गणित प्रकाश अध्याय 5 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
इसी प्रकार ज्ञात कीजिए एवं व्याख्या कीजिए कि कौन-से अन्य व्यंजकों का मान सदैव सम संख्याएँ होती हैं। प्रत्येक व्यंजक के लिए मान सम संख्या होने व सम संख्या ना होने के कुछ उचित उदाहरण दीजिए।
उत्तर

प्रत्येक व्यंजक के साथ वैसा ही कीजिए जैसा पुस्तक ने 4m + 2q और x² + 2 के साथ किया — या तो गुणनखंड 2 बाहर निकालिए, या एक प्रति-उदाहरण दीजिए।

व्यंजकव्याख्याउदाहरण / प्रति-उदाहरण
2a + 2b= 2(a + b), अत: 2 गुणनखंड हैa = 3, b = 5 → 16; a = 4, b = – 7 → – 6। कभी विषम नहीं।
3g + 5hविषम × विषम विषम ही रहता है; विषम + विषम सम है किंतु विषम + सम विषम हैउदाहरण g = 1, h = 1 → 8 (सम)। प्रति-उदाहरण g = 1, h = 0 → 3 (विषम)।
2u – 4v= 2(u – 2v)u = 5, v = 1 → 6; u = – 3, v = 2 → – 14। कभी विषम नहीं।
13k – 5k= 8k = 2(4k) — पहले पद जुड़ जाते हैंk = 1 → 8; k = – 3 → – 24। कभी विषम नहीं।
6m – 3n= 3(2m – n); 3 विषम है, अत: समता 2m – n पर और अंतत: n पर निर्भर हैउदाहरण m = 1, n = 2 → 0 (सम)। प्रति-उदाहरण m = 1, n = 1 → 3 (विषम)।
b² + 1b सम होने पर b² सम और b विषम होने पर b² विषम, अत: b² + 1 की समता b के साथ पलटती हैउदाहरण b = 1 → 2 (सम)। प्रति-उदाहरण b = 2 → 5 (विषम)।
4k × 3j= 12kj = 2(6kj)k = 1, j = 1 → 12; k = 2, j = – 1 → – 24। कभी विषम नहीं।
ऐसा क्यों होता है: कोई व्यंजक प्रत्येक पूर्णांक मान के लिए तभी सम होता है जब 2 को पूरे व्यंजक के गुणनखंड के रूप में बाहर निकाला जा सके। यदि ऐसा नहीं है तो अक्षरों के किसी न किसी मान पर वह विषम हो जाएगा — और एक प्रति-उदाहरण ही निर्णय के लिए पर्याप्त है।
प्र2.
कुछ बीजगणितीय व्यंजक लिखिए जिनका मान सदैव सम संख्या होता है।
उत्तर

ऐसा कोई भी व्यंजक चलेगा जिसका गुणनखंड 2 हो—

2n   6p – 4q   10a + 8b
2(m + n) + 4   14x × 5y   8k² – 6k

एक ऐसा उदाहरण भी लीजिए जो स्पष्ट रूप से 2 × (कुछ) के रूप में नहीं है—

k² + k = k(k + 1)
ऐसा क्यों होता है: k और k + 1 क्रमागत पूर्णांक हैं, अत: इनमें से एक सम होगा। जिस गुणनफल में एक सम गुणनखंड हो वह सम होता है। जाँचिए: k = 3 → 12, k = 4 → 20, k = – 5 → 20।
प्र3.
सम संख्याओं का एक युग्म लीजिए तथा उनका योग कीजिए। क्या यह योग 4 से विभाज्य है? इसे सम संख्याओं के विभिन्न युग्मों के लिए प्रयोग कीजिए। कब योगफल 4 का एक गुणज है और कब नहीं है? क्या इसका कोई सामान्य नियम या प्रतिरूप है?
उत्तर

कभी हाँ, कभी नहीं — और प्रतिरूप बिलकुल निश्चित है।

युग्म4 से भाग देने पर शेषफलयोग4 का गुणज?
4 + 80 और 012हाँ
12 + 160 और 028हाँ
2 + 62 और 28हाँ
6 + 102 और 216हाँ
2 + 42 और 06नहीं
8 + 100 और 218नहीं

नियम: प्रत्येक सम संख्या को 4 से भाग दीजिए — शेषफल या तो 0 होगा या 2। योग 4 का गुणज तभी होगा जब दोनों शेषफल समान हों

ऐसा क्यों होता है: दोनों शेषफलों का योग 0, 2 या 4 हो सकता है। इनमें से केवल 0 और 4 ही 4 के गुणज हैं। अत: या तो दोनों शेषफल 0 हों या दोनों 2 — एक 0 और एक 2 कभी नहीं।
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