उपयुक्त उत्तर हैं — युवा वर्ग को और बच्चों को। इन दोनों के सामने तारा (★) बनाइए।
| विकल्प | सही / ग़लत | कारण |
|---|---|---|
| युवा वर्ग को | सही ★ | कविता का पहला शब्द ही “जा” है — यह किसी बड़े का उस व्यक्ति से कहा गया वाक्य है जो अभी घर से निकल रहा है, जिसके सामने पूरा जीवन पड़ा है। “अपने पाँवों पर खड़े हों” का आशीर्वाद उसी को दिया जाता है जो अभी आत्मनिर्भर होने की दहलीज़ पर है। |
| नागरिकों को | ग़लत | कविता में देश, समाज, कर्तव्य या अधिकार की कोई बात नहीं है। ‘नागरिक’ एक सामाजिक-राजनीतिक भूमिका है; कविता व्यक्ति के सपनों की बात करती है। |
| बच्चों को | सही ★ | कविता की सारी क्रियाएँ बचपन की हैं — गोद से उतरना, चलना सीखना, रूठना-मचलना। इसीलिए यह आशीर्वाद बच्चों पर भी उतना ही लागू होता है। |
| श्रमिकों को | ग़लत | कविता में श्रम, मज़दूरी या किसी विशेष व्यवसाय का उल्लेख नहीं है। यह किसी एक वर्ग की नहीं, हर उस व्यक्ति की कविता है जो अभी बढ़ रहा है। |