गणित प्रकाश अध्याय 1 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
ज्ञात कीजिए कि दो क्रमागत पूर्ण वर्गों के मध्य कितनी प्राकृत संख्याएँ आती हैं? क्या आपने किसी प्रतिरूप का अवलोकन किया?
उत्तर

n2 और (n+1)2 के मध्य ठीक 2n संख्याएँ आती हैं।

वर्गबीच की संख्याएँकितनी2n
1 और 42, 322 × 1
4 और 95, 6, 7, 842 × 2
9 और 1610 … 1562 × 3
16 और 2517 … 2482 × 4
ऐसा क्यों होता है: अंतर स्वयं (n + 1)2 – n2 = 2n + 1 है। इस गिनती में एक सिरा सम्मिलित है, अत: ठीक बीच में पड़ने वाली संख्याएँ 2n + 1 – 1 = 2n हैं। उत्तर सदैव सम होता है और n बढ़ने पर बढ़ता जाता है।
संकेत: पुस्तक इसे क्रमागत वर्गों p और q के लिए q – p – 1 के रूप में लिखती है। दोनों एक ही बात हैं — p = n2 और q = (n+1)2 रखने पर q – p – 1 = (2n + 1) – 1 = 2n।
प्र2.
1 और 100 के मध्य कितनी वर्ग संख्याएँ हैं? 101 से 200 के मध्य कितनी वर्ग संख्याएँ हैं? आपने पूर्व में जिस वर्ग तालिका में संख्याएँ अंकित की थी उस तालिका का उपयोग करके नीचे दिए गए स्थानों में मान अंकित कीजिए और 100 के प्रत्येक खंड में वर्गों की संख्या को सारणीबद्ध कीजिए। इसके साथ यह भी बताइए कि 1000 से छोटा सबसे बड़ा वर्ग कौन-सा है?
उत्तर

1000 तक के पूर्ण वर्गों की खंडवार गिनती —

खंडउसमें वर्गकितने
1 – 1001, 4, 9, 16, 25, 36, 49, 64, 81, 10010
101 – 200121, 144, 169, 1964
201 – 300225, 256, 2893
301 – 400324, 361, 4003
401 – 500441, 4842
501 – 600529, 5762
601 – 700625, 6762
701 – 800729, 7842
801 – 900841, 9002
901 – 10009611

कुल = 10 + 4 + 3 + 3 + 2 + 2 + 2 + 2 + 2 + 1 = 1000 से छोटे 31 वर्ग, और सबसे बड़ा वर्ग है

312 = 961 (अगला वर्ग 322 = 1024 है जो 1000 से बड़ा है)
गिनती कम क्यों होती जाती है: क्रमागत वर्गों के बीच का अंतर 2n + 1 है जो लगातार बढ़ता है। आरंभ में अंतर 3, 5, 7 हैं इसलिए 100 के खंड में कई वर्ग आ जाते हैं। 900 के आसपास अंतर लगभग 60 हो जाता है, अत: प्रत्येक खंड में केवल एक-दो वर्ग ही आ पाते हैं।
प्र3.
क्या आपको त्रिभुजाकार संख्याएँ स्मरण हैं? क्या आप त्रिभुजाकार संख्याओं और वर्ग संख्याओं में कोई संबंध देख सकते हैं? दर्शाए गए प्रतिरूप को आगे बढ़ाइए और अगले चरण को रेखांकित कीजिए।
उत्तर

हाँ — दो क्रमागत त्रिभुजाकार संख्याओं का योग सदैव एक वर्ग होता है

1 + 3 = 4 = 22
3 + 6 = 9 = 32
6 + 10 = 16 = 42
10 + 15 = 25 = 52 ← अगला चरण
15 + 21 = 36 = 62

अत: अगला चित्र 5 × 5 बिंदुओं का वर्ग है जिसे सीढ़ीनुमा रेखा 10 बिंदुओं और 15 बिंदुओं के दो त्रिभुजों में बाँटती है।

10 (नीला) + 15 (लाल) = 25 = 5 2
5 × 5 बिंदुओं का वर्ग त्रिभुजाकार संख्याओं 10 और 15 में बँटा हुआ।
ऐसा क्यों होता है: nवीं त्रिभुजाकार संख्या Tn = 1 + 2 + … + n = n(n+1)/2 है। तब
Tn–1 + Tn = (n–1)n/2 + n(n+1)/2 = n[(n–1) + (n+1)]/2 = n × 2n/2 = n2
ज्यामितीय रूप से, n – 1 और n ऊँचाई वाले दो सीढ़ीनुमा त्रिभुज मिलकर ठीक n × n का वर्ग बना देते हैं।
प्र4.
एक वर्ग का क्षेत्रफल 49 वर्ग सेंटीमीटर है। बताइए इसकी एक भुजा की लंबाई क्या है?
उत्तर

भुजा वह संख्या है जिसे स्वयं से गुणा करने पर 49 मिले।

भुजा × भुजा = 49
7 × 7 = 49, अत: भुजा = 7 सेंटीमीटर

हम 7 को 49 का वर्गमूल कहते हैं और √49 = 7 लिखते हैं।

केवल 7 ही क्यों: बीजगणित में 7 और –7 दोनों का वर्ग 49 है, अत: 49 के दो पूर्णांक वर्गमूल हैं। परंतु भुजा एक मापी हुई लंबाई है, इसलिए यहाँ केवल धनात्मक मूल ही अर्थपूर्ण है। इसी कारण इस अध्याय में सर्वत्र धनात्मक वर्गमूल लिया गया है।
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