कुतूहल अध्याय 8 आइए, और अधिक सीखें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
उस कार की चाल का परिकलन कीजिए जो 10 सेकंड में 150 मीटर चलती है। अपने उत्तर को km/h में व्यक्त कीजिए।
उत्तर
चाल = चली गई कुल दूरी ÷ लिया गया कुल समय
= 150 m ÷ 10 s
= 15 m/s

अब m/s को km/h में बदलिए:

150 m = 150 ÷ 1000 km = 0.15 km
10 s = 10 ÷ 3600 h
चाल = 0.15 km ÷ (10/3600) h = 0.15 × 360 = 54 km/h

संक्षिप्त विधि से भी वही उत्तर मिलता है:

1 m/s = 3.6 km/h
15 m/s = 15 × 3.6 = 54 km/h
3.6 कहाँ से आता है: 1 m/s की चाल से चलती वस्तु 1 सेकंड में 1 m चलती है। 1 घंटे (3600 s) में वह 3600 m = 3.6 km चलेगी। अतः 1 m/s और 3.6 km/h एक ही चाल हैं — एक ओर जाते समय 3.6 से गुणा, लौटते समय 3.6 से भाग।
प्र2.
एक धावक 50 सेकंड में 400 मीटर की दूरी तय करता है। कोई दूसरा धावक यही दूरी 45 सेकंड में पूरी करता है। किसकी चाल अधिक है और कितनी अधिक है?
उत्तर
पहला धावक: चाल = 400 m ÷ 50 s = 8 m/s
दूसरा धावक: चाल = 400 m ÷ 45 s = 8.89 m/s (8 8/9 m/s) ≈ 8.9 m/s

दूसरे धावक की चाल अधिक है — जिसने समान दूरी कम समय में पूरी की।

अंतर = 8.89 m/s − 8 m/s = 0.89 m/s (ठीक-ठीक 8/9 m/s ≈ 0.9 m/s)

km/h में संख्याएँ और भी सरल आती हैं:

8 m/s = 8 × 3.6 = 28.8 km/h
8.89 m/s = 8.89 × 3.6 = 32 km/h
अंतर = 32 − 28.8 = 3.2 km/h
कम समय का अर्थ अधिक चाल क्यों: दोनों की दूरी समान है, अतः चाल केवल हर में लिखे समय पर निर्भर करती है। हर छोटा होने पर भागफल बड़ा हो जाता है। 400 m की दौड़ में 5 s की बचत ने चाल लगभग 0.9 m/s बढ़ा दी।
प्र3.
एक रेलगाड़ी 25 m/s की चाल से चलती है और 360 km की दूरी तय करती है। इसे यह दूरी तय करने में कितना समय लगता है?
उत्तर
लिया गया कुल समय = चली गई कुल दूरी ÷ चाल

चाल m/s में है, अतः पहले दूरी को मीटर में बदलिए:

360 km = 360 × 1000 m = 3,60,000 m
समय = 3,60,000 m ÷ 25 m/s = 14,400 s
14,400 s ÷ 60 = 240 min = 240 ÷ 60 = 4 h

km/h में हल करके जाँच कीजिए:

25 m/s = 25 × 3.6 = 90 km/h
समय = 360 km ÷ 90 km/h = 4 h
सुझाव: इस अध्याय की सबसे आम भूल मात्रकों को मिला देना है। भाग देने से पहले देखिए कि दोनों राशियाँ एक ही परिवार की हैं या नहीं — m के साथ s, अथवा km के साथ h।
प्र4.
कोई रेलगाड़ी 3 घंटे में 180 km की दूरी तय करती है। इसकी चाल का परिकलन कीजिए — (i) km/h में (ii) m/s में (iii) यदि रेलगाड़ी अपनी संपूर्ण यात्रा में समान चाल बनाए रखती है तो 4 घंटे में यह कितनी दूरी तय करेगी?
उत्तर

(i) km/h में

चाल = 180 km ÷ 3 h = 60 km/h

(ii) m/s में

180 km = 1,80,000 m  ·  3 h = 3 × 3600 s = 10,800 s
चाल = 1,80,000 m ÷ 10,800 s = 16.67 m/s (अर्थात 50/3 m/s ≈ 16.7 m/s)
जाँच: 60 ÷ 3.6 = 16.67 m/s ✔

(iii) समान चाल पर 4 घंटे में दूरी

कुल चली गई दूरी = चाल × चलने में लिया गया कुल समय
= 60 km/h × 4 h = 240 km
भाग (iii) में 'समान चाल बनाए रखती है' क्यों आवश्यक है: दूरी = चाल × समय सूत्र पूरी यात्रा के लिए एक ही चाल मानता है। यह तभी उचित है जब गति एकसमान हो; अन्यथा उन 4 घंटों की औसत चाल चाहिए होती, जो प्रश्न में दी ही नहीं गई है।
प्र5.
सबसे अधिक चाल से चौकड़ी भरता हुआ घोड़ा लगभग 18 m/s तक की चाल प्राप्त कर सकता है। 72 km/h की चाल से गतिमान रेलगाड़ी की तुलना में यह कम है या अधिक है?
उत्तर

तुलना से पहले दोनों चालों को एक ही मात्रक में लाइए।

रेलगाड़ी: 72 km/h = 72 ÷ 3.6 = 20 m/s
घोड़ा: 18 m/s = 18 × 3.6 = 64.8 km/h
m/s मेंkm/h में
चौकड़ी भरता घोड़ा1864.8
रेलगाड़ी2072

घोड़े की चाल रेलगाड़ी से कम है। रेलगाड़ी 2 m/s (अर्थात 7.2 km/h) अधिक तेज है। दूसरे शब्दों में, घोड़े की चाल 18 ÷ 20 = 0.9, अर्थात रेलगाड़ी की चाल का 90% है — किसी पशु के लिए यह बहुत अधिक है।

बिना रूपांतरण के तुलना क्यों असंभव है: 72 की संख्या 18 से चार गुनी दिखती है, जिससे भ्रम होता है कि रेलगाड़ी चार गुनी तेज है। मात्रक भिन्न होने के कारण इन संख्याओं की तुलना की ही नहीं जा सकती। पहले मात्रक समान कीजिए, तब तुलना कीजिए।
प्र6.
एक यातायात विहीन सरल रेखीय राजमार्ग पर गतिमान कार तथा एक अन्य कार जो शहर के यातायात के बीच चल रही है, इन दोनों का उदाहरण लेते हुए एकसमान एवं असमान गति के बीच विभेद कीजिए।
उत्तर
अंतर का आधारयातायात विहीन सीधे राजमार्ग पर कारशहर के यातायात में कार
गति का प्रकारएकसमान रेखीय गतिअसमान रेखीय गति
चालनियत रहती है, जैसे 60 km/h, क्योंकि उसे बदलने की कोई विवशता नहींनिरंतर बदलती है — लाल बत्ती और चौराहों पर धीमी, रास्ता खुलते ही तेज
समान समय-अंतरालों में दूरीसमान: प्रत्येक मिनट में 1 kmअसमान: एक मिनट में 1 km, अगले मिनट में केवल 300 m
चालमापी का पाठ्यांकसुई लगभग एक ही स्थान पर टिकी रहती हैसुई ऊपर-नीचे होती रहती है और संकेत पर शून्य तक आ जाती है
दूरी-समय ग्राफसरल रेखामुड़ी हुई असमान रेखा, रुकने पर क्षैतिज
किसी क्षण की चाल बनाम औसत चालऔसत चाल के बराबरकभी अधिक, कभी कम

दोनों कारें सीधी सड़क पर चल रही हैं, अतः दोनों की गति रेखीय है। अंतर केवल इस बात का है कि चाल नियत रहती है या नहीं।

वास्तविक यात्राएँ प्रायः एकसमान क्यों नहीं होतीं: राजमार्ग वाली कार को भी टोल प्लाजा या मोड़ पर धीमा होना ही पड़ता है। एकसमान रेखीय गति एक आदर्श अवधारणा है — इसीलिए पुस्तक कहती है कि हमें औसत चालों का उपयोग करना पड़ता है।
प्र7.
विभिन्न समय-अंतरालों में किसी वस्तु द्वारा चलित दूरियों के आँकड़े तालिका में दिए गए हैं। यदि वस्तु एकसमान गति में है तो तालिका में छोड़े गए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए — समय(s): 0, 10, 20, 30, __, 50, __, 70 ; दूरी(m): 0, 8, __, 24, 32, 40, __, 56
उत्तर

पहले किसी ऐसे युग्म से चाल ज्ञात कीजिए जिसके दोनों मान दिए हैं, फिर उसी चाल से प्रत्येक रिक्त स्थान भरिए।

चाल = 8 m ÷ 10 s = 0.8 m/s
किसी अन्य पूर्ण युग्म से जाँच: 24 m ÷ 30 s = 0.8 m/s ✔ तथा 40 m ÷ 50 s = 0.8 m/s ✔

अब दूरी = 0.8 × समय तथा समय = दूरी ÷ 0.8 से रिक्त स्थान भरिए:

20 s पर दूरी = 0.8 × 20 = 16 m
32 m के लिए समय = 32 ÷ 0.8 = 40 s
सातवाँ स्तंभ (50 s और 70 s के बीच) = 60 s, तथा दूरी = 0.8 × 60 = 48 m
समय (s)010203040506070
दूरी (m)08162432404856

भरे गए मान नारंगी रंग में हैं: 16 m, 40 s, 60 s तथा 48 m

0 20 40 60 70 0 16 32 48 56 समय (s) दूरी (m)
आठों पाठ्यांक एक ही सरल रेखा पर, मूल बिंदु से होकर, स्थित हैं — यही एकसमान गति की पहचान है। नारंगी बिंदु भरे गए मान हैं।
एक सरल रेखा ही पर्याप्त क्यों है: एकसमान गति में वस्तु प्रत्येक सेकंड में 0.8 m चलती है, चाहे गिनती कहीं से भी आरंभ करें। इसलिए दूरी और समय एक निश्चित अनुपात में साथ-साथ बढ़ते हैं और ग्राफ मूल बिंदु से जाती सरल रेखा ही हो सकता है। तब कोई भी रिक्त मान इसी रेखा से सीधे पढ़ा जा सकता है।
प्र8.
कोई कार अपनी यात्रा के पहले घंटे में 60 km, दूसरे घंटे में 70 km और तीसरे घंटे में 50 km की दूरी तय करती है। क्या इसकी गति एकसमान है? अपने उत्तर का औचित्य बताइए। कार की औसत चाल का परिकलन कीजिए।
उत्तर

नहीं, इसकी गति एकसमान नहीं है।

औचित्य: एकसमान गति में वस्तु समान समय-अंतरालों में समान दूरियाँ तय करती है। यहाँ समय-अंतराल तो समान हैं (एक-एक घंटा), किंतु दूरियाँ समान नहीं हैं:

पहला घंटा → 60 km  ·  दूसरा घंटा → 70 km  ·  तीसरा घंटा → 50 km
60 km ≠ 70 km ≠ 50 km ⇒ असमान गति

औसत चाल:

चली गई कुल दूरी = 60 + 70 + 50 = 180 km
लिया गया कुल समय = 1 + 1 + 1 = 3 h
औसत चाल = 180 km ÷ 3 h = 60 km/h
SI मात्रक में: 60 ÷ 3.6 = 16.67 m/s
पहले जोड़कर फिर एक ही बार भाग क्यों देते हैं: औसत चाल = कुल दूरी ÷ कुल समय होती है, तीनों अलग-अलग चालों का औसत नहीं। यहाँ दोनों उत्तर संयोग से समान ((60+70+50)/3 = 60) इसलिए आए क्योंकि तीनों अंतराल बराबर हैं। यदि कार 1 घंटे में 60 km और 2 घंटे में 70 km चलती, तो चालों का औसत निकालने पर उत्तर गलत आता।
क्या आप जानते हैं? कार की औसत चाल 60 km/h ठीक वही है जो उसकी पहले घंटे की चाल थी — फिर भी दूसरे या तीसरे घंटे के किसी क्षण वह 'औसत' चाल से नहीं चल रही थी। औसत चाल पूरी यात्रा का सारांश है, किसी क्षण का वर्णन नहीं।
प्र9.
दैनिक जीवन में हमें सामान्यतः किस प्रकार की गति दृष्टिगत होती है — एकसमान गति अथवा असमान गति? अपने अनुभव के आधार पर अपने उत्तर के समर्थन में तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर

दैनिक जीवन में असमान गति ही कहीं अधिक दिखाई देती है। एकसमान रेखीय गति एक आदर्श अवधारणा है; लंबी दूरियों तक या दीर्घकाल तक अचर चाल से चलती वस्तु हमें कठिनाई से ही मिलती है।

  1. प्रातः विद्यालय की बस। खुली सड़क पर चाल बढ़ाती है, गति-अवरोधकों पर धीमी होती है और प्रत्येक ठहराव तथा लाल बत्ती पर पूरी तरह रुक जाती है। एक मिनट में 600 m और अगले मिनट में केवल 100 m।
  2. विद्यालय या बाजार तक पैदल जाना। आरंभ में धीमे, देर होने पर तेज, चौराहे पर धीमे और मित्र से मिलने पर रुक जाना — प्रत्येक मिनट में तय दूरी बदलती रहती है।
  3. बल्ले से लगने के बाद क्रिकेट की गेंद। बल्ले से बहुत तेज निकलती है, वायु में धीमी पड़ती है और भूमि पर लगने के बाद लुढ़कते हुए और धीमी होकर सीमा-रेखा तक पहुँचती है।

दो और उदाहरण रेल-यात्रा से: चित्र 8.11 की रेलगाड़ी 'क' से 'ख' तक चाल पकड़ते हुए असमान गति में है और 'ग' से 'घ' तक रुकते हुए फिर असमान — एकसमान केवल बीच के 'ख' से 'ग' खंड में।

एकसमान गति इतनी दुर्लभ क्यों है: चाल को ठीक-ठीक नियत रखने के लिए वस्तु को धीमा करने वाली प्रत्येक बात — घर्षण, वायु का प्रतिरोध, यातायात, मोड़, ढलान — प्रति सेकंड संतुलित करनी पड़ेगी। दैनिक जीवन में ऐसा लगभग कभी नहीं होता। इसके निकटतम उदाहरण घड़ी की सेकंड सुई का सिरा या एक ही चाल पर चलता पंखा हैं।
प्र10.
तालिका में किसी वस्तु की गति संबंधी आँकड़े दिए गए हैं। बताइए कि वस्तु की चाल एकसमान है अथवा असमान। उसकी औसत चाल ज्ञात कीजिए। — समय(s): 0, 10, 20, 30, 40, 50, 60, 70, 80, 90, 100 ; दूरी(m): 0, 6, 10, 16, 21, 29, 35, 42, 45, 55, 60
उत्तर

क्रमागत दूरियों को घटाकर प्रत्येक 10-सेकंड के अंतराल में तय दूरी ज्ञात कीजिए।

समय (s)0102030405060708090100
दूरी (m)06101621293542455560
उस अंतराल में तय दूरी (m)64658673105

समय-अंतराल सभी समान हैं (प्रत्येक 10 s), किंतु उनमें तय की गई दूरियाँ — 6, 4, 6, 5, 8, 6, 7, 3, 10, 5 m — समान नहीं हैं।

अतः वस्तु की चाल असमान है।

औसत चाल = चली गई कुल दूरी ÷ लिया गया कुल समय
= 60 m ÷ 100 s
= 0.6 m/s
km/h में: 0.6 × 3.6 = 2.16 km/h
0 30 60 90 0 20 40 60 समय (s) दूरी (m) वास्तविक गति औसत 0.6 m/s
पाठ्यांकों को जोड़ने वाली लाल रेखा असमान है — चाल बदलती रहती है। धूसर बिंदुदार रेखा वह सरल पथ है जो वस्तु अपनी औसत चाल 0.6 m/s से एकसमान गति करने पर बनाती।
ग्राफ शीघ्र उत्तर क्यों देता है: इसमें घटाने की भी आवश्यकता नहीं। यदि सभी बिंदु एक सरल रेखा पर हों तो गति एकसमान है; रेखा मुड़ी हो तो असमान। यहाँ रेखा 80 s से 90 s के बीच सबसे अधिक ढलवाँ है (10 s में 10 m = 1 m/s, सबसे तेज खंड) और 70 s से 80 s के बीच सबसे कम (10 s में 3 m = 0.3 m/s, सबसे धीमा खंड)।
प्र11.
कोई वाहन एक सरल रेखा के अनुदिश गतिमान है और यह 2 km की दूरी तय करता है। पहले 500 m यह 10 m/s की चाल से चलता है और अगले 500 m यह 5 m/s की चाल से चलता है। शेष बची दूरी इसको कितनी चाल से चलना चाहिए जिससे इसकी पूरी यात्रा 200 s में समाप्त हो जाए? पूरी यात्रा के लिए वाहन की औसत चाल कितनी है?
उत्तर

पहले दोनों खंडों में लगा समय ज्ञात कीजिए, फिर देखिए कि कितनी दूरी और कितना समय शेष बचा।

कुल दूरी = 2 km = 2000 m

पहला खंड: समय = 500 m ÷ 10 m/s = 50 s
दूसरा खंड: समय = 500 m ÷ 5 m/s = 100 s
अब तक लगा समय = 50 + 100 = 150 s
शेष दूरी = 2000 − (500 + 500) = 1000 m
शेष समय = 200 s − 150 s = 50 s
अपेक्षित चाल = 1000 m ÷ 50 s = 20 m/s (= 72 km/h)

पूरी यात्रा की औसत चाल:

औसत चाल = कुल दूरी ÷ कुल समय
= 2000 m ÷ 200 s = 10 m/s (= 36 km/h)
500 m 500 m 1000 m 10 m/s 5 m/s 20 m/s (अपेक्षित) 50 s 100 s 50 s पूरी यात्रा: 200 s में 2000 m
यात्रा के तीनों खंड। पट्टियों की चौड़ाई दूरियों के अनुपात में है।
औसत (10 + 5 + 20) ÷ 3 = 11.67 m/s क्यों नहीं है: तीनों चालें अलग-अलग अवधि तक बनी रहीं — 50 s, 100 s और 50 s। 5 m/s वाला धीमा खंड शेष दोनों से दोगुनी देर चला, इसलिए वह औसत को नीचे खींचता है। औसत चाल सदैव कुल दूरी ÷ कुल समय से ही निकाली जाती है।
स्वयं जाँचिए: तीनों समय जोड़िए, 50 + 100 + 50 = 200 s ✔, और तीनों दूरियाँ, 500 + 500 + 1000 = 2000 m ✔। दोनों योग प्रश्न से मेल खाते हैं, अतः उत्तर संगत है।
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