प्र1.
पाठ से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। आपस में चर्चा कीजिए और इनके उपयुक्त संदर्भों से इनका मिलान कीजिए—
शब्द — 1. हरिद्वार 2. गंगा 3. भगीरथ 4. चण्डिका 5. भागवत 6. दालचीनी
संदर्भ — 1. मान्यताओं के अनुसार दुर्गा का एक रूप। 2. यह अठारह पुराणों में से सर्वप्रसिद्ध एक पुराण है। इसमें अधिकांश श्री कृष्ण संबंधी कथाएँ हैं। 3. यह भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित एक प्रसिद्ध तीर्थस्थान है। यहाँ से गंगा पहाड़ों को छोड़कर मैदान में आती है। 4. यह एक पेड़ का नाम है। यह दक्षिण भारत में बहुतायत से मिलता है। इस पेड़ की सुगंधित छाल दवा और मसाले के काम में आती है। इसे दारचीनी भी कहते हैं। 5. यह भारतवर्ष की एक प्रधान नदी है जो हिमालय से निकलकर लगभग 1560 मील पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है। इसके अनेक नाम हैं, जैसे— भागीरथी, त्रिपथगा, अलकनंदा, मंदाकिनी, सुरनदी आदि। 6. ये अयोध्या के प्रसिद्ध सूर्यवंशी राजा थे। कहा जाता है कि ये घोर तपस्या करके गंगा को पृथ्वी पर लाए थे। इसीलिए गंगा का एक नाम ‘भागीरथी’ भी है।
उत्तर
सही मिलान इस प्रकार है —
| क्रम | शब्द | सही संदर्भ | पहचानने की कुंजी |
|---|---|---|---|
| 1. | हरिद्वार | 3 | उत्तराखंड का तीर्थ, जहाँ गंगा पहाड़ छोड़कर मैदान में उतरती है — इसीलिए पाठ में गंगा का “पाट भी बहुत छोटा है पर वेग बड़ा है।” |
| 2. | गंगा | 5 | एकमात्र संदर्भ जिसमें ‘नदी’ शब्द है और भागीरथी, अलकनंदा, मंदाकिनी जैसे नाम गिनाए गए हैं। |
| 3. | भगीरथ | 6 | ‘राजा’ शब्द केवल इसी संदर्भ में है। पाठ की पंक्ति भी यही जोड़ती है — “जो राजा भगीरथ के उज्ज्वल कीर्ति की लता-सी दिखाई देती है।” |
| 4. | चण्डिका | 1 | देवी का नाम है, इसलिए दुर्गा के रूप वाला संदर्भ। पाठ में — “उसके शिषर पर चण्डिका देवी की मूर्ति है।” |
| 5. | भागवत | 2 | ग्रंथ का नाम है, इसलिए पुराण वाला संदर्भ। पाठ में — “दिन में श्री भागवत का पारायण भी किया।” |
| 6. | दालचीनी | 4 | पेड़ और मसाले वाला संदर्भ। पाठ में — “यहाँ की कुशा… जिसमें से दालचीनी, जावित्री इत्यादि की अच्छी सुगंध आती है।” |
मिलान का सूत्र: पहले हर संदर्भ में श्रेणी बताने वाला शब्द ढूँढ़िए — ‘नदी’, ‘राजा’, ‘पुराण’, ‘पेड़’, ‘तीर्थस्थान’, ‘दुर्गा का रूप’। फिर वही श्रेणी बाईं ओर के शब्द से जोड़िए। पूरा संदर्भ पढ़ने की जरूरत ही नहीं पड़ती — यह तरीका किसी भी मिलान-प्रश्न में काम आता है।
क्या आप जानते हैं? ‘भगीरथ’ के नाम से ही मुहावरा बना है — भगीरथ प्रयत्न, अर्थात् बहुत बड़ा और लंबा परिश्रम। जैसे — “गाँव तक सड़क लाने में सरपंच को भगीरथ प्रयत्न करना पड़ा।”