प्र1.
(क) आपको इस कहानी में कौन-कौन से वाक्य पढ़कर हँसी आई? उन वाक्यों को चुनकर लिखिए।
उत्तर
हँसी लाने वाले वाक्यों को छाँटते समय यह देखिए कि हँसी किस बात से आ रही है — बढ़ा-चढ़ाकर कहने से, किसी की मुद्रा से, या बात के उलट जाने से।
| वाक्य | हँसी क्यों आती है |
|---|---|
| “जो भी पक्षी पहाड़ियों-घाटियों पर से उड़ता हुआ दिल्ली पहुँचता है… जैसे हमारे घर का पता लिखवाकर लाया हो।” | बात इतनी बढ़ा-चढ़ाकर कही गई है कि पक्षियों के पास घर का पता होने की कल्पना बन जाती है। |
| “एक चूहा अँगीठी के पीछे बैठना पसंद करता है, शायद बूढ़ा है उसे सर्दी बहुत लगती है।” | चूहे को बूढ़ा आदमी बना दिया गया है — जिसे सर्दी लगती है और जिसकी अपनी पसंदीदा जगह है। |
| “उन्होंने जोर से ताली बजाई और मुँह से ‘श...शू’ कहा, बाँहें झुलाईं, फिर खड़े-खड़े कूदने लगे।” | एक गंभीर, गुस्सैल पिता का यह दृश्य ही हास्यास्पद है — और वे इसे बड़ी गंभीरता से कर रहे हैं। |
| “चिड़ियाँ एक-दूसरे से पूछ रही हैं कि यह आदमी कौन है और नाच क्यों रहा है?” | पिताजी की चेष्टा को चिड़ियों की आँख से दिखा दिया गया — और वहाँ से वह ‘नाच’ लगती है। |
| “एक बार तो झूलती लाठी माँ के सिर पर लगते-लगते बची।” | निशाना चिड़ियों पर था और खतरा माँ पर आ गया — यही उलटफेर हँसाता है। |
| “तुम तो बड़े समझदार हो जी, सभी दरवाजे खुले हैं और तुम गौरैयों को बाहर निकाल रहे हो।” | तारीफ़ के शब्दों में उलटी बात कही गई है। |
| “चलो, दो तिनके तो निकल गए, अब बाकी दो हजार भी निकल जाएँगे!” | बहुत बड़ी संख्या बताकर पिताजी की सफलता को नन्हा-सा दिखा दिया गया। |
| “इतनी तकलीफ करने की क्या जरूरत थी। पंखा चला देते, तो ये उड़ जातीं।” | इतनी मेहनत के बाद इतना आसान उपाय सुनना — यही विडंबना हँसाती है। |