प्र1.
इसी प्रकार ज्ञात कीजिए एवं व्याख्या कीजिए कि कौन-से अन्य व्यंजकों का मान सदैव सम संख्याएँ होती हैं। प्रत्येक व्यंजक के लिए मान सम संख्या होने व सम संख्या ना होने के कुछ उचित उदाहरण दीजिए।
उत्तर
प्रत्येक व्यंजक के साथ वैसा ही कीजिए जैसा पुस्तक ने 4m + 2q और x² + 2 के साथ किया — या तो गुणनखंड 2 बाहर निकालिए, या एक प्रति-उदाहरण दीजिए।
| व्यंजक | व्याख्या | उदाहरण / प्रति-उदाहरण |
|---|---|---|
| 2a + 2b | = 2(a + b), अत: 2 गुणनखंड है | a = 3, b = 5 → 16; a = 4, b = – 7 → – 6। कभी विषम नहीं। |
| 3g + 5h | विषम × विषम विषम ही रहता है; विषम + विषम सम है किंतु विषम + सम विषम है | उदाहरण g = 1, h = 1 → 8 (सम)। प्रति-उदाहरण g = 1, h = 0 → 3 (विषम)। |
| 2u – 4v | = 2(u – 2v) | u = 5, v = 1 → 6; u = – 3, v = 2 → – 14। कभी विषम नहीं। |
| 13k – 5k | = 8k = 2(4k) — पहले पद जुड़ जाते हैं | k = 1 → 8; k = – 3 → – 24। कभी विषम नहीं। |
| 6m – 3n | = 3(2m – n); 3 विषम है, अत: समता 2m – n पर और अंतत: n पर निर्भर है | उदाहरण m = 1, n = 2 → 0 (सम)। प्रति-उदाहरण m = 1, n = 1 → 3 (विषम)। |
| b² + 1 | b सम होने पर b² सम और b विषम होने पर b² विषम, अत: b² + 1 की समता b के साथ पलटती है | उदाहरण b = 1 → 2 (सम)। प्रति-उदाहरण b = 2 → 5 (विषम)। |
| 4k × 3j | = 12kj = 2(6kj) | k = 1, j = 1 → 12; k = 2, j = – 1 → – 24। कभी विषम नहीं। |
ऐसा क्यों होता है: कोई व्यंजक प्रत्येक पूर्णांक मान के लिए तभी सम होता है जब 2 को पूरे व्यंजक के गुणनखंड के रूप में बाहर निकाला जा सके। यदि ऐसा नहीं है तो अक्षरों के किसी न किसी मान पर वह विषम हो जाएगा — और एक प्रति-उदाहरण ही निर्णय के लिए पर्याप्त है।