= 150 m ÷ 10 s
= 15 m/s
अब m/s को km/h में बदलिए:
10 s = 10 ÷ 3600 h
चाल = 0.15 km ÷ (10/3600) h = 0.15 × 360 = 54 km/h
संक्षिप्त विधि से भी वही उत्तर मिलता है:
15 m/s = 15 × 3.6 = 54 km/h
अद्यतन2026-09-05
अब m/s को km/h में बदलिए:
संक्षिप्त विधि से भी वही उत्तर मिलता है:
दूसरे धावक की चाल अधिक है — जिसने समान दूरी कम समय में पूरी की।
km/h में संख्याएँ और भी सरल आती हैं:
चाल m/s में है, अतः पहले दूरी को मीटर में बदलिए:
km/h में हल करके जाँच कीजिए:
(i) km/h में
(ii) m/s में
(iii) समान चाल पर 4 घंटे में दूरी
तुलना से पहले दोनों चालों को एक ही मात्रक में लाइए।
| m/s में | km/h में | |
|---|---|---|
| चौकड़ी भरता घोड़ा | 18 | 64.8 |
| रेलगाड़ी | 20 | 72 |
घोड़े की चाल रेलगाड़ी से कम है। रेलगाड़ी 2 m/s (अर्थात 7.2 km/h) अधिक तेज है। दूसरे शब्दों में, घोड़े की चाल 18 ÷ 20 = 0.9, अर्थात रेलगाड़ी की चाल का 90% है — किसी पशु के लिए यह बहुत अधिक है।
| अंतर का आधार | यातायात विहीन सीधे राजमार्ग पर कार | शहर के यातायात में कार |
|---|---|---|
| गति का प्रकार | एकसमान रेखीय गति | असमान रेखीय गति |
| चाल | नियत रहती है, जैसे 60 km/h, क्योंकि उसे बदलने की कोई विवशता नहीं | निरंतर बदलती है — लाल बत्ती और चौराहों पर धीमी, रास्ता खुलते ही तेज |
| समान समय-अंतरालों में दूरी | समान: प्रत्येक मिनट में 1 km | असमान: एक मिनट में 1 km, अगले मिनट में केवल 300 m |
| चालमापी का पाठ्यांक | सुई लगभग एक ही स्थान पर टिकी रहती है | सुई ऊपर-नीचे होती रहती है और संकेत पर शून्य तक आ जाती है |
| दूरी-समय ग्राफ | सरल रेखा | मुड़ी हुई असमान रेखा, रुकने पर क्षैतिज |
| किसी क्षण की चाल बनाम औसत चाल | औसत चाल के बराबर | कभी अधिक, कभी कम |
दोनों कारें सीधी सड़क पर चल रही हैं, अतः दोनों की गति रेखीय है। अंतर केवल इस बात का है कि चाल नियत रहती है या नहीं।
पहले किसी ऐसे युग्म से चाल ज्ञात कीजिए जिसके दोनों मान दिए हैं, फिर उसी चाल से प्रत्येक रिक्त स्थान भरिए।
अब दूरी = 0.8 × समय तथा समय = दूरी ÷ 0.8 से रिक्त स्थान भरिए:
| समय (s) | 0 | 10 | 20 | 30 | 40 | 50 | 60 | 70 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| दूरी (m) | 0 | 8 | 16 | 24 | 32 | 40 | 48 | 56 |
भरे गए मान नारंगी रंग में हैं: 16 m, 40 s, 60 s तथा 48 m।
नहीं, इसकी गति एकसमान नहीं है।
औचित्य: एकसमान गति में वस्तु समान समय-अंतरालों में समान दूरियाँ तय करती है। यहाँ समय-अंतराल तो समान हैं (एक-एक घंटा), किंतु दूरियाँ समान नहीं हैं:
औसत चाल:
दैनिक जीवन में असमान गति ही कहीं अधिक दिखाई देती है। एकसमान रेखीय गति एक आदर्श अवधारणा है; लंबी दूरियों तक या दीर्घकाल तक अचर चाल से चलती वस्तु हमें कठिनाई से ही मिलती है।
दो और उदाहरण रेल-यात्रा से: चित्र 8.11 की रेलगाड़ी 'क' से 'ख' तक चाल पकड़ते हुए असमान गति में है और 'ग' से 'घ' तक रुकते हुए फिर असमान — एकसमान केवल बीच के 'ख' से 'ग' खंड में।
क्रमागत दूरियों को घटाकर प्रत्येक 10-सेकंड के अंतराल में तय दूरी ज्ञात कीजिए।
| समय (s) | 0 | 10 | 20 | 30 | 40 | 50 | 60 | 70 | 80 | 90 | 100 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| दूरी (m) | 0 | 6 | 10 | 16 | 21 | 29 | 35 | 42 | 45 | 55 | 60 |
| उस अंतराल में तय दूरी (m) | — | 6 | 4 | 6 | 5 | 8 | 6 | 7 | 3 | 10 | 5 |
समय-अंतराल सभी समान हैं (प्रत्येक 10 s), किंतु उनमें तय की गई दूरियाँ — 6, 4, 6, 5, 8, 6, 7, 3, 10, 5 m — समान नहीं हैं।
अतः वस्तु की चाल असमान है।
पहले दोनों खंडों में लगा समय ज्ञात कीजिए, फिर देखिए कि कितनी दूरी और कितना समय शेष बचा।
पूरी यात्रा की औसत चाल: