यह खोजबीन की गतिविधि है। इसे व्यवस्थित ढंग से कीजिए —
चरण 1 — कहाँ खोजें। दादी-नानी और घर के बुज़ुर्ग सबसे अच्छे स्रोत हैं, क्योंकि कबीर के पद अक्सर लिखित नहीं, सुनकर सीखे हुए मिलते हैं। इसके बाद विद्यालय का पुस्तकालय (कबीर ग्रंथावली, कबीर वचनावली) और फिर पुस्तक में दी गई NCERT OFFICIAL की कड़ियाँ।
चरण 2 — किन प्रसिद्ध पदों से शुरू करें। इनकी पहली पंक्तियाँ खोज में सहायक होंगी —
- “मोको कहाँ ढूँढ़े रे बंदे, मैं तो तेरे पास में।”
- “झीनी झीनी बीनी चदरिया।”
- “मन लागो मेरो यार फकीरी में।”
- “रहना नहिं देस बिराना है।”
पूरा पद पुस्तक या रिकॉर्डिंग से मिलाकर ही लिखिए — सुनी हुई पंक्तियों में अक्सर पाठ-भेद होता है।
चरण 3 — लेखन-पुस्तिका में क्या-क्या लिखें। केवल गीत मत लिखिए; उसके साथ ये भी दर्ज कीजिए —
| क्या लिखें | उदाहरण |
|---|---|
| गीत/पद का पूरा पाठ | जैसा सुना या पढ़ा, ज्यों का त्यों |
| स्रोत | किससे सुना / किस पुस्तक या कड़ी से लिया |
| कठिन शब्दों के अर्थ | जैसे — चदरिया = शरीर; बिराना = पराया |
| दो पंक्तियों में भाव | पद क्या कहना चाहता है |
| गायन शैली | भजन, निर्गुण, लोकगीत — जैसा सुना |
चरण 4 — पुस्तिका। सभी समूहों के पन्ने इकट्ठा कीजिए, विषय के अनुसार क्रम लगाइए (गुरु, सत्य, संगति, वाणी), आरंभ में विषय-सूची और अंत में स्रोतों की सूची जोड़िए, फिर उसे कक्षा-पुस्तकालय में रखिए।