प्र1.
मैंने एक बार एक सीधी सड़क पर लंबी दौड़ (मैराथन) के एक भाग को देखा। मुझे ऐसा लगा कि कुछ व्यक्ति उस पूरी दूरी में समान चाल से दौड़ रहे थे जबकि कुछ अन्य व्यक्ति या तो अपनी चाल धीमी कर रहे थे या बढ़ा रहे थे। उनकी गति भिन्न कैसे थी?
उत्तर
दोनों प्रकार के धावक रेखीय गति के दो भिन्न रूपों में थे।
| जो समान चाल से दौड़ रहे थे | जो चाल घटा-बढ़ा रहे थे |
|---|---|
| एकसमान रेखीय गति — सरल रेखा में नियत चाल से गति | असमान रेखीय गति — सरल रेखा में ऐसी गति जिसमें चाल बदलती रहती है |
| समान समय-अंतरालों में समान दूरियाँ तय करते हैं (जैसे प्रत्येक मिनट में 200 m) | समान समय-अंतरालों में असमान दूरियाँ तय करते हैं (एक मिनट में 250 m, अगले में 150 m) |
| किसी भी क्षण की चाल उनकी औसत चाल के बराबर होती है | किसी क्षण की चाल औसत चाल से कम या अधिक हो सकती है |
दोनों वर्ग एक ही सीधी सड़क पर दौड़ रहे थे, अतः दोनों की गति रेखीय है। अंतर केवल इतना है कि चाल नियत रही या नहीं।
'रेखीय' और 'एकसमान' दो अलग बातें क्यों हैं: 'रेखीय' पथ बताता है — सरल रेखा। 'एकसमान' चाल बताता है — अपरिवर्तित। वृत्ताकार पथ पर 40 km/h की नियत चाल से चलती कार की चाल तो नहीं बदलती, पर पथ सरल रेखा नहीं है, अतः वह एकसमान रेखीय गति में नहीं है।