गणित प्रकाश अध्याय 6 त्रुटि को पहचान कर सुधारिए

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
–3p (–5p + 2q) = –3p + 5p – 2q = p – 2q
उत्तर

त्रुटि है। गुणनखंड –3p से कोष्ठक के पदों को गुणा किया ही नहीं गया — केवल उसका चिह्न दोनों पदों पर फैला दिया गया।

–3p (–5p + 2q) = (–3p)(–5p) + (–3p)(2q)
= 15p² – 6pq
सही: 15p² – 6pq

p = 1, q = 1 पर जाँच: –3(–5 + 2) = 9 और 15 – 6 = 9 ✓ (छपे उत्तर p – 2q से –1 मिलता है ✗)

ऐसा क्यों होता है: वितरण गुणधर्म कहता है a(b + c) = ab + ac — कोष्ठक के भीतर के प्रत्येक पद को पूरे बाहरी गुणनखंड से गुणा करना है, अक्षरों सहित; केवल चिह्न लगा देना पर्याप्त नहीं।
प्र2.
2(x – 1) + 3 (x + 4) = 2x – 1 + 3x + 4 = 5x + 3
उत्तर

त्रुटि है। 2 और 3 से प्रत्येक कोष्ठक के केवल पहले पद को गुणा किया गया, दूसरे को नहीं।

2(x – 1) + 3(x + 4) = 2x – 2 + 3x + 12
= 5x + 10

x = 1 पर जाँच: 2(0) + 3(5) = 15 और 5 + 10 = 15 ✓ (छपे उत्तर से 8 मिलता है ✗)

संकेत: वितरण करते समय पद गिनिए — दो पदों वाले कोष्ठक से दो गुणनफल बनने ही चाहिए।
प्र3.
y + 2 (y + 2) = (y + 2)² = y² + 4y + 4
उत्तर

त्रुटि है। y + 2(y + 2) एक योग है, गुणनफल नहीं; “y” और “2” को गलती से एक गुणनखंड (y + 2) मान लिया गया।

y + 2(y + 2) = y + 2y + 4
= 3y + 4

y = 1 पर जाँच: 1 + 2(3) = 7 और 3 + 4 = 7 ✓ (छपे उत्तर से 9 मिलता है ✗)

ऐसा क्यों होता है: y + 2(y + 2) में पहले 2 से गुणा होता है, अकेला y बाद में जुड़ता है। इसे (y + 2) × (y + 2) पढ़ लेने से संक्रियाओं का क्रम ही बदल जाता है।
प्र4.
(5m + 6n)² = 25m² + 36n²
उत्तर

त्रुटि है। मध्य पद छूट गया — योग का वर्ग करना, प्रत्येक भाग का वर्ग करना नहीं है।

(5m + 6n)² = (5m)² + 2(5m)(6n) + (6n)²
= 25m² + 60mn + 36n²

m = 1, n = 1 पर जाँच: 11² = 121 और 25 + 60 + 36 = 121 ✓ (छपे उत्तर से 61 मिलता है ✗)

ऐसा क्यों होता है: पृष्ठ 145 के क्षेत्रफल-चित्र में दोनों वर्गों के बीच 5m × 6n के दो आयत बैठे हैं। इन्हें छोड़ देना वैसा ही है जैसे 11 भुजा के वर्ग को केवल 5 और 6 के वर्गों का योग मान लेना।
प्र5.
(– q + 2)² = q² – 4q + 4
उत्तर

कोई त्रुटि नहीं — यह सही है।

(–q + 2)² = (–q)² + 2(–q)(2) + 2²
= q² – 4q + 4 ✓

q = 3 पर जाँच: (–3 + 2)² = 1 और 9 – 12 + 4 = 1 ✓

संकेत: (–q + 2) और (q – 2) केवल चिह्न में भिन्न हैं, अतः उनके वर्ग समान हैं — जो रूप सरल लगे उसी का प्रसार कीजिए।
प्र6.
3a (2b × 3c) = 6ab × 9ac = 54a²bc
उत्तर

त्रुटि है। वितरण गुणधर्म योग पर गुणन का है। यहाँ कोष्ठक के भीतर गुणनफल है, योग नहीं, अतः वितरण किया ही नहीं जा सकता।

3a (2b × 3c) = 3a × 6bc
= 18abc

a = b = c = 1 पर जाँच: 3 × (2 × 3) = 18 और 18abc = 18 ✓ (छपे उत्तर से 54 मिलता है ✗)

ऐसा क्यों होता है: 3a को दोनों गुणनखंडों में लिख देने से 3a से दो बार गुणा हो जाता है। तुलना कीजिए: 2 × (3 × 4) = 24 है, न कि (2 × 3) × (2 × 4) = 48।
प्र7.
1⁄2 (10s – 6) + 3 = 5s – 3 + 3 = 5s
उत्तर

कोई त्रुटि नहीं — यह सही है।

1⁄2 (10s – 6) + 3 = 5s – 3 + 3
= 5s ✓

s = 2 पर जाँच: 1⁄2 (20 – 6) + 3 = 7 + 3 = 10 और 5 × 2 = 10 ✓

संकेत: कोष्ठक के दोनों पदों को आधा किया गया और बाहर का “+3” अछूता छोड़ा गया — बिलकुल ठीक।
प्र8.
5w² + 6w = 11w²
उत्तर

त्रुटि है। w² और w समान पद नहीं हैं, अतः उनके गुणांक जोड़े नहीं जा सकते।

5w² + 6w पहले से ही सरलतम रूप में है।
(चाहें तो गुणनखंड कर लीजिए: 5w² + 6w = w(5w + 6)।)

w = 2 पर जाँच: 20 + 12 = 32, जबकि 11w² = 44 ✗

ऐसा क्यों होता है: पदों को जोड़ना वितरण गुणधर्म को उलटा पढ़ना है: 5w² + 6w² = (5 + 6)w²। इसके लिए दोनों पदों का अक्षर-भाग समान होना चाहिए। यहाँ एक में w × w है और दूसरे में केवल w।
प्र9.
2a³ + 3a³ + 6a²b + 6ab² = 5a³ + 12a²b²
उत्तर

त्रुटि है। 2a³ और 3a³ को जोड़ना ठीक था, परंतु 6a²b और 6ab² समान पद नहीं हैं और उन्हें गलती से 12a²b² बना दिया गया।

2a³ + 3a³ = 5a³ ✓
6a²b + 6ab² को जोड़ा नहीं जा सकता
सही: 5a³ + 6a²b + 6ab²

a = 1, b = 2 पर जाँच: बायाँ पक्ष = 2 + 3 + 12 + 24 = 41; सही रूप = 5 + 12 + 24 = 41 ✓ (छपे उत्तर से 5 + 48 = 53 मिलता है ✗)

संकेत: a²b का अर्थ है a × a × b; ab² का अर्थ है a × b × b। अक्षर वही, गिनती अलग — अतः पद अलग। गुणनखंड फिर भी हो सकता है: 5a³ + 6ab(a + b)।
प्र10.
(x + 2)(x + 5) = (x + 2)x + (x + 2)5 = x² + 2x + 5x +10 = x² + 7x + 10
उत्तर

कोई त्रुटि नहीं — यह सही है और हल लिखने का अच्छा नमूना भी है।

(x + 2)(x + 5) = (x + 2)x + (x + 2)5
= x² + 2x + 5x + 10
= x² + 7x + 10 ✓

x = 1 पर जाँच: 3 × 6 = 18 और 1 + 7 + 10 = 18 ✓

संकेत: यह सर्वसमिका 1 ही है जिसमें a = x, m = 2, b = x, n = 5 है: ab + mb + an + mn = x² + 2x + 5x + 10।
प्र11.
(a + 2) (b + 4) = ab + 8
उत्तर

त्रुटि है। केवल पहले का पहले से और अंतिम का अंतिम से गुणनफल लिया गया; बीच के दोनों गुणनफल छूट गए।

(a + 2)(b + 4) = ab + 4a + 2b + 8
सही: ab + 4a + 2b + 8

a = 1, b = 1 पर जाँच: 3 × 5 = 15 और 1 + 4 + 2 + 8 = 15 ✓ (छपे उत्तर से 9 मिलता है ✗)

ऐसा क्यों होता है: सर्वसमिका 1 में चार पद इसलिए होते हैं क्योंकि दोनों दिशाओं में कटे आयत के चार टुकड़े होते हैं। इनमें से दो, 4a और 2b, वही पट्टियाँ हैं जो प्रश्न 4 में भी छूट गई थीं।
प्र12.
ab² + a²b + a²b² = ab (a + b + ab)
उत्तर

कोई त्रुटि नहीं — यह सही है। पुनः प्रसार करके जाँचिए—

ab(a + b + ab) = ab × a + ab × b + ab × ab
= a²b + ab² + a²b² ✓

a = 2, b = 3 पर जाँच: बायाँ पक्ष = 18 + 12 + 36 = 66; दायाँ पक्ष = 6(2 + 3 + 6) = 6 × 11 = 66 ✓

ऐसा क्यों होता है: तीनों पदों में कम-से-कम एक a और कम-से-कम एक b है, अतः प्रत्येक में से ab बाहर लिया जा सकता है। उभयनिष्ठ गुणनखंड बाहर लेना, वितरण गुणधर्म को दाएँ से बाएँ पढ़ना ही है।
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