प्र1.
(क) कल्पना कीजिए कि आप उस घर में रहते हैं जहाँ चिड़ियाँ अपना घर बना रही हैं। अपने घर में उन्हें देखकर आप क्या करते?
उत्तर
यह कल्पना का प्रश्न है, इसलिए उत्तर आपका अपना होगा — पर वह व्यावहारिक होना चाहिए, केवल भावुक नहीं। ध्यान रखने योग्य बातें:
- घोंसले को हाथ बिल्कुल न लगाएँ — छूने से अंडे टूट सकते हैं और पक्षी घोंसला छोड़ सकते हैं।
- घोंसले के नीचे वाला पंखा न चलाएँ; ज़रूरत हो तो उस कमरे का उपयोग कम कर दें।
- नीचे अख़बार बिछा दें ताकि तिनके और गंदगी आसानी से हटाई जा सके — सफ़ाई का हल घोंसला हटाना नहीं, नीचे कागज़ बिछाना है।
- पास में पानी का एक उथला कटोरा और थोड़ा दाना रख दें, विशेषकर गरमियों में।
- बिल्ली को उस कमरे से दूर रखें और रात में एक रास्ता खुला छोड़ दें।
नमूना उत्तर: पहले तो मैं घर में सबको बता देता कि छत के पंखे में घोंसला बन गया है, ताकि कोई भूल से पंखा न चला दे। फिर मैं नीचे एक पुराना अख़बार बिछा देता, क्योंकि माँ को गंदगी से चिढ़ है और मैं नहीं चाहता कि सफ़ाई के नाम पर घोंसला हटा दिया जाए। मैं बालकनी में मिट्टी के कटोरे में पानी रख देता। और सबसे बड़ी बात — मैं दिन में कई बार चुपचाप, दूर से उन्हें देखा करता, क्योंकि पास जाने पर वे डर जातीं। तीन-चार हफ़्ते की ही तो बात होती है; बच्चे उड़ना सीख जाते तो घोंसला अपने आप खाली हो जाता।
कहानी से जोड़िए: पिताजी ने भी अंत में यही किया — कुछ नहीं किया, केवल देखते रहे और मुसकराते रहे। कई बार न करना ही सबसे अच्छा काम होता है।