-बनाए भोजन को मुख के द्वारा ग्रहण करते हैं, परंतु पौधों में न तो मुख होता है और न पाचन तंत्र — वे कुछ भी निगलते नहीं हैं।
पौधे हरे होते हैं और एक ही स्थान पर स्थिर रहते हैं — यही संकेत है। भोजन ग्रहण करने के स्थान पर वे अपनी पत्तियों में अपना भोजन स्वयं निर्मित करते हैं। पौधे में केवल कच्चा माल प्रवेश करता है — जड़ों से जल और खनिज तथा पत्तियों के सूक्ष्म छिद्रों से कार्बन डाइऑक्साइड।
यह क्यों महत्त्वपूर्ण है: पौधे भोजन बनाते हैं और जंतु नहीं बना सकते, इसलिए मनुष्य सहित प्रत्येक जंतु पौधों पर निर्भर है — या तो प्रत्यक्ष रूप से (रोटी, चावल, सब्ज़ी) अथवा परोक्ष रूप से (दूध, अंडा या माँस, जो पौधे खाने वाले जंतुओं से मिलते हैं)।