हाँ, आस-पास की सभी वस्तुएँ घूमती हुई प्रतीत होती हैं — और वे आपकी अपनी घूर्णन दिशा के विपरीत दिशा में घूमती दिखती हैं।
आप बाहर की ओर मुख करके बैठे हैं और कोई व्यक्ति हिंडोले को धीरे-धीरे वामावर्त दिशा में घुमा रहा है। ऐसे में बेंच, वृक्ष, विद्यालय का भवन और आकाश — सब कुछ आपके परित: दक्षिणावर्त दिशा में घूमता प्रतीत होता है।
| हिंडोला घूमता है | आस-पास की वस्तुएँ घूमती प्रतीत होती हैं | वास्तव में गतिमान कौन |
|---|---|---|
| वामावर्त | दक्षिणावर्त | आप (हिंडोले के साथ) |
| दक्षिणावर्त | वामावर्त | आप (हिंडोले के साथ) |