कुतूहल अध्याय 9 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
आपके विचार से आपके मुख में लार की क्या भूमिका है? जब आप रोटी खाते हैं तो आपको क्या अनुभव होता है?
उत्तर

मुख में लार की दो भूमिकाएँ हैं —

  1. यह भोजन को आर्द्र करती है। जिह्वा चबाए गए भोजन को लार के साथ मिलाती है जिससे वह मृदु और चिकना हो जाता है तथा सरलता से निगला जाकर ग्रासनली में उतर जाता है।
  2. यह पाचन आरंभ करती है। लार में एक पाचक रस होता है जो मंड को शर्करा में विघटित करता है।

रोटी खाते समय आरंभ में उसका सामान्य स्वाद ही आता है। परंतु यदि उसे 30–60 सेकंड तक मुँह में रखकर चबाते रहें तो उसमें मिठास आने लगती है

ऐसा क्यों होता है: रोटी में मंड होता है जो एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है। मंड स्वयं मीठा नहीं होता। लार में उपस्थित पाचक रस मंड को शर्करा में विघटित कर देता है और शर्करा मीठी होती है — इसलिए जितनी देर चबाएँगे, रोटी उतनी ही अधिक मीठी लगेगी।
प्र2.
आप रोटी का एक ग्रास (टुकड़ा) लें अथवा इसकी समान मात्रा में उबले हुए चावल लें और इन्हें 30-60 सेकंड तक अच्छी तरह चबाएँ। सबसे पहले आपको रोटी अथवा चावल का अपना सामान्य स्वाद आया होगा परंतु इसे चबाते रहने पर क्या आपको इसके स्वाद में कोई अंतर का अनुभव होता है? इसके स्वाद में मिठास आने लगती है। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है?
उत्तर

हाँ — स्वाद बदल जाता है। चबाते रहने पर रोटी अथवा चावल में धीरे-धीरे मिठास आने लगती है

रोटी / उबले चावल → इनमें मंड (कार्बोहाइड्रेट) होता है — जो मीठा नहीं है
मंड + लार का पाचक रस → शर्करा — जो मीठी है
अर्थात् अधिक देर चबाना → अधिक मंड शर्करा में बदलना → अधिक मिठास
ऐसा क्यों होता है: लार केवल पानी नहीं है। उसमें एक पाचक रस होता है जो मंड पर क्रिया करके उसे सरल शर्करा में तोड़ देता है। इसीलिए मंड का पाचन आमाशय में नहीं, मुख में ही आरंभ हो जाता है।
स्वयं कीजिए: रोटी का एक टुकड़ा केवल 5 सेकंड चबाकर स्वाद देखिए, फिर दूसरा टुकड़ा पूरे एक मिनट तक चबाइए। अंतर स्पष्ट अनुभव होगा और यही लार की क्रिया का प्रमाण है।
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