गणित प्रकाश अध्याय 7 आइए, पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अनघ 600 मिलीलीटर संतरे के रस को 900 मिलीलीटर सेब के रस के साथ मिलाकर फलों का रस तैयार करता है। संतरे के रस और सेब के रस का अनुपात सरलतम रूप में लिखिए।
उत्तर

2 : 3।

संतरा : सेब = 600 : 900
600 और 900 का म.स.प. = 300
600⁄300 : 900⁄300 = 2 : 3
संकेत: दोनों मात्राएँ पहले से ही मिलीलीटर में थीं, अत: कोई रूपांतरण आवश्यक नहीं हुआ। यदि सेब का रस 0.9 लीटर दिया होता तो पहला काम उसे 900 मिलीलीटर लिखना होता।
प्र2.
विगत वर्ष हमने शैक्षिक भ्रमण हेतु 3 बसें किराए पर ली थीं। उस भ्रमण पर कुल 162 विद्यार्थी और शिक्षक थे। बसों की सभी सीटें भरी हुई थीं। इस वर्ष हमारे पास विद्यार्थियों की संख्या 204 है। हमें कितनी बसों की आवश्यकता होगी? क्या सभी बसें भरी होंगी?
उत्तर

4 बसें चाहिए, और सभी बसें भरी नहीं होंगी — 12 सीटें खाली रहेंगी।

एक बस की सीटें = 162 ÷ 3 = 54
आवश्यक बसें = 204 ÷ 54 = 3.78, अत: 4 बसें
4 बसों की सीटें = 4 × 54 = 216
खाली सीटें = 216 − 204 = 12
उत्तर 3.78 क्यों नहीं है: समानुपात 3 : 162 :: x : 204 से x = 3.78 मिलता है, और यहाँ तक गणित ठीक है। किंतु बसें पूरी ही मिलती हैं। 3.78 को घटाकर 3 करने पर 204 − 162 = 42 व्यक्ति सड़क पर रह जाएँगे, अत: उत्तर को ऊपर पूर्णांकित करना होगा। जब भी समानुपात से किसी न बँटने वाली वस्तु का भिन्नात्मक मान आए, पहले सोचिए कि पूर्णांकन किस ओर होना चाहिए।
प्र3.
दिल्ली का क्षेत्रफल 1484 वर्ग किलोमीटर और मुंबई का क्षेत्रफल 550 वर्ग किलोमीटर है। दिल्ली की जनसंख्या लगभग 3 करोड़ और मुंबई की 2 करोड़ है। कौन-सा शहर अधिक जनसंख्या वाला है? यह आपने कैसे ज्ञात किया?
उत्तर

मुंबई अधिक भीड़भाड़ वाला है — प्रत्येक वर्ग किलोमीटर में लगभग 36,364 व्यक्ति, जबकि दिल्ली में लगभग 20,216।

दिल्ली: 3,00,00,000 ÷ 1484 ≈ 20,216 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
मुंबई: 2,00,00,000 ÷ 550 ≈ 36,364 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
अधिक जनसंख्या वाला शहर अधिक भीड़भाड़ वाला क्यों नहीं है: दिल्ली में 1 करोड़ व्यक्ति अधिक हैं, पर उन्हें फैलाने के लिए लगभग तीन गुना भूमि भी है। भीड़भाड़ का अर्थ है प्रति इकाई क्षेत्रफल व्यक्ति — यह एक अनुपात है, केवल गिनती नहीं। दोनों शहरों को “एक वर्ग किलोमीटर में इतने व्यक्ति” में लाते ही उचित तुलना संभव हो जाती है, और मुंबई उतने ही स्थान में लगभग दुगुने व्यक्ति समेटे हुए मिलता है।
क्या आप जानते हैं? इस अनुपात को जनसंख्या घनत्व कहते हैं। इसी कारण एक छोटा द्वीपीय नगर, कहीं अधिक जनसंख्या वाले बड़े राज्य से भी अधिक भीड़भाड़ वाला लग सकता है।
प्र4.
155 सेंटीमीटर ऊँचाई वाले एक सारस की गर्दन और शेष शरीर का अनुपात 4 : 6 है। आपकी ऊँचाई के लिए यदि आपकी गर्दन और शेष शरीर का अनुपात भी यही हो तो आपकी गर्दन कितनी लंबी होगी?
उत्तर

आपकी गर्दन आपकी ऊँचाई का 4⁄10 = 2⁄5 भाग होगी। स्वयं को मापिए और गुणा कीजिए।

कुल समूह = 4 + 6 = 10
गर्दन = 4⁄10 × आपकी ऊँचाई = 0.4 × आपकी ऊँचाई

सारस के लिए: 4⁄10 × 155 = 62 सेमी. गर्दन
यदि आपकी ऊँचाई 150 सेमी. है: 4⁄10 × 150 = 60 सेमी.
यदि आपकी ऊँचाई 160 सेमी. है: 4⁄10 × 160 = 64 सेमी.
यह उत्तर रुककर सोचने योग्य क्यों है: 150 सेमी. के व्यक्ति पर 60 सेमी. की गर्दन आपके सिर और छाती को मिलाकर भी अधिक लंबी होगी। सारस के लिए 4 : 6 पूर्णत: सामान्य अनुपात है, क्योंकि उसकी लंबी गर्दन उथले पानी में मछली पकड़ने के लिए बनी है; मानव शरीर पर वही अनुपात हास्यास्पद हो जाता है। अनुपात सदैव किसी वस्तु का होता है — उसे एक जीव से दूसरे पर लादने से पहले परिणाम देख लेना चाहिए।
प्र5.
आइए, लीलावती ग्रंथ की एक प्राचीन समस्या हल करें। प्राचीन समय में भार को पलास नामक इकाई में मापा जाता था और मुद्रा की इकाई निष्कस होती थी। “यदि 2½ पलास केसर का मूल्य 3⁄7 निष्कस हो तो अरे विद्वान व्यापारी! मुझे शीघ्रता से बताइए कि 9 निष्कस में केसर की कितनी मात्रा का विक्रय किया जा सकता है?”
उत्तर

52.5 पलास केसर।

2½ पलास = 5⁄2 पलास, मूल्य = 3⁄7 निष्कस
3⁄7 : 5⁄2 :: 9 : x
वज्र गुणन से: 3⁄7 × x = 5⁄2 × 9
3⁄7 × x = 45⁄2
x = 45⁄2 × 7⁄3 = 315⁄6 = 52.5 पलास
उत्तर इतना बड़ा क्यों है: पहले मुद्रा की तुलना कीजिए — 9 ÷ 3⁄7 = 9 × 7⁄3 = 21, अर्थात क्रेता पहले से इक्कीस गुना धन दे रहा है। अत: केसर भी इक्कीस गुना मिलनी चाहिए: 5⁄2 × 21 = 105⁄2 = 52.5 पलास। आँकड़ों में भिन्न होने से विधि नहीं बदलती; केवल परिवर्तन का गणक स्वयं भिन्न हो जाता है।
क्या आप जानते हैं? भास्कराचार्य ने लीलावती की रचना 1150 ई. में की, और उसमें प्रश्न पाठक से बातचीत की तरह पूछे गए हैं — “अरे विद्वान व्यापारी!”। उसके त्रैराशिक प्रश्न ठीक इसी अध्याय का तीन का नियम हैं।
प्र6.
हरमन एक बालिका है और उसकी आयु 1 वर्ष है। हरमन के बड़े भाई की आयु 5 वर्ष है। बताइए कि जब हरमन और उसके भाई की आयु का अनुपात 1 : 2 हो तब हरमन की आयु क्या होगी?
उत्तर

हरमन 4 वर्ष की होगी (और उसका भाई 8 वर्ष का), अर्थात 3 वर्ष पश्चात।

माना अब से x वर्ष पश्चात।
हरमन: 1 + x, भाई: 5 + x
(1 + x) : (5 + x) = 1 : 2
वज्र गुणन से: 2(1 + x) = 1(5 + x)
2 + 2x = 5 + x
x = 3
हरमन की आयु = 1 + 3 = 4 वर्ष, भाई = 5 + 3 = 8 ✓ तथा 4 : 8 = 1 : 2 ✓
आयु का अनुपात क्यों बदलता रहता है: 4 वर्ष का अंतर कभी नहीं बदलता, पर प्रत्येक वर्ष दोनों पदों में 1 जुड़ता है — और अनुपात के दोनों पदों में समान संख्या जोड़ने से अनुपात बदल जाता है। आज वह 1 : 5 है, तीन वर्ष बाद 1 : 2, और आगे चलकर 10 : 14 = 5 : 7, सदैव 1 : 1 की ओर खिसकता हुआ। ठीक 1 : 2 वह क्षण है जब भाई की आयु हरमन से दुगुनी हो, और अंतर 4 होने के कारण वह 4 और 8 पर ही संभव है।
प्र7.
सोने और पानी के समान आयतन का द्रव्यमान 37 : 2 के अनुपात में है। यदि 1 लीटर पानी का द्रव्यमान 1 किलोग्राम है तो 1 लीटर सोने का द्रव्यमान कितना होगा?
उत्तर

18.5 किलोग्राम।

समान आयतन के लिए सोना : पानी = 37 : 2
37 : 2 :: x : 1
2 × x = 37 × 1
x = 37⁄2 = 18.5 किलोग्राम
“समान आयतन” क्यों अनिवार्य है: अनुपात 37 : 2 द्रव्यमानों की तुलना तभी करता है जब दोनों नमूने समान स्थान घेरते हों। एक किलोग्राम सोने और एक किलोग्राम पानी के बारे में यह कुछ नहीं कहता — उनके द्रव्यमान तो परिभाषा से ही समान हैं। यह बताता है कि सोना पानी से 18.5 गुना सघन है, अत: एक लीटर सोना साढ़े अठारह लीटर पानी जितना भारी है।
क्या आप जानते हैं? एक लीटर की बोतल यदि सोने से भरी हो तो उसका भार 18.5 किलोग्राम होगा — भरे हुए स्कूल बैग से भी अधिक। यही वह गुण है जिससे आर्किमिडीज ने मुकुट की शुद्धता जाँची थी, ऐसा कहा जाता है।
प्र8.
एक एकड़ भूमि के लिए 10 टन गोबर की खाद का उपयोग करना एक अच्छी कृषि पद्धति मानी जाती है। एक कृषक 200 फुट लंबाई × 500 फुट चौड़ाई के आकार के एक भूखंड में टमाटर उगाने की योजना बना रहा है। उसे गोबर खाद की कितनी मात्रा आवश्यक होगी? (कृपया इस अध्याय के पूर्व खंड में वर्णित इकाई रूपांतरण वाले भाग को देखिए)।
उत्तर

लगभग 22.96 टन, अर्थात लगभग 22,957 किलोग्राम गोबर की खाद।

भूखंड का क्षेत्रफल = 200 × 500 = 1,00,000 वर्गफुट
1 एकड़ = 43,560 वर्गफुट
भूखंड एकड़ में = 100000 ÷ 43560 = 2.2957 एकड़
खाद = 10 × 2.2957 = 22.957 टन ≈ 22.96 टन
किलोग्राम में: 22.957 × 1000 ≈ 22,957 किलोग्राम
रूपांतरण छोड़ा क्यों नहीं जा सकता: संस्तुत मात्रा प्रति एकड़ दी गई है, पर भूखंड फुट में मापा गया है। 10 टन को सीधे 1,00,000 वर्गफुट के साथ रखने का अर्थ होगा टन-प्रति-एकड़ की तुलना टन-प्रति-वर्गफुट से — दो भिन्न दरें। भूखंड को एकड़ में बदलने से दोनों राशियाँ एक ही पैमाने पर आ जाती हैं, और तभी तीन का नियम लगाया जा सकता है।
संकेत: खाद ट्रैक्टर-ट्रॉली के हिसाब से बिकती है, अत: कृषक ऊपर पूर्णांकित करके 23 टन खरीदेगा। बसों की तरह यहाँ भी गणित सही संख्या देता है और परिस्थिति तय करती है कि पूर्णांकन किस ओर हो।
प्र9.
एक नल एक मग पानी भरने में 15 सेकंड का समय लेता है। मग का आयतन 500 मिलीलीटर है। यदि बाल्टी की क्षमता 10 लीटर है तो वही नल एक बाल्टी पानी भरने में कितना समय लेगा?
उत्तर

300 सेकंड, अर्थात 5 मिनट।

10 लीटर = 10 × 1000 = 10,000 मिलीलीटर
मगों की संख्या = 10000 ÷ 500 = 20
समय = 20 × 15 = 300 सेकंड = 5 मिनट
तीन के नियम से:
500 : 15 :: 10000 : t
500 × t = 10000 × 15
t = 150000 ÷ 500 = 300 सेकंड
यहाँ आयतन और समय समानुपाती क्यों हैं: नल एक निश्चित दर से बह रहा है — 500 ÷ 15 = 33⅓ मिलीलीटर प्रति सेकंड। नीचे बड़ा पात्र रखने से नल में कुछ नहीं बदलता, अत: बीस गुना पानी भरने में ठीक बीस गुना समय लगेगा।
प्र10.
एक एकड़ भूमि का मूल्य ₹ 15,00,000 है। बताइए कि उसी भूमि के 2400 वर्गफुट भूखंड का मूल्य क्या होगा?
उत्तर

लगभग ₹ 82,645

1 एकड़ = 43,560 वर्गफुट का मूल्य ₹ 15,00,000
43560 : 1500000 :: 2400 : x
43560 × x = 2400 × 15,00,000
x = 36,00,00,00,000 ÷ 43560
x = ₹ 82,644.63 ≈ ₹ 82,645
यह भाग इतना छोटा क्यों है: 2,400 वर्गफुट एक एकड़ का केवल 2400⁄43560 ≈ 5.5% है, अत: उसका मूल्य ₹ 15,00,000 का लगभग 5.5% होना चाहिए — लगभग ₹ 82,500, जो मेल खाता है। यह मोटा अनुमान पहले लगा लेने से तुरंत पता चल जाता है कि लंबी भाग-क्रिया में कहीं चूक तो नहीं हुई।
संकेत: प्रति वर्गफुट दर 1500000 ÷ 43560 ≈ ₹ 34.44 है। 2400 × 34.44 से ₹ 82,656 मिलता है — यह छोटा अंतर केवल दर के पूर्णांकन का है, इसीलिए भाग सबसे अंत में देना अधिक सुरक्षित है।
प्र11.
एक खेत को एक ट्रैक्टर 1 जोड़ी बैलों की अपेक्षा तीव्र गति से जोत सकता है। एक कृषक अपने 20 एकड़ खेत की जुताई करना चाहता है। बैलों की एक जोड़ी को एक एकड़ जमीन जोतने में 6 घंटे का समय लगता है। यदि किसान बैलों की जोड़ी से खेत जोतता है तो बताइए कि उसे कितना समय लगेगा?
उत्तर

बैलों की जोड़ी से 120 घंटे लगेंगे।

बैल: 1 एकड़ के लिए 6 घंटे
1 : 6 :: 20 : t
t = 20 × 6 = 120 घंटे
यह सीधा समानुपात क्यों है: क्षेत्रफल और समय साथ-साथ बढ़ते हैं — खेत दुगुना तो घंटे भी दुगुने। बैलों की गति नहीं बदलती, अत: 20 एकड़ के लिए 20 × 6 घंटे लगेंगे।
संकेत: इसी प्रश्न के अंग्रेज़ी संस्करण में यह भी दिया है कि ट्रैक्टर बैलों से 4 गुना तेज़ जोतता है, और ट्रैक्टर से लगने वाला समय भी पूछा गया है। वहाँ ट्रैक्टर 1 एकड़ 6 ÷ 4 = 1.5 घंटे में जोतेगा, अत: 20 एकड़ के लिए 20 × 1.5 = 30 घंटे, अर्थात 120 ÷ 4 = 30 घंटे। ध्यान दीजिए कि यहाँ दो भिन्न संबंध एक साथ हैं — क्षेत्रफल के साथ समय बढ़ता है, पर गति के साथ घटता है; इन्हें गड्डमड्ड करने पर ट्रैक्टर के लिए 30 के स्थान पर 480 घंटे आ जाते।
प्र12.
₹ 10 का सिक्का ताँबे और निकल की एक मिश्रधातु ‘क्यूप्रो-निकल’ से निर्मित है। इस मिश्रधातु को ताँबे और निकल की 3 : 1 की मात्रा से मिलाकर प्राप्त किया जाता है। सिक्के का द्रव्यमान 7.74 ग्राम है। यदि ताँबे का मूल्य ₹ 906 प्रति किलोग्राम तथा निकल का मूल्य ₹ 1341 प्रति किलोग्राम है तो ₹ 10 के सिक्के में इन धातुओं का मूल्य क्या होगा?
उत्तर

ताँबा ≈ ₹ 5.26, निकल ≈ ₹ 2.59, दोनों मिलाकर लगभग ₹ 7.85

कुल समूह = 3 + 1 = 4, प्रत्येक समूह = 7.74 ÷ 4 = 1.935 ग्राम
ताँबा = 3 × 1.935 = 5.805 ग्राम
निकल = 1 × 1.935 = 1.935 ग्राम

ताँबा: ₹ 906 प्रति 1000 ग्राम → 5.805 × 906 ÷ 1000 = 5259.33 ÷ 1000 = ₹ 5.26
निकल: ₹ 1341 प्रति 1000 ग्राम → 1.935 × 1341 ÷ 1000 = 2594.835 ÷ 1000 = ₹ 2.59
कुल धातु मूल्य ≈ ₹ 7.85
₹ 10 के सिक्के में ₹ 10 की धातु क्यों नहीं होती: सिक्के की धातु का मूल्य लगभग ₹ 7.85 है, जो उसके अंकित मूल्य से कम है। यह अंतर महत्त्वपूर्ण है: यदि धातु ₹ 10 से अधिक मूल्य की होती तो सिक्कों को चलाने के बजाय गलाना लाभप्रद हो जाता और सिक्के प्रचलन से गायब हो जाते। टकसाल मिश्रधातु और द्रव्यमान इसी अनुपात को ध्यान में रखकर चुनती है।
स्वयं जाँचिए: ताँबा द्रव्यमान का 3⁄4 है पर मूल्य का केवल 5.26⁄7.85 ≈ 67%, क्योंकि निकल महँगी धातु है — ₹ 1,341 बनाम ₹ 906 प्रति किलोग्राम। द्रव्यमान का अनुपात और मूल्य का अनुपात दो भिन्न अनुपात हैं, और इनका समान होना आवश्यक नहीं।
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