प्र1.
उदाहरण 8— 120 विद्यार्थियों वाले एक विद्यालय में मध्याह्न भोजन के लिए रसोइया 15 किलोग्राम चावल बनाता है। एक दिन वर्षा के कारण मात्र 80 विद्यार्थी विद्यालय में उपस्थित रहे। रसोइए को कितने किलोग्राम चावल बनाने चाहिए कि भोजन व्यर्थ न जाए?
उत्तर
10 किलोग्राम चावल।
विद्यार्थी : चावल समानुपाती रहने चाहिए
120 : 15 :: 80 : ?
परिवर्तन का गणक = 80⁄120 = 2⁄3
चावल = 15 × 2⁄3 = 10 किलोग्राम
120 : 15 :: 80 : ?
परिवर्तन का गणक = 80⁄120 = 2⁄3
चावल = 15 × 2⁄3 = 10 किलोग्राम
यह क्यों चलता है: रसोइया वस्तुत: एक निश्चित दर पर काम कर रहा है — 120 विद्यार्थियों पर 15 किलोग्राम, अर्थात 15⁄120 = 0.125 किलोग्राम प्रति विद्यार्थी। विद्यार्थी कम होने से यह दर नहीं बदलती, अत: 80 × 0.125 = 10 किलोग्राम। चावल को उसी 2⁄3 से गुणा करना, जिससे विद्यार्थी गुणा हुए, यही बात कहने का छोटा तरीका है।
स्वयं जाँचिए: वज्र गुणन — 120 × 10 = 1200 तथा 15 × 80 = 1200। समान हैं, अत: समानुपात सही है।