कुतूहल अध्याय 7 क्रियाकलाप 7.1

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
पिनों का क्या होगा? क्या वे पट्टी से जुड़ी रहेंगी या नीचे गिर जाएँगी?
उत्तर

पिनें पट्टी से जुड़ी नहीं रहेंगी — चारों पिनें एक-एक करके नीचे गिर जाएँगी

ऐसा क्यों होता है: पिनें धातु-पट्टी पर मोम से चिपकाई गई हैं। पट्टी का जो सिरा स्टैंड से दूर है उसे गरम किया जा रहा है और ऊष्मा चालन द्वारा पट्टी में आगे बढ़ती है। जैसे ही ऊष्मा किसी पिन तक पहुँचती है, उस पिन को पकड़े हुए मोम पिघल जाती है और पिन नीचे गिर जाती है।
स्वयं जाँचिए: सभी पिनें एक साथ नहीं गिरतीं। यही एक अवलोकन इस बात का प्रमाण है कि ऊष्मा को गरम सिरे से ठंडे सिरे तक पहुँचने में समय लगता है।
प्र2.
पिनों के नीचे गिरने के क्रम का अनुमान लगाइए।
उत्तर

मोमबत्ती पट्टी के उस सिरे पर रखी है जो स्टैंड से दूर है, और पिनें उसी गरम सिरे से आरंभ करके 1, 2, 3 और 4 से नामांकित हैं (चित्र 7.1)। अतः सही अनुमान होगा —

पिन 1 सर्वप्रथम गिरेगी (लौ के सबसे निकट)
फिर पिन 2
फिर पिन 3
और अंत में पिन 4 (लौ से सबसे दूर)
यही क्रम क्यों: ऊष्मा गरम सिरे से बाहर की ओर फैलती है। जो पिन लौ के जितनी निकट है, उसके नीचे की पट्टी उतनी ही जल्दी इतनी गरम हो जाती है कि मोम पिघल जाए। अतः क्रम केवल दूरी से तय होता है — जो सबसे निकट है, वह सबसे पहले गिरती है।
प्र3.
अपने अवलोकनों को तालिका 7.1 में अंकित कीजिए।
उत्तर

क्रियाकलाप करने के बाद भरी हुई तालिका 7.1 इस प्रकार दिखाई देगी।

तालिका 7.1 — पिनों का गिरना
सर्वप्रथम गिरने वाली पिनआपने जो अवलोकन किया उसके कारण
अनुमानअवलोकन
पिन 1 — क्योंकि यह जलती हुई मोमबत्ती के सबसे निकट हैपिन 1 सर्वप्रथम गिरी, उसके बाद क्रमशः पिन 2, 3 और 4 गिरींऊष्मा धातु-पट्टी में गरम सिरे से ठंडे सिरे की ओर चालन द्वारा आगे बढ़ती है। वह पिन 1 तक सबसे पहले पहुँचती है, अतः उसके नीचे की मोम पहले पिघलती है। पिन 2, 3 और 4 क्रमशः दूर होती जाती हैं, इसलिए वहाँ ऊष्मा पहुँचने में अधिक समय लगता है।
क्या आप जानते हैं? यदि यही क्रियाकलाप मोमबत्ती को पट्टी के मध्य में रखकर किया जाए, तो लौ के दोनों ओर समान दूरी पर स्थित दोनों पिनें लगभग एक साथ गिरेंगी। यही बात अभ्यास के प्रश्न 1 (ii) में पूछी गई है।
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