प्र1.
नीचे दी गई इंटरनेट कड़ी का प्रयोग कर इस लेख को पूरा पढ़िए और कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर
पुस्तक में दी गई कड़ी (या QR कोड) से प्रेस सूचना ब्यूरो का पूरा लेख पढ़िए, फिर कक्षा में इस क्रम से चर्चा कीजिए।
चर्चा के लिए तैयारी: पढ़ते समय तीन बातें अलग-अलग नोट कीजिए — (1) तथ्य और आँकड़े, (2) गौरैया घटने के कारण, (3) सुझाए गए उपाय।
चर्चा के प्रश्न:
- क्या हमारे मोहल्ले में भी गौरैयाँ पहले से कम हुई हैं? किसने क्या देखा?
- हमारे घर की बनावट में गौरैया कहाँ घोंसला बना सकती है? क्या ऐसी कोई जगह बची है?
- विद्यालय में हम क्या कर सकते हैं — दाना-पानी के बर्तन, घोंसला-बक्से, पेड़-पौधे, कीटनाशक का कम प्रयोग?
- 20 मार्च को हम कक्षा में क्या आयोजित कर सकते हैं — पोस्टर, नुक्कड़ नाटक, या इसी कहानी का मंचन?
चर्चा का परिणाम एक काम में बदलिए: बातचीत के अंत में कक्षा मिलकर तीन काम तय करे और उन्हें चार्ट पर लिखकर टाँग दे — जैसे “हर कक्षा की खिड़की पर पानी का एक कटोरा”, “विद्यालय के पेड़ों पर पाँच घोंसला-बक्से”, “20 मार्च को गौरैया दिवस पर प्रदर्शनी”। ‘साझी समझ’ का अर्थ ही यह है कि समझ अकेले की न रहे, सबकी बने — और फिर काम में उतरे।