प्र1.
(क) कविता के माध्यम से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें पूरा करने का आशीर्वाद दिया गया है। दिन-प्रतिदिन के जीवन में आपको अपने माता-पिता, अध्यापक एवं परिजनों से किस तरह के आशीर्वाद मिलते हैं? अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर
यह आपके अपने अनुभव पर आधारित प्रश्न है। अच्छा उत्तर वही है जिसमें आशीर्वाद किसने, किस अवसर पर और किन शब्दों में दिया — तीनों बातें हों।
नमूना उत्तर:
| किससे | कब | आशीर्वाद के शब्द | उसका भाव |
|---|---|---|---|
| माँ | रोज़ सुबह स्कूल जाते समय | “ध्यान से जाना, मन लगाकर पढ़ना।” | यह छोटा-सा वाक्य दिन भर याद रहता है और कक्षा में ध्यान भटकते ही टोक देता है। |
| पिताजी | परीक्षा वाले दिन | “डरना मत, जितना आता है उतना अच्छा लिख देना।” | इससे परिणाम का बोझ हट जाता है और केवल प्रयास पर ध्यान रह जाता है। |
| दादी | त्योहार पर, सिर पर हाथ रखकर | “ख़ूब पढ़ो, ख़ूब आगे बढ़ो।” | यह सबसे पुराना और सबसे सरल आशीर्वाद है — इसमें कोई शर्त नहीं होती। |
| अध्यापिका | प्रश्न ग़लत हो जाने पर | “कोई बात नहीं, फिर से करो — तुमसे हो जाएगा।” | यह असफलता को अंत नहीं, एक पड़ाव बना देता है। मेरे लिए यह सबसे बड़ा आशीर्वाद है। |
| बड़े भाई | विद्यालय की प्रतियोगिता से पहले | “जीत-हार छोड़, मज़े से खेल।” | घबराहट कम हो जाती है — और तब खेल सचमुच अच्छा होता है। |
ध्यान दीजिए: इनमें से किसी भी आशीर्वाद में धन या वस्तु नहीं माँगी गई। सब आशीर्वाद गुण के हैं — ध्यान, निर्भयता, परिश्रम, फिर से प्रयास करने का साहस। दुष्यंत कुमार का आशीर्वाद भी ठीक इसी तरह का है — “तेरे स्वप्न बड़े हों”, न कि ‘तुझे बहुत कुछ मिले’।