गणित प्रकाश अध्याय 7 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
उदाहरण 8— 120 विद्यार्थियों वाले एक विद्यालय में मध्याह्न भोजन के लिए रसोइया 15 किलोग्राम चावल बनाता है। एक दिन वर्षा के कारण मात्र 80 विद्यार्थी विद्यालय में उपस्थित रहे। रसोइए को कितने किलोग्राम चावल बनाने चाहिए कि भोजन व्यर्थ न जाए?
उत्तर

10 किलोग्राम चावल।

विद्यार्थी : चावल समानुपाती रहने चाहिए
120 : 15 :: 80 : ?
परिवर्तन का गणक = 80⁄120 = 2⁄3
चावल = 15 × 2⁄3 = 10 किलोग्राम
यह क्यों चलता है: रसोइया वस्तुत: एक निश्चित दर पर काम कर रहा है — 120 विद्यार्थियों पर 15 किलोग्राम, अर्थात 15⁄120 = 0.125 किलोग्राम प्रति विद्यार्थी। विद्यार्थी कम होने से यह दर नहीं बदलती, अत: 80 × 0.125 = 10 किलोग्राम। चावल को उसी 2⁄3 से गुणा करना, जिससे विद्यार्थी गुणा हुए, यही बात कहने का छोटा तरीका है।
स्वयं जाँचिए: वज्र गुणन — 120 × 10 = 1200 तथा 15 × 80 = 1200। समान हैं, अत: समानुपात सही है।
प्र2.
प्रथम पद में परिवर्तन का गणक क्या है?
उत्तर

2⁄3 — विद्यार्थियों की संख्या घटकर सामान्य का दो-तिहाई रह गई है।

80⁄120 = 8⁄12 = 2⁄3

1 से छोटा गणक बताता है कि राशि घटी है। दूसरे पद को भी ठीक इसी 2⁄3 से गुणा करना होगा।

प्र3.
उदाहरण 9— एक कार 150 मिनट में 90 किलोमीटर दूरी तय करती है। यदि वह इसी गति से चलती रहे तो 4 घंटे में वह कितनी दूरी तय करेगी?
उत्तर

144 किलोमीटर।

4 घंटे = 4 × 60 = 240 मिनट
150 : 90 :: 240 : x
वज्र गुणन से: 150 × x = 240 × 90
x = (240 × 90) ÷ 150
x = 21600 ÷ 150 = 144 किलोमीटर
समय और दूरी को इस प्रकार क्यों जोड़ा जा सकता है: गति नहीं बदलती, अत: समय बढ़ने के साथ दूरी ठीक उसी अनुपात में बढ़ती है — समय दुगुना तो दूरी भी दुगुनी। जो राशियाँ इस प्रकार साथ-साथ बढ़ती हैं, तीन का नियम केवल उन्हीं पर लागू होता है।
स्वयं जाँचिए: कार की गति 90 ÷ 150 = 0.6 किलोमीटर प्रति मिनट है। 240 मिनट में वह 240 × 0.6 = 144 किलोमीटर होगी। दूसरे मार्ग से वही उत्तर।
प्र4.
क्या यह प्रश्न निर्माण की सही विधि है?
उत्तर

नहीं। 150 : 90 :: 4 : ? में इकाइयाँ मिली-जुली हैं — 150 मिनट में है और 4 घंटों में।

गलत: 150 मिनट : 90 किमी :: 4 घंटे : ?
सही: 4 घंटे = 240 मिनट, अत: 150 : 90 :: 240 : ?
इकाइयाँ समान क्यों होनी चाहिए: परिवर्तन का गणक प्रथम पदों को भाग देकर निकाला जाता है, और जब एक घंटे में हो तथा दूसरा मिनट में, तब 4 ÷ 150 एक निरर्थक संख्या है। दोनों के मिनट में आते ही 240 ÷ 150 = 8⁄5 सच्चा गणक बन जाता है, और 90 को 8⁄5 से गुणा करने पर 144 मिलता है। कच्चे 4 का उपयोग करने पर चार घंटे की यात्रा के लिए 90 × 4⁄150 = 2.4 किलोमीटर मिलता — जो सामान्य बुद्धि से ही तुरंत गलत ठहरता है।
प्र5.
आप 240 मिनट में तय की गई दूरी कैसे ज्ञात कर सकते हैं? अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए और विभिन्न युक्तियों का उपयोग कर उत्तर ज्ञात कीजिए।
उत्तर

नीचे तीनों मार्गों से 144 किलोमीटर ही मिलता है। जो सबसे स्पष्ट लगे, वही अपनाइए।

  • ऐकिक विधि। 1 मिनट में कार 90 ÷ 150 = 0.6 किलोमीटर चलती है। 240 मिनट में 240 × 0.6 = 144 किलोमीटर।
  • अनुपात को बढ़ाना। 240 ÷ 150 = 8⁄5, अत: दूरी को भी 8⁄5 से गुणा कीजिए: 90 × 8⁄5 = 144 किलोमीटर।
  • समय के टुकड़े करना। 150 मिनट → 90 किमी, अत: 300 मिनट → 180 किमी और 30 मिनट → 18 किमी। अब 240 = 300 − 60, तथा 60 मिनट → 36 किमी, अत: 180 − 36 = 144 किमी।
तुलना हेतु वज्र गुणन:
150 : 90 :: 240 : x ⇒ 150x = 240 × 90 ⇒ x = 144 किमी
तीनों उत्तर समान क्यों हैं: ये सभी उसी एक तथ्य का उपयोग कर रहे हैं कि कार प्रत्येक मिनट 0.6 किलोमीटर चलती है। वज्र गुणन कोई चौथा विचार नहीं है — वही समीकरण है जिसमें भाग देने का काम अंत तक टाल दिया गया है।
प्र6.
उदाहरण 10— हिमाचल प्रदेश में एक किसान 200 ग्राम चाय पैकेट को ₹ 200 में बेचता है। मेघालय में एक बड़ा किसान 1 किलोग्राम चाय को ₹ 800 में बेचता है। क्या दोनों स्थानों के भार और मूल्य के अनुपात समानुपाती हैं?
उत्तर

नहीं, ये समानुपाती नहीं हैं। पहले दोनों भार एक ही इकाई में लाइए।

हिमाचल: 200 ग्राम : ₹ 200 → म.स.प. 200 → 1 : 1
मेघालय: 1 किलोग्राम = 1000 ग्राम, अत: 1000 : 800 → म.स.प. 200 → 5 : 4
1 : 1 और 5 : 4 समान नहीं, अत: अनुपात समानुपाती नहीं हैं
1 : 800 लिखना गलत क्यों होता: हिमाचल का अनुपात भार को ग्राम में लेकर बना था। यदि मेघालय का भार किलोग्राम में ही रहे तो दोनों अनुपात अलग-अलग वस्तुओं को माप रहे होंगे और उनकी तुलना का कोई अर्थ ही नहीं रहेगा। समान इकाई में लाना औपचारिकता नहीं है — उसी से तुलना अर्थपूर्ण बनती है।
स्वयं जाँचिए: सुधरे हुए अनुपातों का वज्र गुणन — 200 × 800 = 160000 जबकि 200 × 1000 = 200000। गुणनफल असमान हैं, अत: अनुपात समानुपाती नहीं।
प्र7.
बताइए कि दोनों में से कौन-सी चाय अधिक मूल्यवान है? क्यों?
उत्तर

हिमाचल की चाय अधिक मूल्यवान है — ₹ 1,000 प्रति किलोग्राम, जबकि मेघालय की ₹ 800 प्रति किलोग्राम।

मेघालय: 1 किलोग्राम का मूल्य ₹ 800
हिमाचल: 200 ग्राम, 1 किलोग्राम का 1⁄5 है, अत: यदि 1 किलोग्राम का मूल्य ₹ x हो,
1⁄5 × x = 200
x = 200 × 5 = ₹ 1,000
पैकेट के मूल्यों की सीधी तुलना क्यों नहीं हो सकती: ₹ 200, ₹ 800 से बहुत कम दिखता है, पर दोनों पैकेट एक आकार के नहीं हैं। मूल्य तभी तुलनीय बनते हैं जब वे एक ही भार के लिए बताए जाएँ। दोनों को “रुपये प्रति किलोग्राम” में लाने से ठीक यही होता है, और तब हिमाचल की चाय ₹ 200 प्रति किलोग्राम महँगी निकलती है।
क्या आप जानते हैं? दुकान की अलमारी पर प्रति किलोग्राम, प्रति लीटर या प्रति 100 ग्राम का मूल्य इसी कारण छापा जाता है। वह प्रत्येक पैकेट को, चाहे उसका आकार कुछ भी हो, एक तुलनीय अनुपात में बदल देता है।
प्र8.
गतिविधि 1— अपनी रुचि के अनुसार किसी एक व्यंजन का चयन कीजिए। अपने परिवार हेतु यह व्यंजन बनाने के लिए इसकी सभी सामग्री और आवश्यक मात्रा ज्ञात कीजिए। मान लीजिए आप कोई उत्सव मना रहे हैं और आप 15 अतिथियों को आमंत्रित करना चाहते हैं। अतिथियों हेतु इसी व्यंजन को बनाने में उपयोग होने वाली सामग्री की मात्रा ज्ञात कीजिए।
उत्तर

पहले परिवार की विधि लिखिए, फिर प्रत्येक सामग्री को एक ही गणक से बढ़ाइए। यहाँ 5 सदस्यों के परिवार के लिए बनने वाले उपमा का उदाहरण है, जिसमें 15 अतिथि आमंत्रित हैं अर्थात कुल 20 व्यक्ति।

परिवर्तन का गणक = 20⁄5 = 4
सामग्री5 व्यक्तियों के लिए× 420 व्यक्तियों के लिए
रवा (सूजी)250 ग्राम250 × 41000 ग्राम = 1 किलोग्राम
पानी600 मिलीलीटर600 × 42400 मिलीलीटर = 2.4 लीटर
प्याज1 मध्यम1 × 44 मध्यम
तेल2 बड़े चम्मच2 × 48 बड़े चम्मच
नमक1 छोटा चम्मच1 × 44 छोटे चम्मच
प्रत्येक सामग्री पर समान गणक क्यों: किसी व्यंजन का स्वाद उसकी सामग्रियों के आपसी अनुपातों से तय होता है — रवा से पानी, नमक से रवा। सबको 4 से बढ़ाइए तो ये सारे अनुपात ज्यों के त्यों रहते हैं, अत: स्वाद वही रहता है, केवल मात्रा बढ़ जाती है। रवा चौगुना कर दीजिए पर पानी केवल दुगुना, तो 250 : 600 बदलकर 1000 : 1200 हो जाएगा और उपमा सूखा बनेगा।
संकेत: यदि आपका परिवार 6 सदस्यों का है और 6 + 15 = 21 व्यक्तियों के लिए बनाना है तो गणक 21⁄6 = 3.5 होगा — भिन्न, और पूर्णत: उपयोगी। तब 250 ग्राम रवा 875 ग्राम हो जाएगा।
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