पहले दोनों संख्यांक पढ़िए।
CCXXXI = 100 + 100 + 10 + 10 + 10 + 1 = 231
MDCCCLII = 1000 + 500 + 300 + 50 + 2 = 1852
दूसरे संख्यांक को उसकी सांकेतिक संख्याओं में तोड़कर वितरण गुणधर्म लगाइए:
231 × 1852 = 231 × (1000 + 800 + 50 + 2)
= 231 × 1000 + 231 × 800 + 231 × 50 + 231 × 2
= 231000 + 184800 + 11550 + 462
= 427812
जाँच: 231000 + 184800 = 415800; 415800 + 11550 = 427350; 427350 + 462 = 427812 ✓
अब 427812 को रोमन संख्यांकों में लिखने का प्रयास कीजिए। सबसे बड़ा रोमन प्रतीक M = 1000 है, अत: 427 M लिखने पड़ेंगे और उसके बाद DCCCXII। बाद के रोमन इसका उपाय संख्यांक के ऊपर एक रेखा खींचकर करते थे, जिसका अर्थ था “1000 गुना”:
427812 = 427 हजार + 812
427 = CDXXVII, 812 = DCCCXII
अत: 427812 = C̄D̄X̄X̄V̄Ī Ī DCCCXII
ऐसा क्यों होता है: कार्टून का व्यंग्य यही है। CCXXXI को MDCCCLII से गुणा करने को कहा जाना सचमुच शेर से लड़ने जितना ही सुखद था — इसलिए नहीं कि गणित कठिन है, बल्कि इसलिए कि संकेतन कोई सहायता नहीं देता। हिंदू संख्यांकों में आप 231 × 1852 को स्तंभों में रखकर एक मिनट में कर लेंगे, क्योंकि प्रत्येक हासिल “इनमें से दस मिलकर उनमें से एक” ही है।