प्र1.
अब नीचे दिए गए शब्दों की मात्राओं और अर्थों के अंतर पर ध्यान दीजिए। इन शब्दों का प्रयोग करते हुए अपने मन से वाक्य बनाइए। • नाच-नाचा-नचा
उत्तर
| शब्द | अर्थ | वाक्य |
|---|---|---|
| नाच | नृत्य (संज्ञा); या ‘नाचो’ (आज्ञा) | मेले में मोर का नाच देखकर सब ठहर गए। |
| नाचा | स्वयं नाचा — भूतकाल की क्रिया | पिताजी उस दिन गौरैयों के नीचे खड़े होकर इतना नाचा-कूदा कि माँ हँसते-हँसते लोटपोट हो गईं। |
| नचा | किसी और को नचाया — प्रेरणार्थक क्रिया | मदारी ने डमरू बजाकर बंदर को खूब नचाया। |
अंतर की जड़: ‘नाचा’ में काम करने वाला स्वयं नाचता है; ‘नचा’ में कोई दूसरा उससे नाच करवाता है। ऐसी क्रियाओं को प्रेरणार्थक क्रिया कहते हैं — जैसे पढ़ा/पढ़ाया, लिखा/लिखवाया, हँसा/हँसाया। एक मात्रा हटते ही ‘करने वाला’ बदल जाता है।