गणित प्रकाश अध्याय 7 आइए, पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
निम्नलिखित समानुपात के सही कथनों पर गोला बनाइए। (i) 4 : 7 :: 12 : 21 (ii) 8 : 3 :: 24 : 6 (iii) 7 : 12 :: 12 : 7 (iv) 21 : 6 :: 35 : 10 (v) 12 : 18 :: 28 : 12 (vi) 24 : 8 :: 9 : 3
उत्तर

सही कथन: (i), (iv) तथा (vi)

कथनवज्र गुणन (ad तथा bc)सरलतम रूपसही?
(i) 4 : 7 :: 12 : 214 × 21 = 84, 7 × 12 = 844 : 7 और 4 : 7सही
(ii) 8 : 3 :: 24 : 68 × 6 = 48, 3 × 24 = 728 : 3 और 4 : 1गलत
(iii) 7 : 12 :: 12 : 77 × 7 = 49, 12 × 12 = 1447 : 12 और 12 : 7गलत
(iv) 21 : 6 :: 35 : 1021 × 10 = 210, 6 × 35 = 2107 : 2 और 7 : 2सही
(v) 12 : 18 :: 28 : 1212 × 12 = 144, 18 × 28 = 5042 : 3 और 7 : 3गलत
(vi) 24 : 8 :: 9 : 324 × 3 = 72, 8 × 9 = 723 : 1 और 3 : 1सही
(iii) में छिपा जाल: अनुपात के पदों को उलट देने से समानुपाती अनुपात नहीं मिलता। 7 : 12 और 12 : 7 तभी बराबर होते जब 7 × 7 = 12 × 12 होता, अर्थात 7 = 12। सामान्यत: a : b :: b : a केवल तभी होता है जब a = b हो।
संकेत: (ii) में प्रथम पद तिगुने हुए (8 → 24) पर दूसरे पद दुगुने (3 → 6)। दो भिन्न गणक — अत: कथन गलत है, और यह बिना कोई गुणा किए ही दिख जाता है।
प्र2.
4 : 9 के समानुपाती 3 अनुपात लिखिए।
उत्तर

8 : 18, 12 : 27, 16 : 36 — और ऐसे अनंत अनुपात हैं।

4 : 9 × 2 → 8 : 18
4 : 9 × 3 → 12 : 27
4 : 9 × 4 → 16 : 36

कोई भी गणक चलेगा, पूर्णांक हो या भिन्न: × 10 से 40 : 90, × 1⁄2 से 2 : 4.5, × 25 से 100 : 225।

4 : 9 स्वयं क्यों नहीं बदलता: 4 और 9 का म.स.प. 1 है, अत: 4 : 9 पहले से ही सरलतम रूप में है। इसके समानुपाती प्रत्येक अनुपात को सरल करने पर 4 : 9 ही वापस मिलेगा — इसी कारण सरलतम रूप पहचान का काम करता है। किसी भी उत्तर को वज्र गुणन से जाँचिए: 4 × 18 = 72 = 9 × 8।
प्र3.
दिए गए अनुपातों की लुप्त संख्याएँ लिखिए जो 18 : 24 के समानुपाती हैं। 3 : ______ 12 : ______ 20 : ______ 27 : ______
उत्तर

पहले सरल कीजिए: 18 : 24 = 3 : 4 (म.स.प. = 6)। प्रत्येक उत्तर को सरल करने पर 3 : 4 आना चाहिए, अत: दूसरा पद सदैव पहले पद का 4⁄3 होगा।

3 : ___ → 3 × 4⁄3 = 4 → 3 : 4
12 : ___ → 12 × 4⁄3 = 16 → 12 : 16
20 : ___ → 20 × 4⁄3 = 80⁄3 = 26⅔ → 20 : 26⅔
27 : ___ → 27 × 4⁄3 = 36 → 27 : 36
एक उत्तर पूर्णांक क्यों नहीं है: 3 से 20 तक पहुँचने का गणक 20⁄3 है, जो पूर्णांक नहीं; अत: दूसरा पद 4 × 20⁄3 = 80⁄3 भी पूर्णांक नहीं हो सकता। इसमें कुछ गलत नहीं — अनुपात के पद भिन्न भी हो सकते हैं। यदि भिन्न से बचना हो तो दोनों पदों को 3 से गुणा करके यही अनुपात 60 : 80 लिख लीजिए।
स्वयं जाँचिए: 20 × 4 = 80 तथा 3 × 80⁄3 = 80। वज्र गुणनफल समान हैं, अत: 3 : 4 :: 20 : 80⁄3 सही है।
प्र4.
दिए गए आयतों को देखिए। कौन-से आयत एक-दूसरे के समान हैं? आप एक पैमाने का उपयोग करके चौड़ाई और ऊँचाई को मापकर और उनके अनुपातों की तुलना करके इसे सत्यापित कर सकते हैं।
उत्तर

A और D परस्पर एक समान हैं, तथा C और E परस्पर एक समान हैं। B किसी के समान नहीं है।

प्रत्येक आयत की दोनों भुजाएँ पैमाने से मापिए — तीन आयत तिरछे छपे हैं, अत: भुजा के साथ-साथ मापिए, पृष्ठ के आर-पार नहीं। निकटतम मिलीमीटर तक —

आयतछोटी भुजाबड़ी भुजाबड़ी : छोटीसरलतम रूप
A6 मिमी.18 मिमी.3.03 : 1
B12 मिमी.18 मिमी.1.53 : 2
C20 मिमी.51 मिमी.2.555 : 2
D13 मिमी.39 मिमी.3.03 : 1
E7 मिमी.17 मिमी.2.435 : 2
A 6 × 18 mm 1 : 3 B 18 × 12 mm 3 : 2 C 51 × 20 mm 5 : 2 D 39 × 13 mm 3 : 1 E 17 × 7 mm 5 : 2
पाँचों आयत सीधे खड़े करके मापानुसार बनाए गए हैं; भुजाएँ निकटतम मिलीमीटर तक मापी गई हैं। नीचे लंबी भुजा : छोटी भुजा दिया है।
आयत का घुमा होना क्यों मायने नहीं रखता: C, D और E तिरछे छपे हैं, पर किसी आकृति को घुमाने से वह अपने स्थान से हटती भर है, कोई लंबाई नहीं बदलती। भुजाओं का युग्म — और इसलिए अनुपात — घुमाने के बाद भी वही रहता है। अत: भुजाओं के अनुपात की तुलना कीजिए और तिरछेपन को छोड़ दीजिए। A का 3 : 1 है और D का भी; C लगभग 5 : 2 है और E भी; B का 3 : 2 है जिसका इस समूह में कोई साथी नहीं।
संकेत: आपका माप कहीं-कहीं एक मिलीमीटर इधर-उधर हो सकता है, अत: 2.43 और 2.55 को “दोनों लगभग 2.5” पढ़िए। जब दो अनुपात आपकी माप-त्रुटि के भीतर मेल खाएँ तो आयतों को एक समान मानिए और हो सके तो एक विकर्ण को दूसरे पर रखकर जाँच लीजिए।
प्र5.
नीचे दिए गए आयत को देखिए। क्या आप अपनी अभ्यास पुस्तिका में समान चौड़ाई और ऊँचाई के अनुपात वाला एक छोटा आयत और एक बड़ा आयत बना सकते हैं? अपने आयतों की तुलना अपने सहपाठियों के चित्रों से कीजिए। क्या ये सभी समान हैं? यदि ये आपके चित्रों से भिन्न हैं तो आपके अनुसार ऐसा क्यों हैं? क्या वे त्रुटिपूर्ण हैं?
उत्तर

छपे हुए आयत का माप लगभग 35 मिमी. × 21 मिमी. है, अत: चौड़ाई : ऊँचाई = 5 : 3। दोनों पदों को समान गणक से गुणा करके जितनी चाहें उतनी प्रतिलिपियाँ बनाइए।

गणकचौड़ाईऊँचाईअनुपात
× 0.4 सेमी. (छोटा)2 सेमी.1.2 सेमी.5 : 3
छपा हुआ आयत3.5 सेमी.2.1 सेमी.5 : 3
× 1.6 सेमी. (बड़ा)8 सेमी.4.8 सेमी.5 : 3

नहीं, सहपाठियों के आयत आकार में एक समान नहीं होंगे — और नहीं, वे त्रुटिपूर्ण नहीं हैं।

भिन्न उत्तर सही क्यों हैं: प्रश्न आकृति निश्चित करता है पर आकार स्वतंत्र छोड़ देता है। सबने अपना-अपना गणक चुना, अत: चित्र आकार में भिन्न हैं; पर अनुपात किसी ने नहीं बदला, अत: आकृति में भिन्न नहीं हैं। अनंत सही उत्तरों वाला प्रश्न दोषपूर्ण नहीं होता — वह एक आकृति के बारे में नहीं, आकृतियों के एक परिवार के बारे में होता है।
स्वयं जाँचिए: किन्हीं दो चित्रों को इस प्रकार रखिए कि उनके नीचे-बाएँ कोने मिलें और भुजाएँ एक-दूसरे पर पड़ें। दोनों के ऊपर-दाएँ कोने तथा साझा कोना एक ही सरल रेखा पर होंगे। यदि किसी सहपाठी का आयत उस रेखा से हटता है तो उसका अनुपात 5 : 3 नहीं है।
प्र6.
नीचे दी गई आकृति रंगीन ईंटों से बने प्रतिरूप वाली एक लंबी ईंट की दीवार के एक छोटे भाग को दर्शाती है। दीवार के प्रत्येक भाग में यह प्रतिरूप निरंतर बना रहता है। आप बताइए कि भूरी ईंटों और रंगीन ईंटों का अनुपात क्या है? इस अनुपात को सरलतम रूप में लाने का प्रयास कीजिए।
उत्तर

(क) 9 : 6 = 3 : 2 (ख) 16 : 12 = 4 : 3

प्रतिरूप अनंत बार दोहराया जाता है, अत: पूरी दीवार गिनने की आवश्यकता नहीं। एक आवर्ती खंड ढूँढ़िए, उसी में गिनिए, और वही अनुपात पूरी दीवार पर लागू होगा।

दीवार (क)। खंड 5 स्तंभ चौड़ा और 3 पंक्ति ऊँचा है — 15 ईंटें। रंगीन ईंटें नीचे की ओर मुख किए त्रिभुज बनाती हैं —

ऊपरी पंक्ति: 3 रंगीन, 2 भूरी
बीच की पंक्ति: 2 रंगीन, 3 भूरी
निचली पंक्ति: 1 रंगीन, 4 भूरी
रंगीन = 3 + 2 + 1 = 6, भूरी = 15 − 6 = 9
भूरी : रंगीन = 9 : 6 = 3 : 2
दीवार (क) का एक आवर्ती खंड: 5 स्तंभ × 3 पंक्तियाँ = 15 ईंटें, जिनमें 3 + 2 + 1 = 6 रंगीन और 9 भूरी हैं।

दीवार (ख)। यहाँ रंगीन ईंटें हीरे जैसी आकृति की रूपरेखा बनाती हैं और प्रतिरूप प्रत्येक 4 स्तंभ के बाद, 7 पंक्तियों में दोहराया जाता है — एक खंड में 28 ईंटें —

ऊपर से पंक्तियों में रंगीन: 1, 2, 2, 2, 2, 2, 1
रंगीन = 1 + 2 + 2 + 2 + 2 + 2 + 1 = 12, भूरी = 28 − 12 = 16
भूरी : रंगीन = 16 : 12 = 4 : 3
दीवार (ख): रंगीन ईंटें हीरे जैसी आकृति बनाती हैं जो प्रत्येक 4 स्तंभ के बाद दोहराई जाती है (बिंदुदार रेखा)। एक खंड = 4 स्तंभ × 7 पंक्तियाँ = 28 ईंटें — 12 रंगीन, 16 भूरी।
एक खंड से पूरी दीवार का निर्णय क्यों हो जाता है: प्रतिरूप (क) की 20 खंड लंबी दीवार में 20 × 9 भूरी और 20 × 6 रंगीन ईंटें होंगी। दोनों संख्याएँ 20 से गुणा हुईं, अर्थात दोनों पदों पर समान गणक — अत: अनुपात अपरिवर्तित रहा। इसी कारण दीवार कितनी भी लंबी हो, एक अनुपात उसका पूरा वर्णन कर देता है।
संकेत: खंड कहाँ से आरंभ करते हैं, इससे अंतर नहीं पड़ता, बशर्ते खंड पूरे एक आवर्त जितना चौड़ा हो। एक ईंट आगे से गिनना आरंभ कीजिए, (क) में फिर भी 9 भूरी और 6 रंगीन ही मिलेंगी।
प्र7.
आइए, कुछ मानव आकृतियाँ चित्रित करते हैं। आप अपने मित्र के शरीर की लंबाई मापिए, जैसे— उनके सिर, भुजाओं और पैरों की लंबाई। नीचे दिए गए अनुपातों को लिखिए। सिर : धड़ ______ : ______ धड़ : भुजा ______ : ______ धड़ : पैर ______ : ______ उपर्युक्त अनुपात के अनुसार सिर, धड़, भुजाओं और पैरों के साथ एक आकृति बनाइए। क्या अनुपात समानुपातिक होने पर चित्र अधिक वास्तविक प्रतीत होता है? क्यों? क्यों नहीं?
उत्तर

फीते से मापिए, लंबाइयाँ लिखिए, फिर प्रत्येक युग्म को सरल कीजिए। लगभग 150 सेमी. लंबे एक विद्यार्थी का वास्तविक माप —

अंगलंबाईपूछा गया अनुपातसरलतम रूप
सिर22 सेमी.सिर : धड़ = 22 : 552 : 5
धड़55 सेमी.धड़ : भुजा = 55 : 6011 : 12
भुजा60 सेमी.धड़ : पैर = 55 : 8011 : 16
पैर80 सेमी.

आकृति बनाने के लिए एक सुविधाजनक गणक चुनकर उसे प्रत्येक माप पर लगाइए। वास्तविक लंबाइयों का 1⁄5 लेने पर: सिर 4.4 सेमी., धड़ 11 सेमी., भुजा 12 सेमी., पैर 16 सेमी.।

हाँ, अनुपात बनाए रखने पर चित्र कहीं अधिक वास्तविक लगता है।

ऐसा क्यों होता है: हम मानव आकृति को उसके अंगों के सापेक्ष आकारों से पहचानते हैं, उसकी वास्तविक ऊँचाई से नहीं — इसीलिए 5 सेमी. का रेखाचित्र और आदमकद पोस्टर, दोनों मनुष्य जैसे लग सकते हैं। केवल सिर बड़ा कर दीजिए और शेष वैसा ही रहने दीजिए, तो दोनों गणक भिन्न हो जाते हैं और आकृति कार्टून लगने लगती है। एक ही गणक सब पर लगाइए तो चित्र की प्रत्येक दूरी वास्तविक दूरी का उतना ही गुना होती है, और कुछ भी बेमेल नहीं दिखता।
क्या आप जानते हैं? चित्रकार आकृति को प्राय: “सिर की लंबाइयों” में मापते हैं। एक वयस्क लगभग 7 से 8 सिर ऊँचा होता है, जबकि छोटा बच्चा लगभग 5 — और यही अनुपात का अंतर, ऊँचाई का नहीं, बच्चे के चित्र को बच्चा दिखाता है।
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