गणित प्रकाश अध्याय 7 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
उदाहरण 1— क्या अनुपात 3 : 4 और 72 : 96 समानुपातिक हैं?
उत्तर

हाँ। दोनों का सरलतम रूप एक ही है।

3 : 4 पहले से ही सरलतम है (3 और 4 का म.स.प. 1 है)
72 : 96, म.स.प. = 24 → 72⁄24 : 96⁄24 = 3 : 4
अत: 3 : 4 :: 72 : 96
स्वयं जाँचिए: वज्र गुणन कीजिए — 3 × 96 = 288 तथा 4 × 72 = 288। गुणनफल समान हैं, अत: सरल किए बिना भी समानुपात सिद्ध हो जाता है।
प्र2.
72 और 96 का म.स.प. क्या है?
उत्तर

24।

72 = 2 × 2 × 2 × 3 × 3 = 2³ × 3²
96 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 3 = 2⁵ × 3
उभयनिष्ठ भाग = 2³ × 3 = 24

72 : 96 के दोनों पदों को 24 से भाग देने पर 3 : 4 प्राप्त होता है।

प्र3.
उदाहरण 2— केसांग एक उत्सव के लिए नींबू पानी बनाना चाहती थी। उसने एक पात्र में 6 गिलास नींबू पानी बनाया और उसमें 10 चम्मच चीनी मिला दी। उसके पिताजी को आशा थी कि उत्सव में और भी व्यक्ति उपस्थित हो सकते हैं। अतः पिताजी ने उसे 18 गिलास नींबू पानी और बनाने के लिए कहा। केसांग को समान मिठास के नींबू पानी के घोल में कितनी चम्मच चीनी मिलानी चाहिए?
उत्तर

18 अतिरिक्त गिलासों के लिए 30 चम्मच चीनी

गिलास : चम्मच समानुपाती रहने चाहिए
6 : 10 :: 18 : ?
प्रथम पद: 6 → 18, गणक = 18 ÷ 6 = 3
दूसरा पद भी 3 से बदले: 10 × 3 = 30
6 : 10 :: 18 : 30
गणक समान क्यों होना चाहिए: मिठास का अर्थ है प्रति गिलास चीनी की मात्रा। पहले पात्र में यह 10⁄6 चम्मच प्रति गिलास है। यदि गिलासों की संख्या तिगुनी हो जाए पर चीनी न बढ़े तो प्रत्येक गिलास में चीनी एक-तिहाई रह जाएगी और स्वाद फीका हो जाएगा। दोनों को तिगुना करने पर 30⁄18 = 10⁄6 बना रहता है — वही मिठास।
संकेत: कुल मिलाकर केसांग 6 + 18 = 24 गिलास बनाएगी और 10 + 30 = 40 चम्मच चीनी लगेगी; 24 : 40 का सरलतम रूप भी 3 : 5 है। अत: पूरा घोल पहले पात्र जितना ही मीठा रहेगा।
प्र4.
हम अनुपात में परिवर्तन का गणक कैसे ज्ञात कर सकते हैं?
उत्तर

उसी राशि के नए पद को पुराने पद से भाग दीजिए।

गणक = नया प्रथम पद ÷ पुराना प्रथम पद
= 18 ÷ 6 = 3

गणक का पूर्णांक होना आवश्यक नहीं है। यदि प्रथम पद 6 से 9 हो जाता तो गणक 9 ÷ 6 = 3⁄2 होता, और दूसरे पद को भी 3⁄2 से गुणा करना पड़ता।

प्र5.
उदाहरण 3— नितिन और हरी अपने घर के परिसर की दीवार बना रहे थे। नितिन 60 फुट लंबाई वाली लंबी दीवार बना रहा था और हरी 40 फुट लंबाई वाली छोटी दीवार बना रहा था। नितिन ने 3 थैले सीमेंट का उपयोग किया किंतु हरी ने मात्र 2 थैले सीमेंट का उपयोग किया। नितिन चिंतित था कि हरी ने जो दीवार बनाई है वह उतनी सुदृढ़ नहीं होगी जितनी सुदृढ़ दीवार उसने बनाई है क्योंकि हरी ने कम सीमेंट का उपयोग किया था। क्या नितिन सही सोच रहा है?
उत्तर

नहीं, नितिन सही नहीं सोच रहा। दोनों दीवारें समान रूप से सुदृढ़ हैं।

नितिन: लंबाई : थैले = 60 : 3, म.स.प. = 3 → 20 : 1
हरी: लंबाई : थैले = 40 : 2, म.स.प. = 2 → 20 : 1
60 : 3 :: 40 : 2
ऐसा क्यों होता है: दृढ़ता इस बात पर निर्भर है कि दीवार के प्रत्येक फुट में कितना सीमेंट लगा, कुल कितने थैले लगे इस पर नहीं। दोनों प्रति 20 फुट पर 1 थैला लगा रहे हैं। हरी ने थैले कम इसलिए लगाए क्योंकि उसे दीवार भी कम बनानी थी। केवल कुल संख्याओं (3 और 2) की तुलना भिन्न-भिन्न आकार की दो वस्तुओं की तुलना है; अनुपात ही उचित तुलना करता है।
प्र6.
उदाहरण 4— मेरे विद्यालय में 5 शिक्षक और 170 विद्यार्थी हैं। यहाँ शिक्षकों और विद्यार्थियों का अनुपात 5 : 170 है। अपने विद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों की संख्या की गणना कीजिए और बताइए कि विद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों का अनुपात क्या है? इसे निम्न रिक्त स्थान पर लिखिए। ______ : ______ क्या आपके विद्यालय के शिक्षक व विद्यार्थी का अनुपात मेरे विद्यालय के अनुपात के समानुपाती है?
उत्तर

इसके लिए आपके अपने विद्यालय के आँकड़े चाहिए, किंतु निर्णय ठीक इस प्रकार लीजिए।

दिया गया विद्यालय: 5 : 170, म.स.प. = 5 → 1 : 34
(प्रत्येक 34 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक)

अपने विद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी गिनिए, अनुपात लिखिए और उसे सरलतम रूप में लाइए। फिर तुलना कीजिए —

  • यदि आपका सरलतम रूप भी 1 : 34 है तो दोनों अनुपात समानुपाती हैं;
  • यदि वह 1 : 25 है तो आपके विद्यालय में प्रत्येक शिक्षक पर कम विद्यार्थी हैं;
  • यदि वह 1 : 40 है तो प्रत्येक शिक्षक पर अधिक विद्यार्थी हैं।
स्वयं जाँचिए: मान लीजिए आपके विद्यालय में 12 शिक्षक और 408 विद्यार्थी हैं। 12 : 408 का म.स.प. 12 है और सरलतम रूप 1 : 34 — अर्थात 5 : 170 के समानुपाती, यद्यपि दोनों संख्याएँ कहीं बड़ी हैं। वज्र गुणन भी यही कहता है: 5 × 408 = 2040 = 170 × 12।
प्र7.
उदाहरण 5— आपके कक्षा-कक्ष में श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड) की चौड़ाई और ऊँचाई (निकटतम सेंटीमीटर तक) को मापिए। श्यामपट्ट की चौड़ाई और ऊँचाई का अनुपात क्या है? ______ : ______ क्या आप अपनी अभ्यास पुस्तिका में एक आयत बना सकते हैं जिसकी चौड़ाई और ऊँचाई श्यामपट्ट के अनुपात के समानुपाती हो?
उत्तर

मीटर पैमाने से मापिए और प्राप्त अनुपात को सरलतम रूप में लाइए। कक्षा-कक्षों में 240 सेमी. × 120 सेमी. का माप बहुत सामान्य है।

चौड़ाई : ऊँचाई = 240 : 120, म.स.प. = 120 → 2 : 1

अभ्यास पुस्तिका में समानुपाती आयत बनाने के लिए कोई भी सुविधाजनक गणक चुनकर दोनों पदों को उससे गुणा कीजिए —

गणकचौड़ाईऊँचाईअनुपात
× 4 सेमी.8 सेमी.4 सेमी.2 : 1
× 5 सेमी.10 सेमी.5 सेमी.2 : 1
× 6.5 सेमी.13 सेमी.6.5 सेमी.2 : 1
संकेत: यदि आपका श्यामपट्ट 210 सेमी. × 90 सेमी. का है तो अनुपात 210 : 90 = 7 : 3 होगा, और 14 सेमी. × 6 सेमी. का आयत उसके समानुपाती होगा।
प्र8.
आपके द्वारा बनाए गए आयत और आपके सहपाठियों द्वारा बनाए गए आयतों की परस्पर तुलना कीजिए। क्या ये सभी एक समान दिखाई देते हैं?
उत्तर

वे आकार में भिन्न पर आकृति में एक समान होंगे — प्रत्येक श्यामपट्ट की ही एक मापित प्रतिलिपि है।

ऐसा क्यों होता है: गणक चुनने की छूट सबको थी, अत: आकार भिन्न हैं। किंतु अनुपात बदलने की छूट किसी को नहीं थी, अत: आकृति भिन्न नहीं है। किन्हीं दो चित्रों को एक कोना मिलाकर एक के ऊपर एक रखिए — दोनों के विकर्ण एक ही रेखा पर पड़ेंगे, जो समान अनुपात वाले आयतों की निश्चित पहचान है।
स्वयं जाँचिए: जिस आयत का अनुपात मेल नहीं खाता, उसका विकर्ण स्पष्ट रूप से भिन्न ढाल पर होगा। बिना कुछ मापे पूरी कक्षा में से भिन्न आयत पहचानने की यह त्वरित विधि है।
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