हाँ — इन्हें जोड़ते ही प्रतिरूप एक पंक्ति में सिद्ध हो जाता है।
(a + b)² + (a – b)² = (a² + 2ab + b²) + (a² – 2ab + b²)
समान पदों को जोड़िए: a² + a² = 2a², b² + b² = 2b², और 2ab – 2ab = 0।
2(a² + b²) = (a + b)² + (a – b)²
a = 6, b = 5 पर जाँच: 2(36 + 25) = 122 और 11² + 1² = 122 ✓
ऐसा क्यों होता है: दोनों मध्य पद बराबर हैं पर चिह्न विपरीत, अतः वे एक-दूसरे को समाप्त कर देते हैं। दोनों सर्वसमिकाओं को जोड़ना, दोनों वर्ग-चित्रों को जोड़ने जैसा है — एक की पट्टियाँ दूसरे के रिक्त स्थान ठीक भर देती हैं।
क्या आप जानते हैं? प्रमाण में केवल दो सर्वसमिकाओं का उपयोग हुआ है, इसलिए यह ऋणात्मक संख्याओं और भिन्नों पर भी लागू है। a = 1⁄2, b = 1⁄3 लीजिए: 2(1⁄4 + 1⁄9) = 13⁄18, और (5⁄6)² + (1⁄6)² = 25⁄36 + 1⁄36 = 26⁄36 = 13⁄18 ✓