मल्हार अध्याय 2 हेर-फेर मात्रा का

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अब नीचे दिए गए शब्दों की मात्राओं और अर्थों के अंतर पर ध्यान दीजिए। इन शब्दों का प्रयोग करते हुए अपने मन से वाक्य बनाइए। • नाच-नाचा-नचा
उत्तर
शब्दअर्थवाक्य
नाचनृत्य (संज्ञा); या ‘नाचो’ (आज्ञा)मेले में मोर का नाच देखकर सब ठहर गए।
नाचास्वयं नाचा — भूतकाल की क्रियापिताजी उस दिन गौरैयों के नीचे खड़े होकर इतना नाचा-कूदा कि माँ हँसते-हँसते लोटपोट हो गईं।
नचाकिसी और को नचाया — प्रेरणार्थक क्रियामदारी ने डमरू बजाकर बंदर को खूब नचाया।
अंतर की जड़: ‘नाचा’ में काम करने वाला स्वयं नाचता है; ‘नचा’ में कोई दूसरा उससे नाच करवाता है। ऐसी क्रियाओं को प्रेरणार्थक क्रिया कहते हैं — जैसे पढ़ा/पढ़ाया, लिखा/लिखवाया, हँसा/हँसाया। एक मात्रा हटते ही ‘करने वाला’ बदल जाता है।
प्र2.
• हार-हरा-हारा
उत्तर
शब्दअर्थवाक्य
हार(1) पराजय (2) मालापिताजी बार-बार कहते थे कि वे हार मानने वाले आदमी नहीं हैं। / विजेता के गले में फूलों का हार पहनाया गया।
हरा(1) हरे रंग का (2) ‘हराना’ का रूप — पराजित करनाबारिश के बाद पूरा मैदान हरा हो गया। / हमारी टीम ने पड़ोसी विद्यालय को दो गोल से हरा दिया।
हारास्वयं हार गया — भूतकाल की क्रियावह मैच हारा जरूर, पर हिम्मत नहीं हारा।
Tip: ‘हरा’ के दोनों अर्थ केवल वाक्य में रखकर ही पहचाने जा सकते हैं — यही भाषा की खूबी है। ‘हरा पत्ता’ में यह विशेषण है, ‘उसे हरा दिया’ में क्रिया।
प्र3.
• पिता-पीता
उत्तर
शब्दअर्थवाक्य
पिताजनक, बाप — संज्ञाकहानी में पिता ही सबसे अधिक परेशान दिखाई देते हैं।
पीता‘पीना’ क्रिया का रूपवह रोज सुबह एक गिलास दूध पीता है।
यहाँ केवल ‘इ’ और ‘ई’ का अंतर है — पिता / पीता। ह्रस्व और दीर्घ मात्रा की यह भूल लिखने में सबसे अधिक होती है, और इससे संज्ञा सीधे क्रिया बन जाती है। लिखते समय शब्द को बोलकर देखिए — दीर्घ मात्रा में आवाज ठहरती है।
प्र4.
• चूक-चुक
उत्तर
शब्दअर्थवाक्य
चूकभूल, गलती; या ‘चूकना’ = अवसर खो देनाएक छोटी-सी चूक से पूरा प्रयोग बिगड़ गया। / मौका मत चूको।
चुक‘चुकना’ = समाप्त हो जाना, खत्म हो जानाजब पिताजी की सहनशीलता चुक गई, तब उन्होंने घोंसला तोड़ने की ठान ली।
पाठ से: दूसरा वाक्य कहानी से ही लिया गया है — “आखिर जब उनकी सहनशीलता चुक गई तो वह कहने लगे कि वह गौरैयों का घोंसला नोचकर निकाल देंगे।” यहाँ ‘चुक’ का अर्थ ‘गलती’ नहीं, ‘खत्म हो जाना’ है।
प्र5.
• नीचा-नीचे
उत्तर
शब्दअर्थवाक्य
नीचाकम ऊँचाई वाला — विशेषण (नीचा/नीची/नीचे रूप बदलते हैं)यह मेज बहुत नीची है, इस पर लिखने में कमर दुखने लगती है।
नीचेकिसी वस्तु के तले — स्थान बताने वाला शब्दगौरैयाँ घोंसले में से सिर निकालकर नीचे की ओर झाँक रही थीं।
अंतर पहचानिए: ‘नीचा’ किसी वस्तु का गुण बताता है (कैसी है?), जबकि ‘नीचे’ स्थान बताता है (कहाँ?)। इसी तरह ‘ऊँचा’ और ‘ऊपर’ का जोड़ा भी बनता है।
प्र6.
• सहसा-साहस
उत्तर
शब्दअर्थवाक्य
सहसाअचानक, एकाएक — क्रिया विशेषणतभी सहसा जोर की आवाज आई, “चीं-चीं, चीं-चीं!!!”
साहसहिम्मत, निडरता — संज्ञादो नन्हीं गौरैयों को बचाने के लिए उनके माँ-बाप ने बड़ा साहस दिखाया।
यहाँ मात्रा ही नहीं, अक्षरों का क्रम भी बदल जाता है — स-ह-सा / सा-ह-स। पहला बताता है कि कोई घटना कब और कैसे हुई; दूसरा किसी गुण का नाम है। पहला वाक्य कहानी का सबसे नाटकीय क्षण है — और ध्यान दीजिए, लेखक ने वहाँ ‘अचानक’ नहीं, ‘सहसा’ लिखा है, जो अधिक तीव्र और साहित्यिक लगता है।
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