प्र1.
दो बार मोड़ने के पश्चात कागज की मोटाई में हुए परिवर्तन पर ध्यान दीजिए। इसमें कितनी वृद्धि हुई है?
उत्तर
मोटाई 4 गुनी हो जाती है।
मोड़ 4 → 0.016 cm, मोड़ 6 → 0.064 cm
0.064 ÷ 0.016 = 4
दूसरे युग्म से जाँच: मोड़ 4 → 0.016, मोड़ 5 → 0.032, अर्थात एक मोड़ दोगुना करता है
दो मोड़: 2 × 2 = 4 गुना
0.064 ÷ 0.016 = 4
दूसरे युग्म से जाँच: मोड़ 4 → 0.016, मोड़ 5 → 0.032, अर्थात एक मोड़ दोगुना करता है
दो मोड़: 2 × 2 = 4 गुना
पुस्तक की अगली पंक्ति में जाँचने को कहा गया है कि 3 मोड़ मोटाई को 8 (= 2 × 2 × 2) गुना करते हैं। मोड़ 9 (0.512 सेंटीमीटर) और मोड़ 12 (4.096 सेंटीमीटर) लीजिए: 4.096 ÷ 0.512 = 8। ✓
ऐसा क्यों होता है: गुणक केवल इस बात पर निर्भर करता है कि कितने मोड़ लगाए गए, इस पर नहीं कि आप कहाँ से आरंभ करते हैं। प्रत्येक मोड़ 2 से गुणा करता है, अतः k मोड़ 2k गुना करते हैं — मोड़ 3 से मोड़ 6 तक या मोड़ 30 से मोड़ 33 तक, वृद्धि वही 8 गुना रहती है। नियम 2a ÷ 2b = 2a–b यही कह रहा है, और इसी कारण इस पृष्ठ की तालिका के "कितने गुना वृद्धि" वाले स्तंभ में प्रत्येक पंक्ति में 1024 ही आता है।