z = 0 अथवा z = 9, जिनसे 3105 और 3195 प्राप्त होते हैं।
z एक अंक है, अत: 9 + z का मान 9 से 18 तक है
इस परास में 9 के गुणज: 9 और 18
9 + z = 9 → z = 0 9 + z = 18 → z = 9
जाँच: 3105 = 9 × 345 ✓ तथा 3195 = 9 × 355 ✓
अद्यतन2026-09-05
z = 0 अथवा z = 9, जिनसे 3105 और 3195 प्राप्त होते हैं।
जाँच: 3105 = 9 × 345 ✓ तथा 3195 = 9 × 355 ✓
स्नेहल की पुष्टि सही नहीं है। योग कभी 8 का गुणज होता है और कभी नहीं।
अत: योग सदैव 4 का गुणज है, किंतु 8 का गुणज होने के लिए कोष्ठक 3(n + m) + 1 का सम होना आवश्यक है — अर्थात n + m विषम होना चाहिए।
| a | b | योग | 8 का गुणज? |
|---|---|---|---|
| 8 (n = 0) | 8 (m = 1) | 16 | हाँ |
| 20 (n = 1) | 8 (m = 1) | 28 | नहीं |
| 8 (n = 0) | 20 (m = 2) | 28 | नहीं |
| 20 (n = 1) | 20 (m = 2) | 40 | हाँ |
3 के दो गुणजों का योग 6 का गुणज ठीक तभी होता है जब दोनों संख्याओं की समता समान हो — या तो दोनों सम हों या दोनों विषम।
| स्थिति | उदाहरण | योग | 6 का गुणज? |
|---|---|---|---|
| दोनों सम गुणज (अर्थात 6 के गुणज) | 6 + 12 | 18 | हाँ |
| दोनों विषम गुणज | 9 + 15 | 24 | हाँ |
| एक सम, एक विषम | 6 + 9 | 15 | नहीं |
| एक सम, एक विषम | 12 + 21 | 33 | नहीं |
(i) उनका अनुमान 9 के प्रत्येक गुणज के लिए सत्य है।
(ii) हाँ — अंकों का कोई भी क्रम-परिवर्तन चलेगा, केवल उलटना ही नहीं।
189 लीजिए और उसके सभी क्रम लिखिए—
छहों 9 के गुणज हैं, कारण वही: अंकों का क्रम बदलने से उनका योगफल कभी नहीं बदलता।
युग्म हैं (a, b) = (1, 0), (8, 2), (6, 4), (4, 6) तथा (2, 8)।
2 से विभाज्य: इकाई अंक b सम होना चाहिए → b = 0, 2, 4, 6 या 8।
9 से विभाज्य: अंकों का योगफल 9 का गुणज होना चाहिए।
| b | a + b = 1 से a | a + b = 10 से a | मान्य युग्म |
|---|---|---|---|
| 0 | a = 1 ✓ | a = 10 ✗ | (1, 0) → 481230 |
| 2 | a = – 1 ✗ | a = 8 ✓ | (8, 2) → 488232 |
| 4 | ✗ | a = 6 ✓ | (6, 4) → 486234 |
| 6 | ✗ | a = 4 ✓ | (4, 6) → 484236 |
| 8 | ✗ | a = 2 ✓ | (2, 8) → 482238 |
एक की जाँच: 481230 → अंक-योग 18 ✓, अंत 0 पर ✓, और 481230 = 18 × 26735 ✓
युग्म हैं (p, q) = (7, 0), (5, 2), (3, 4) तथा (1, 6)।
4 से विभाज्य: अंतिम दो अंक q8, 4 का गुणज बनाएँ → 08, 28, 48, 68, 88, अर्थात q = 0, 2, 4, 6 या 8।
11 से विभाज्य: इकाई अंक से एकांतर योग लीजिए।
| q | p = 7 – q | संख्या | ÷ 44 |
|---|---|---|---|
| 0 | 7 | 37708 | 857 ✓ |
| 2 | 5 | 35728 | 812 ✓ |
| 4 | 3 | 33748 | 767 ✓ |
| 6 | 1 | 31768 | 722 ✓ |
| 8 | – 1 ✗ | — | — |
ऐसा एक समूह है 2, 3, 4। ऐसे अनंत समूह हैं और वे प्रत्येक 12 संख्याओं में एक बार आते हैं।
| n | तीनों संख्याएँ | जाँच |
|---|---|---|
| 2 | 2, 3, 4 | 2 = 2 × 1, 3 = 3 × 1, 4 = 4 × 1 ✓ |
| 14 | 14, 15, 16 | 14 = 2 × 7, 15 = 3 × 5, 16 = 4 × 4 ✓ |
| 26 | 26, 27, 28 | 26 = 2 × 13, 27 = 3 × 9, 28 = 4 × 7 ✓ |
| 38 | 38, 39, 40 | 38 = 2 × 19, 39 = 3 × 13, 40 = 4 × 10 ✓ |
पाँच गुणज: 45036, 45072, 45108, 45144, 45180।
विधि। परास में 36 का कोई एक गुणज ज्ञात कीजिए और फिर बार-बार 36 जोड़ते जाइए — प्रत्येक चरण अगले गुणज पर पहुँचता है।
बिना भाग दिए जाँच। 36 = 4 × 9 और 4 व 9 सहअभाज्य हैं, अत: 36 के गुणज को दोनों जाँचें पास करनी चाहिए—
| संख्या | अंतिम दो अंक ÷ 4 | अंक-योग ÷ 9 | ÷ 36 |
|---|---|---|---|
| 45036 | 36 = 4 × 9 ✓ | 18 ✓ | 1251 |
| 45072 | 72 = 4 × 18 ✓ | 18 ✓ | 1252 |
| 45108 | 08 = 4 × 2 ✓ | 18 ✓ | 1253 |
| 45144 | 44 = 4 × 11 ✓ | 18 ✓ | 1254 |
| 45180 | 80 = 4 × 20 ✓ | 18 ✓ | 1255 |
अन्य चार संख्याएँ हैं 5p – 4, 5p – 2, 5p + 2 तथा 5p + 4।
क्रमागत सम संख्याओं में अंतर 2 होता है, 1 नहीं — यहाँ केवल इसी बात का ध्यान रखना है।
एक उत्तर है 210045। ऐसी संख्या खोजने के बजाय उसे बनाने का तरीका यह है—
चरण 1 — 15 से विभाज्य। 15 = 3 × 5, अत: संख्या का अंत 0 या 5 पर होना चाहिए और अंकों का योगफल 3 का गुणज होना चाहिए।
चरण 2 — अंतिम अंक 5 होना चाहिए, 0 नहीं। यदि अंत 0 पर होता तो उल्टी संख्या 0 से आरंभ होती और वह 6 अंकों की संख्या ही न रहती।
चरण 3 — उल्टी संख्या 6 से विभाज्य हो। 6 = 2 × 3। 3 से विभाज्यता स्वत: मिल जाती है, क्योंकि उलटने से अंक-योग नहीं बदलता। 2 से विभाज्यता के लिए उल्टी संख्या का अंत सम अंक पर होना चाहिए — अर्थात मूल संख्या का पहला अंक सम होना चाहिए।
दीपक का अनुमान गलत है। 11 का प्रत्येक गुणज दोगुना करने पर भी 11 का गुणज ही रहता है — कोई अपवाद नहीं।
11 अब भी गुणनखंड है, अत: k कुछ भी हो, 2N, 11 का गुणज रहेगा।
| 11 का गुणज | दोगुना | ÷ 11 |
|---|---|---|
| 11 | 22 | 2 ✓ |
| 55 | 110 | 10 ✓ |
| 143 | 286 | 26 ✓ |
| 902 | 1804 | 164 ✓ |
(i) सदैव सत्य।
m और n के प्रत्येक मान के लिए 9 गुणनफल का गुणनखंड है। उदाहरण: 6 × 3 = 18 = 9 × 2 ✓; 12 × 9 = 108 = 9 × 12 ✓; 30 × 21 = 630 = 9 × 70 ✓।
(ii) सदैव सत्य।
उदाहरण: 4 + 6 + 8 = 18 = 6 × 3 ✓; 10 + 12 + 14 = 36 = 6 × 6 ✓; – 2 + 0 + 2 = 0 = 6 × 0 ✓।
(iii) सदैव सत्य।
abcdef से badcef बनाने में a व b तथा c व d आपस में बदल जाते हैं, जबकि e व f अपने स्थान पर बने रहते हैं। 6 से विभाज्यता के दोनों भागों को अलग-अलग जाँचिए—
दोनों जाँचें बनी रहती हैं, अत: नई संख्या 6 की गुणज है।
(iv) कभी सत्य नहीं।
b कुछ भी हो, व्यंजक 12 के किसी गुणज से 4 कम रहता है, अत: वह कभी 12 का गुणज नहीं हो सकता।
प्रत्येक संख्या को 3 से भाग देकर केवल उसका शेषफल — 0, 1 या 2 — रखिए। योग 3 से विभाज्य ठीक तभी होगा जब तीनों शेषफलों का योग 0, 3 या 6 हो।
प्रत्येक शेषफल 0, 1 या 2 है, अत: उनका योग 0 से 6 के बीच है। इनमें केवल 0, 3 व 6 चलते हैं और इससे उत्तर के ठीक दो रूप बनते हैं—
| स्थिति | शेषफल | योग | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| तीनों शेषफल समान | 0, 0, 0 | 0 ✓ | 3 + 9 + 12 = 24 |
| 1, 1, 1 | 3 ✓ | 4 + 7 + 10 = 21 | |
| 2, 2, 2 | 6 ✓ | 2 + 5 + 8 = 15 | |
| तीनों शेषफल भिन्न | 0, 1, 2 | 3 ✓ | 3 + 7 + 11 = 21 |
| ठीक दो समान | 1, 2, 2 | 5 ✗ | 4 + 5 + 8 = 17 |
| 0, 0, 1 | 1 ✗ | 3 + 6 + 7 = 16 |
व्यापकीकरण: तीन संख्याओं का योग 3 से विभाज्य तभी होता है जब 3 से भाग देने पर उनके शेषफल सभी समान हों या सभी भिन्न — अन्य किसी स्थिति में नहीं।
दो क्रमागत पूर्णांक — सदैव 2 का गुणज।
उदाहरण: 3 × 4 = 12, 8 × 9 = 72, 15 × 16 = 240 — सभी सम।
तीन क्रमागत पूर्णांक — सदैव 6 का गुणज।
उदाहरण: 1 × 2 × 3 = 6, 4 × 5 × 6 = 120 = 6 × 20, 9 × 10 × 11 = 990 = 6 × 165।
चार क्रमागत पूर्णांक — सदैव 24 का गुणज।
उदाहरण: 1 × 2 × 3 × 4 = 24, 2 × 3 × 4 × 5 = 120 = 24 × 5, 5 × 6 × 7 × 8 = 1680 = 24 × 70।
पाँच क्रमागत पूर्णांक — सदैव 120 का गुणज।
उदाहरण: 1 × 2 × 3 × 4 × 5 = 120, 2 × 3 × 4 × 5 × 6 = 720 = 120 × 6, 6 × 7 × 8 × 9 × 10 = 30240 = 120 × 252।
(i) E = 3, F = 7, G = 1 → 37 × 3 = 111
दो अंकों की संख्या EF का दहाई अंक E है और E ही गुणक भी है। गुणनखंडन जाँचिए—
| GGG | (2 अंक) × (1 अंक) के रूप में | दहाई अंक = गुणक? |
|---|---|---|
| 111 | 37 × 3 | 3 = 3 ✓ |
| 222 | 37 × 6 | 3 ≠ 6 ✗ |
| 333 | 37 × 9 | 3 ≠ 9 ✗ |
| 444 | 74 × 6 | 7 ≠ 6 ✗ |
| 666 | 74 × 9 | 7 ≠ 9 ✗ |
केवल 111 = 37 × 3 बैठता है, अत: E = 3, F = 7, G = 1 — तीनों भिन्न अंक ✓
(ii) W = 5, O = 7, M = 2, E = 8 → 575 × 5 = 2875
दाईं ओर 100 का गुणज है, अत: 2520 + 40O का अंत 00 पर होना चाहिए → O = 2 या 7।
| O | 2520 + 40O | M, E | मान्य? |
|---|---|---|---|
| 2 | 2600 | M = 2, E = 6 | नहीं — M = 2, O = 2 से टकराता है |
| 7 | 2800 | M = 2, E = 8 | हाँ |
आरेख (iv) — वही जिसमें 32 के गुणज, 8 के गुणजों के भीतर और 8 के गुणज, 4 के गुणजों के भीतर दर्शाए गए हैं।
प्रत्येक वलय में कोई न कोई संख्या होनी चाहिए, और है भी—
| संख्या | ÷ 4 | ÷ 8 | ÷ 32 | कहाँ है |
|---|---|---|---|---|
| 4 | हाँ | नहीं | नहीं | केवल बाहरी वलय में |
| 8 | हाँ | हाँ | नहीं | मध्य वलय में |
| 32 | हाँ | हाँ | हाँ | सबसे भीतरी वृत्त में |