गणित प्रकाश अध्याय 1 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
गणितीय संक्रिया √ (वर्गमूल, घनमूल आदि) के लिए ‘मूल’ (पौधे की जड़) शब्द का प्रयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर

क्योंकि प्राचीन भारत में इस संक्रिया के लिए संस्कृत शब्द मूल प्रयुक्त होता था, जिसका अर्थ है पौधे की जड़, और साथ ही आधार, कारण, उत्पत्ति।

  • वर्ग = वर्गाकार आकृति, उसका क्षेत्रफल तथा दूसरी घात; वर्ग-मूल = वर्गमूल।
  • घन = ठोस घन तथा तीसरी घात; घन-मूल = घनमूल।
  • पाद (पैर, आधार, उत्पत्ति) भी मूल के लिए प्रयुक्त होता था। ब्रह्मगुप्त (628 सामान्य संवत्) के अनुसार, "किसी कृति (वर्ग) का पाद (मूल) वह है जिसका वह वर्ग होता है।"
यह उपमा क्यों ठीक बैठती है: जड़ वह है जिससे कोई वस्तु उपजती है। 9 का वर्ग बनने पर 3 ही वह संख्या है जिससे 9 'उपजा' है, अत: 3 को 9 का मूल कहना पौधे और उसकी जड़ वाला ही चित्र है। यह शब्द आगे भी गया — अरबी में जिध्र और लैटिन में radix, दोनों का अर्थ पौधे की जड़ ही है, और अंग्रेज़ी का 'root' तथा 'radical' लैटिन से आए हैं।
क्या आप जानते हैं? इस गणितीय अर्थ में 'मूल' शब्द भारत में कम से कम पहली शताब्दी सामान्य संवत् पूर्व से और 'वर्ग' तथा 'घन' कम से कम तीसरी शताब्दी सामान्य संवत् पूर्व से प्रयोग में हैं। चौथी घात का अपना नाम था — वर्ग-वर्ग
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ