प्र1.
“यहाँ हरि की पैड़ी नामक एक पक्का घाट है और यहीं स्नान भी होता है।”
आप जानते ही होंगे कि काल के तीन भेद होते हैं— भूतकाल, वर्तमान काल और भविष्य काल। परस्पर चर्चा करके पता लगाइए कि ऊपर दिए गए वाक्य में कौन-सा काल प्रदर्शित हो रहा है? सही पहचाना, यह वाक्य वर्तमान काल को प्रदर्शित कर रहा है।
(क) नीचे दी गई पाठ की इन पंक्तियों को पढ़कर बताइए, इनमें क्रिया कौन-से काल को प्रदर्शित कर रही है? (भूतकाल/वर्तमान/भविष्य)
1. निश्चय है कि आप इस पत्र को स्थानदान दीजिएगा।
2. यह भूमि तीन ओर सुंदर हरे-हरे पर्वतों से घिरी है।
3. वृक्ष ऐसे हैं कि पत्थर मारने से फल देते हैं।
4. चित्त में बारंबार ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का उदय होता था।
5. मैं दीवान कृपा राम के घर के ऊपर के बंगले पर टिका था।
उत्तर
क्रिया के अंत को देखिए — वही काल बताता है।
| क्रम | क्रिया | काल | पहचान |
|---|---|---|---|
| 1. | दीजिएगा | भविष्य काल | ‘-गा’ भविष्य का चिह्न है। यह आदरपूर्वक किया गया अनुरोध है, जो काम अभी होना बाकी है। |
| 2. | घिरी है | वर्तमान काल | ‘है’ — जो बात आज भी वैसी ही है। ऐसी सदा सच रहने वाली बात वर्तमान में ही कही जाती है। |
| 3. | हैं, देते हैं | वर्तमान काल | ‘देते हैं’ — यह वह वर्तमान है जो आदत या स्वभाव बताता है (सामान्य वर्तमान)। |
| 4. | होता था | भूतकाल | ‘था’ भूत का चिह्न। ‘होता था’ का अर्थ है — तब बार-बार होता रहता था (अपूर्ण भूतकाल)। ‘बारंबार’ शब्द इसी की पुष्टि करता है। |
| 5. | टिका था | भूतकाल | ‘था’ — और यह काम पूरा भी हो चुका था, इसलिए पूर्ण भूतकाल। |
4 और 5 दोनों भूतकाल हैं, फिर भी अलग हैं: “होता था” बताता है कि काम बार-बार होता रहा; “टिका था” बताता है कि काम एक बार हुआ और पूरा हो गया। इसीलिए पहले को अपूर्ण और दूसरे को पूर्ण भूतकाल कहते हैं।
सूत्र: है / हैं / ता है → वर्तमान · था / थे / ता था / चुका था → भूत · गा / गी / गे / इएगा → भविष्य।