मल्हार अध्याय 3 आपकी बात

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
(क) कविता के माध्यम से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें पूरा करने का आशीर्वाद दिया गया है। दिन-प्रतिदिन के जीवन में आपको अपने माता-पिता, अध्यापक एवं परिजनों से किस तरह के आशीर्वाद मिलते हैं? अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर

यह आपके अपने अनुभव पर आधारित प्रश्न है। अच्छा उत्तर वही है जिसमें आशीर्वाद किसने, किस अवसर पर और किन शब्दों में दिया — तीनों बातें हों।

नमूना उत्तर:

किससेकबआशीर्वाद के शब्दउसका भाव
माँरोज़ सुबह स्कूल जाते समय“ध्यान से जाना, मन लगाकर पढ़ना।”यह छोटा-सा वाक्य दिन भर याद रहता है और कक्षा में ध्यान भटकते ही टोक देता है।
पिताजीपरीक्षा वाले दिन“डरना मत, जितना आता है उतना अच्छा लिख देना।”इससे परिणाम का बोझ हट जाता है और केवल प्रयास पर ध्यान रह जाता है।
दादीत्योहार पर, सिर पर हाथ रखकर“ख़ूब पढ़ो, ख़ूब आगे बढ़ो।”यह सबसे पुराना और सबसे सरल आशीर्वाद है — इसमें कोई शर्त नहीं होती।
अध्यापिकाप्रश्न ग़लत हो जाने पर“कोई बात नहीं, फिर से करो — तुमसे हो जाएगा।”यह असफलता को अंत नहीं, एक पड़ाव बना देता है। मेरे लिए यह सबसे बड़ा आशीर्वाद है।
बड़े भाईविद्यालय की प्रतियोगिता से पहले“जीत-हार छोड़, मज़े से खेल।”घबराहट कम हो जाती है — और तब खेल सचमुच अच्छा होता है।
ध्यान दीजिए: इनमें से किसी भी आशीर्वाद में धन या वस्तु नहीं माँगी गई। सब आशीर्वाद गुण के हैं — ध्यान, निर्भयता, परिश्रम, फिर से प्रयास करने का साहस। दुष्यंत कुमार का आशीर्वाद भी ठीक इसी तरह का है — “तेरे स्वप्न बड़े हों”, न कि ‘तुझे बहुत कुछ मिले’।
प्र2.
(ख) आप भी अपने से छोटों के प्रति किसी न किसी प्रकार से शुभेच्छा प्रकट करते हैं, उन्हें लिखिए।
उत्तर

शुभेच्छा केवल शब्दों से नहीं, व्यवहार से भी प्रकट होती है। उत्तर में दोनों तरह के उदाहरण दीजिए।

नमूना उत्तर — शब्दों से:

  • छोटी बहन परीक्षा देने जाती है तो कहता हूँ — “आराम से लिखना, तुम्हें सब आता है।”
  • पड़ोस का बच्चा पहली बार साइकिल चलाता है तो कहता हूँ — “गिरना ज़रूरी है, गिरकर ही आएगी।”
  • छोटे भाई के जन्मदिन पर — “तुम्हारी हर पहेली का जवाब तुम्हें ख़ुद मिले।”
  • अपने से छोटी कक्षा के विद्यार्थी से — “जो समझ न आए, बेझिझक पूछ लेना — पूछना कमज़ोरी नहीं है।”

नमूना उत्तर — व्यवहार से:

  • छोटी बहन का गणित का प्रश्न हल करवा देना, पर उत्तर बताकर नहीं — तरीक़ा समझाकर।
  • अपनी पुरानी पुस्तकें छोटी कक्षा के मित्र को दे देना।
  • छोटे भाई की चित्रकला की तारीफ़ करना और उसे दीवार पर लगा देना।
  • खेल में छोटे बच्चों को भी टीम में लेना और हारने पर उन्हें न डाँटना।
एक ज़रूरी बात: छोटों को दी गई सबसे बड़ी शुभेच्छा यह है कि उनकी बात ध्यान से सुनी जाए। जिस बच्चे की बात सुनी जाती है, वही आगे चलकर बड़े सपने देखने का साहस करता है।
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