प्र1.
प्रत्येक बोतल में से प्रवाहित होकर निकलने वाले जल की मात्रा का अनुमान लगाइए।
उत्तर
उल्टी रखी तीन बोतलों — एक में मृदा, एक में बालू और एक में बजरी — में 200 mL जल डाला जाता है और 10 मिनट तक बहकर आया जल एकत्र किया जाता है (चित्र 7.10)। उचित अनुमान होगा —
बोतल 3 (बजरी) → सबसे अधिक जल, और सबसे तीव्र गति से
बोतल 2 (बालू) → मध्यम मात्रा में जल
बोतल 1 (मृदा) → सबसे कम जल, और सबसे धीमी गति से
बोतल 2 (बालू) → मध्यम मात्रा में जल
बोतल 1 (मृदा) → सबसे कम जल, और सबसे धीमी गति से
अनुमान का आधार: कणों के बीच का स्थान जितना चौड़ा होगा, जल उतनी ही सरलता से उसमें से निकल सकेगा। बजरी के कण बड़े होते हैं और उनके बीच चौड़े अंतराल होते हैं; बालू के कण उससे कहीं छोटे होते हैं; मृदा के कण सबसे महीन होते हैं और इतने सटकर बैठते हैं कि जल के लिए खुला मार्ग बचता ही नहीं।
स्वयं जाँचिए: तीनों के लिए बोतल का आकार, 200 mL जल और 10 मिनट का समय एक-जैसा रखिए, अन्यथा तुलना उचित नहीं होगी।