मल्हार अध्याय 3 सबके सपने

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
प्रतिदिन की आवश्यकताओं को पूरा करने में बहुत-से लोग सहयोग देते हैं, जैसे— शाक विक्रेता, स्वच्छताकर्मी, रिक्शाचालक, सुरक्षाकर्मी आदि। इनमें से किसी एक से साक्षात्कार कीजिए और उनके सपनों के विषय में जानिए। साक्षात्कार के समय कौन-कौन से प्रश्न हो सकते हैं? उनकी एक सूची भी बनाइए।
उत्तर

साक्षात्कार से पहले तीन बातें: (1) पहले अनुमति लीजिए और अपना परिचय दीजिए; (2) उनके काम के समय में बाधा न डालिए; (3) प्रश्न सरल और सम्मानजनक रखिए — किसी की आय या मजबूरी सीधे मत पूछिए।

साक्षात्कार के प्रश्नों की सूची

वर्गप्रश्न
परिचयआपका नाम क्या है? आप यह काम कब से कर रहे हैं? आप मूल रूप से कहाँ के हैं?
काम के बारे मेंआपका दिन कितने बजे शुरू होता है? इस काम में आपको सबसे अच्छा क्या लगता है? सबसे कठिन क्या लगता है?
सपनों के बारे मेंबचपन में आप क्या बनना चाहते थे? वह सपना पूरा हुआ या रह गया? आज आपका सबसे बड़ा सपना क्या है? अपने बच्चों के लिए आप क्या सपना देखते हैं?
सहयोग और चुनौतीअपने सपने को पूरा करने में आपको किससे सहायता मिली? कौन-सी कठिनाई सबसे बड़ी रही?
हमारे लिएहम विद्यार्थियों को आप क्या सलाह देना चाहेंगे? आपके काम को आसान बनाने के लिए हम क्या कर सकते हैं?

नमूना उत्तर (साक्षात्कार का सार): मैंने अपने मोहल्ले की सब्ज़ी विक्रेता शांति देवी से बात की। वे रोज़ सुबह चार बजे मंडी जाती हैं और शाम सात बजे तक ठेला लगाती हैं। उन्होंने बताया कि वे बचपन में पढ़ना चाहती थीं, पर तीसरी कक्षा के बाद विद्यालय छूट गया। उनका सपना है कि उनकी बेटी नर्स बने — “मैं दिन भर धूप में खड़ी रह लूँगी, पर वह कुर्सी पर बैठकर काम करे।” सबसे बड़ी कठिनाई उन्होंने बताई — बरसात के दिनों में सब्ज़ी ख़राब हो जाना और उस दिन की कमाई डूब जाना। उनकी सलाह थी — “पढ़ाई एक दिन भी मत छोड़ना, छूटी हुई पढ़ाई फिर पकड़ में नहीं आती।”

इससे क्या समझ आता है: सपने केवल सुविधासंपन्न लोगों के नहीं होते। जिनका जीवन कठिन है, उनके सपने अक्सर अपने लिए नहीं, अगली पीढ़ी के लिए होते हैं। कविता का “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों” सचमुच यही वाक्य है, जो हर माता-पिता अपने बच्चे से कहते हैं।
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