प्र1.
क्या हम 10³ = 1/10⁻³ लिख सकते हैं?
उत्तर
हाँ।
1 ÷ 10–3 = 1 ÷ (1/103)
= 1 × 103 (भिन्न से भाग देना अर्थात उसके व्युत्क्रम से गुणा करना)
= 103
= 1 × 103 (भिन्न से भाग देना अर्थात उसके व्युत्क्रम से गुणा करना)
= 103
इसी तर्क से 72 = 1/7–2 और 4a = 1/4–a। सामान्यतः
n–a = 1/na तथा na = 1/n–a, जहाँ n ≠ 0
ऐसा क्यों होता है: ऋणात्मक घातांक का अर्थ है "व्युत्क्रम", और व्युत्क्रम दो बार लेने पर आप वहीं लौट आते हैं जहाँ से चले थे। अतः घातांक का ऋण चिह्न सदैव घात को भिन्न की रेखा के आर-पार खिसकाकर बदला जा सकता है — हर से अंश में या अंश से हर में। इस पूरे प्रकरण की सबसे उपयोगी आदत यही है: रेखा पार करती घात अपने घातांक का चिह्न बदल देती है।