लगभग 12 से 13 दिन पूर्व — मोटे तौर पर दो सप्ताह।
मान लीजिए सुविधाजनक चाल = 4 किलोमीटर प्रति घंटा
मान लीजिए प्रतिदिन 8 घंटे पैदल चलना (विश्राम और रात छोड़कर)
प्रतिदिन तय दूरी = 4 × 8 = 32 किलोमीटर
आवश्यक दिन = 400 ÷ 32 = 12.5 दिन
धारणाओं की जाँच कीजिए। 3 किलोमीटर प्रति घंटा की चाल से 6 घंटे प्रतिदिन चलने पर 400 ÷ 18 ≈ 22 दिन; 5 किलोमीटर प्रति घंटा से 10 घंटे प्रतिदिन चलने पर 400 ÷ 50 = 8 दिन। अतः ईमानदार उत्तर है "एक से तीन सप्ताह के बीच, सबसे संभवतः लगभग एक पखवाड़ा"।
ऐसा क्यों होता है: पदयात्रा कोई दौड़ नहीं है, अतः उत्तर को वास्तव में चाल नहीं बल्कि प्रतिदिन की दूरी नियंत्रित करती है। एक बार लगभग 30 किलोमीटर प्रतिदिन तय कर लेने पर गणना केवल एक भाग रह जाती है। यहाँ गणना से पहले अनुमान लगाना विशेष रूप से उपयोगी है: अधिकांश लोगों का पहला अनुमान बहुत कम होता है, क्योंकि हम दूरी को बस के समय से आँकते हैं।
क्या आप जानते हैं? पदयात्रा धार्मिक या आध्यात्मिक साधना के अंतर्गत लंबी दूरी तक पैदल चलने की परंपरागत प्रथा है। अजमेर शरीफ दरगाह जियारत, पंढरपुर वारी, काँवड़ यात्रा, सबरीमाला यात्रा, सम्मेद शिखर जी यात्रा और लुंबिनी से सारनाथ यात्रा कुछ प्रसिद्ध तीर्थयात्राएँ हैं।