प्र1.
क्या सभी व्यंजकों की समान समता होने की परिघटना केवल 4 संख्याएँ लेने तक सीमित है? इस विषय में आपका क्या विचार है?
उत्तर
नहीं — यह किसी भी संख्या-गणना के लिए सत्य है। तर्क में कहीं भी ‘चार’ का उपयोग नहीं हुआ था।
n संख्याओं a₁ ± a₂ ± … ± aₙ के लिए
2ⁿ⁻¹ व्यंजक बनते हैं,
और एक चिह्न बदलने पर मान 2aᵢ से बदलता है — जो अब भी सम है
2ⁿ⁻¹ व्यंजक बनते हैं,
और एक चिह्न बदलने पर मान 2aᵢ से बदलता है — जो अब भी सम है
अत: सभी 2n–1 व्यंजकों की समता a₁ + a₂ + … + an जैसी ही होती है।
| संख्याएँ | कितने व्यंजक | उभयनिष्ठ समता |
|---|---|---|
| 3, 4, 5 | 2² = 4 | सम (3 + 4 + 5 = 12) |
| 3, 4, 5, 6 | 2³ = 8 | सम (18) |
| 3, 4, 5, 6, 7 | 2⁴ = 16 | विषम (25) |
स्वयं जाँचिए: 3 – 4 + 5 = 4, 3 + 4 – 5 = 2, 3 – 4 – 5 = – 6 — सभी सम, जैसा 3 + 4 + 5 = 12 से अपेक्षित था।