मल्हार अध्याय 3 हमारे सपने

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
आपके माता-पिता या अभिभावक आपकी आवश्यकताओं और इच्छाओं को जानते-समझते हैं। वे उन्हें पूरा करने के लिए यथासंभव प्रयत्न करते हैं। अपने माता-पिता या अभिभावक से उनके द्वारा देखे गए सपने और इच्छाओं के बारे में पूछिए कि वे क्या-क्या करना चाहते थे या चाहते हैं? नीचे दी गई तालिका में उन सपनों को लिखिए। आप इस तालिका को और बढ़ा सकते हैं। (तालिका — ‘घर के सदस्यों के सपने’: माता, पिता, दादा, दादी, नाना, नानी, बहन, भाई)
उत्तर

यह घर जाकर पूछकर भरने वाली तालिका है। पहले घर के सदस्यों से बात कीजिए — तभी उत्तर सच्चा बनेगा। नीचे यह दिखाने के लिए एक भरी हुई तालिका दी गई है कि उत्तर किस तरह का होना चाहिए।

पूछने के लिए तीन प्रश्न: (1) बचपन में आप क्या बनना चाहते थे? (2) वह सपना पूरा हुआ या नहीं — और क्यों? (3) अब आपका कोई सपना है?

नमूना उत्तर — घर के सदस्यों के सपने

सदस्यसपने और इच्छाएँ
मातावे अध्यापिका बनना चाहती थीं। बारहवीं के बाद पढ़ाई छूट गई। अब उनका सपना है कि मैं और मेरी बहन दोनों उच्च शिक्षा तक पहुँचें। वे सिलाई सीखकर घर पर छोटा काम शुरू करना चाहती हैं।
पितावे सेना में जाना चाहते थे, पर दो बार चयन नहीं हुआ। अब वे खेत में ड्रिप सिंचाई लगवाना चाहते हैं ताकि पानी बचे और फ़सल अच्छी हो।
दादावे गाँव में एक पुस्तकालय खुलवाना चाहते हैं, क्योंकि उनके समय में पढ़ने के लिए किताबें ही नहीं मिलती थीं।
दादीवे लोकगीत बहुत अच्छे गाती हैं। उनका सपना है कि गाँव की लड़कियाँ ये गीत सीखें ताकि वे खो न जाएँ।
नानावे चाहते थे कि आम की एक नई क़िस्म तैयार करें। आज भी वे बाग़ में तरह-तरह की कलम लगाते रहते हैं।
नानीवे लिखना-पढ़ना सीखना चाहती हैं। अब वे प्रौढ़ शिक्षा कक्षा में जाकर अपना नाम लिखना सीख चुकी हैं।
बहनवह ज़िले की कबड्डी टीम में खेलना चाहती है और रोज़ सुबह अभ्यास करती है।
भाईवह मोबाइल के छोटे-छोटे ऐप बनाना सीखना चाहता है और कहता है कि एक दिन गाँव के लिए मंडी-भाव बताने वाला ऐप बनाएगा।
इस गतिविधि का असली लाभ: बात करने पर पता चलता है कि बड़ों के भी सपने थे — और कई सपने परिस्थितियों के कारण अधूरे रह गए। इससे दो बातें समझ आती हैं: एक, कि सपना हर उम्र में रहता है; दूसरी, कि हमारे बड़े जिस अवसर से चूक गए, वही अवसर हमें दिलाने के लिए वे परिश्रम कर रहे हैं।
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