क्योंकि 'ख' और 'ङ' में चौड़ाई और ऊँचाई में समान गणक से परिवर्तन नहीं हुआ है।
'क' → 'ख' : चौड़ाई 60 → 40, गणक 40⁄60 = 2⁄3 ; ऊँचाई 40 → 20, गणक 20⁄40 = 1⁄2
'क' → 'ङ' : चौड़ाई 60 → 60, गणक 1 ; ऊँचाई 40 → 60, गणक 60⁄40 = 3⁄2
दोनों स्थितियों में गणक भिन्न हैं, अत: एक दिशा दूसरी से अधिक खिंच गई।
सरल उत्तर पर्याप्त क्यों नहीं है: यह कहना सरल लगता है कि “'ङ' इसलिए भिन्न दिखता है क्योंकि वह वर्गाकार है और शेष आयताकार।” किंतु 'ख' भी आयताकार है और फिर भी भिन्न दिखता है। अत: आयताकार होना कसौटी नहीं है। कसौटी यह है कि परिवर्तन के दोनों गणक समान हैं या नहीं।