कक्षा ७ विज्ञान अध्याय 9 क्रियाकलाप 9.1: आइए, जाँच करें के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
एक बिंदुपाती की सहायता से दोनों परखनलियों में आयोडीन विलयन की 3-4 बूँदें डालिए। इन्हें अच्छी तरह मिलाइए और अवलोकन कीजिए। अपने अवलोकनों को तालिका 9.1 में अभिलेखित कीजिए।
तालिका 9.1 — मंड पर लार की क्रिया
परखनलीआयोडीन मिलाने से पूर्व मूल रंगआयोडीन मिलाने के पश्चात रंगरंग में परिवर्तन का संभावित कारण (यदि कोई हो)
(क) उबले हुए चावल
(ख) चबाए गए उबले चावल

तालिका 9.1 जैसी पृष्ठ 123 पर छपी है — इसे स्वयं भरिए।

उत्तर

आयोडीन मंड की जाँच है — जहाँ मंड उपस्थित है वहाँ यह नीला-काला रंग देता है और जहाँ मंड नहीं है वहाँ अपने ही भूरे-नारंगी रंग में बना रहता है।

तालिका 9.1 — मंड पर लार की क्रिया
परखनलीआयोडीन मिलाने से पूर्व मूल रंगआयोडीन मिलाने के पश्चात रंगरंग में परिवर्तन का संभावित कारण (यदि कोई हो)
(क) उबले हुए चावलदूधिया सफेद (चावल + जल)नीला-कालाचावल चबाए नहीं गए, अतः उन पर लार की कोई क्रिया नहीं हुई। मंड ज्यों-का-त्यों उपस्थित है और आयोडीन मंड के साथ नीला-काला रंग देता है।
(ख) चबाए गए उबले चावलदूधिया सफेद (चावल + जल)रंग में कोई परिवर्तन नहीं — भूरा-नारंगी ही रहता है; अथवा बहुत हल्का नीला-कालाचबाते समय लार के पाचक रस ने मंड को सरल शर्कराओं में विघटित कर दिया। मंड नहीं बचा या बहुत कम बचा, इसलिए आयोडीन अपना नीला-काला रंग नहीं दे पाता।
ऐसा क्यों होता है: दोनों परखनलियों में केवल एक ही अंतर है — चावल पर लार की क्रिया हुई या नहीं। अतः रंग में जो भी अंतर दिखे, उसका कारण केवल लार ही हो सकती है। यही बात इस क्रियाकलाप को एक उचित (निष्पक्ष) परीक्षण बनाती है।
स्वयं जाँचिए: यदि परखनली 'ख' अब भी काफी गहरी हो जाए तो आपने पर्याप्त देर तक नहीं चबाया। 60–90 सेकंड तक चबाकर दोहराइए, रंग और हल्का पड़ जाएगा।
क्या यह उपयोगी रहा?