गणित प्रकाश अध्याय 5 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
दो सम संख्याओं का योग कब 4 के गुणज के रूप में प्राप्त होगा? यह समस्या दो संख्याओं को जोड़ने पर परिणामत: एक सम संख्या प्राप्त होने का पता लगाने के प्रश्न के समान है। क्या आप इसे देख सकते हैं?
उत्तर

तभी, जब दोनों 4 के गुणज हों अथवा दोनों में से कोई भी 4 का गुणज न हो। जाँच करने की तीन स्थितियाँ हैं और बीजगणित तीनों का निर्णय कर देता है—

स्थितिबीजगणित4 का गुणज?उदाहरण
दोनों 4 के गुणज4p + 4q = 4(p + q)सदैव12 + 16 = 28 = 4 × 7
दोनों 4 के गुणज नहीं(4p + 2) + (4q + 2) = 4(p + q + 1)सदैव6 + 10 = 16 = 4 × 4
एक गुणज, एक नहीं4p + (4q + 2) = 4(p + q) + 2कभी नहीं8 + 10 = 18 = 4 × 4 + 2

हाँ, यह वही समस्या एक स्तर ऊपर है। दोनों सारणियों की तुलना कीजिए—

सम + सम = सम   ↔   4p + 4q, 4 का गुणज है
विषम + विषम = सम   ↔   (4p + 2) + (4q + 2), 4 का गुणज है
सम + विषम = विषम   ↔   4p + (4q + 2), 4 का गुणज नहीं है
ऐसा क्यों होता है: समता के प्रश्न में प्रत्येक पूर्ण संख्या 2 से भाग देने पर शेषफल 0 या 1 देती है और ‘समान शेषफल’ की स्थिति में योग सम होता है। यहाँ प्रत्येक सम संख्या 4 से भाग देने पर शेषफल 0 या 2 देती है और पुन: ‘समान शेषफल’ ही निर्णायक है। संरचना एक ही है — केवल भाजक बदला है।
प्र2.
क्या होगा जब हम एक 4 की गुणज संख्या को ऐसी सम संख्या जो 4 की गुणज ना हो के साथ जोड़ते हैं? क्या यह एक सम संख्या एवं एक विषम संख्या के योग की समता के समान है?
उत्तर

योग कभी भी 4 का गुणज नहीं होगा — उसमें सदैव 2 शेष बचेगा।

4p + (4q + 2)
= 4p + 4q + 2
= 4(p + q) + 2

हाँ, यह पूर्णत: समान है। एक सम और एक विषम संख्या को जोड़कर सम संख्या कभी नहीं मिलती; इसी प्रकार 4 के एक गुणज और एक अगुणज को जोड़कर 4 का गुणज कभी नहीं मिलता। दोनों स्थितियों में दोनों शेषफल भिन्न हैं (वहाँ 0 और 1, यहाँ 0 और 2), अत: बचा हुआ भाग कभी पूरा नहीं हो पाता।

स्वयं जाँचिए: 20 + 6 = 26 = 4 × 6 + 2; 8 + 22 = 30 = 4 × 7 + 2; 100 + 2 = 102 = 4 × 25 + 2।
प्र3.
आगे दिए गए व्यंजकों एवं दृश्यांकन को देखिए एवं उनकी संगत व्याख्या और उदाहरण लिखिए। 4p और (4q + 2) = 4p + (4q + 2) = 4p + 4q + 2 = 4 (p + q) + 2
उत्तर

व्याख्या। 4 के किसी गुणज को 4p लिखा जा सकता है और ऐसी सम संख्या को जो 4 की गुणज न हो, 4q + 2। दोनों को जोड़ने पर 4(p + q) + 2 प्राप्त होता है, अर्थात योग 4 के एक गुणज और शेष 2 के रूप में है। वह सम है, किंतु 4 का गुणज कभी नहीं

चित्र। पहली संख्या को 4-4 की p पूरी पंक्तियों में तथा दूसरी को 4-4 की q पूरी पंक्तियों एवं 2 शेष टोकनों में रखिए। दोनों को मिलाइए — पूरी पंक्तियाँ मिलकर 4-4 की (p + q) पंक्तियाँ बनाती हैं और 2 टोकन शेष ही रह जाते हैं, क्योंकि एक और पंक्ति बनाने के लिए वे पर्याप्त नहीं हैं।

4p (यहाँ p = 3) + 4q + 2 (q = 2) = 4(p + q) + 2 2 शेष 12 + 10 = 22 = 4 × 5 + 2
4-4 की पूरी पंक्तियाँ मिल जाती हैं; शेष 2 टोकन कभी पंक्ति पूरी नहीं कर पाते।

उदाहरण।

12 + 6 = 18 = 4(3 + 1) + 2
8 + 2 = 10 = 4(2 + 0) + 2
16 + 22 = 38 = 4(4 + 5) + 2
20 + 10 = 30 = 4(5 + 2) + 2
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