अनुमान लगाने का सूत्र अगली पंक्तियों में ही मिल जाता है — “नव रत्न दिये हैं लासानी। जिस पर ज्ञानी भी मरते हैं, जिस पर है दुनिया दीवानी।” जब पास ही ‘नव रत्न’ और ‘ज्ञानी’ आए हों, तो खजाने का अर्थ केवल सोना-चाँदी नहीं हो सकता।
| खजाने का प्रकार | उसमें क्या-क्या | पंक्ति से जुड़ाव |
|---|---|---|
| ज्ञान का खजाना | वेद-उपनिषद, गणित का शून्य और दशमलव, आयुर्वेद, योग, खगोल-शास्त्र, नालंदा-तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय | “जिस पर ज्ञानी भी मरते हैं” — विद्वान इसी पर मुग्ध होते हैं |
| प्रतिभाओं का खजाना | कवि, वैज्ञानिक, कलाकार, वीर — देश की अनमोल विभूतियाँ | “नव रत्न दिये हैं लासानी” — लासानी यानी बेमिसाल |
| प्राकृतिक खजाना | उपजाऊ मिट्टी, नदियाँ, वन, खनिज, समुद्र, हिमालय | “जिसकी मिट्टी में उगे बढ़े, पाया जिसमें दाना-पानी” |
| कला-संस्कृति का खजाना | संगीत, नृत्य, स्थापत्य, अनेक भाषाएँ और लोककलाएँ | “जिस पर है दुनिया दीवानी” — विश्व इन्हीं पर मोहित है |