प्र1.
नेताजी सुभाषचंद्र बोस और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने स्वाधीन संपन्न समाज की स्थापना के लिए अपने समय में अनेक प्रयास किए। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात इस दिशा में क्या-क्या उल्लेखनीय प्रयत्न किए गए हैं? अपनी सामाजिक अध्ययन की पाठ्यपुस्तक, अपने अनुभवों एवं पुस्तकालय की सहायता से लिखिए।
उत्तर
सबसे अच्छा उत्तर वही होगा जो नेताजी की अपनी शर्तों को क्रम से ले और हर शर्त के सामने स्वतंत्रता के बाद हुआ काम रखे। इससे उत्तर बिखरता नहीं और यह भी दिख जाता है कि उनका स्वप्न कहाँ तक पूरा हुआ।
| नेताजी की शर्त | स्वतंत्रता के बाद हुए प्रयत्न |
|---|---|
| व्यक्ति सब दृष्टियों से मुक्त हो | 1950 में लागू संविधान ने सभी नागरिकों को मूल अधिकार दिए — समानता, स्वतंत्रता, शोषण के विरुद्ध अधिकार और संवैधानिक उपचारों का अधिकार। |
| जातिभेद का स्थान न हो | संविधान में अस्पृश्यता का अंत (अनुच्छेद 17); शिक्षा और नौकरियों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए आरक्षण। |
| नारी को समान अधिकार | स्त्री-पुरुष को समान मताधिकार पहले ही चुनाव से; उत्तराधिकार तथा विवाह संबंधी क़ानूनों में सुधार; पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित। |
| अर्थ की विषमता न हो | पंचवर्षीय योजनाएँ, भूमि-सुधार, बैंकों का राष्ट्रीयकरण, हरित क्रांति और श्वेत क्रांति, तथा रोज़गार एवं खाद्य-सुरक्षा की योजनाएँ। |
| सबको शिक्षा और उन्नति का समान सुअवसर | शिक्षा का अधिकार — 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा; मध्याह्न भोजन; ‘सर्व शिक्षा अभियान’ जैसे कार्यक्रम। |
| श्रम और कर्म की मर्यादा | श्रमिकों के लिए क़ानून, न्यूनतम मज़दूरी, बाल-श्रम पर रोक, और कुटीर तथा लघु उद्योगों को बढ़ावा। |
| स्वदेशी समाज का यंत्र / आत्मनिर्भरता | इस्पात, अंतरिक्ष, रक्षा और सूचना-प्रौद्योगिकी में अपनी क्षमता का विकास — पाठ के आरंभ के चित्र में भी भारतीय रेल, उपग्रह-यान, पवन-चक्कियाँ और यूपीआई दिखाए गए हैं। |
उत्तर लिखते समय: केवल योजनाओं के नाम मत गिनाइए — हर नाम के आगे एक पंक्ति में यह भी लिखिए कि वह नेताजी की किस शर्त को पूरा करता है। और ईमानदारी से यह भी जोड़िए कि कहाँ काम शेष है, क्योंकि नेताजी का स्वप्न किसी तिथि पर पूरा हो जाने वाली चीज़ नहीं, लगातार चलने वाला काम है।