गणित प्रकाश अध्याय 6 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
यह सर्वसमिका सत्य क्यों है? [a² = (a + b) (a – b) + b²]
उत्तर

यह सर्वसमिका 1C का ही पुनर्व्यवस्थित रूप है। आरंभ कीजिए—

(a + b)(a – b) = a² – b²

दोनों पक्षों में b² जोड़िए—

(a + b)(a – b) + b² = a² – b² + b²
a² = (a + b)(a – b) + b²

इससे वर्ग निकालने का काम, दो सरल संख्याओं के गुणा में बदल जाता है।

वर्गb का चयनहलउत्तर
31²b = 132 × 30 + 1961
197²b = 3200 × 194 + 938809
48²b = 250 × 46 + 42304
ऐसा क्यों होता है: b ऐसा चुनिए कि a + b (अथवा a – b) 10 का गुणज बन जाए। तब कठिन वर्ग के बदले एक सरल गुणनफल और एक बहुत छोटा वर्ग रह जाता है। श्रीधराचार्य (750 सामान्य संवत्) ने ठीक यही विधि दी थी।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ