मल्हार अध्याय 5 शब्द से जुड़े शब्द

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
नीचे दिए गए स्थानों में कबीर से जुड़े शब्द पाठ में से चुनकर लिखिए और अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए— (केंद्र में ‘कबीर’ और उससे जुड़े सात खाने, जिनमें एक में ‘बानी’ पहले से दिया गया है।)
उत्तर

पुस्तक में केंद्र के ‘कबीर’ से सात खाने जुड़े हैं और उनमें से एक में बानी पहले से भरा है। शेष छह खाने पाठ में आए शब्दों से इस तरह भरे जा सकते हैं —

दोहे बानी गुरु साँच निंदक साधू संगति कबीर
‘कबीर’ से जुड़े शब्द — बीच वाला ‘बानी’ पुस्तक में पहले से दिया गया है।

ये शब्द क्यों —

शब्दकबीर से क्या संबंध
बानी‘ऐसी बानी बोलिए’ — कबीर की सबसे बड़ी चिंता ही वाणी है।
दोहेकबीर की पहचान का छंद; पूरा पाठ आठ दोहों का है।
गुरु‘गुरु गोविंद दोऊ खड़े’ — कबीर के यहाँ गुरु का स्थान सबसे ऊँचा है।
साँच‘साँच बराबर तप नहीं’ — सत्य कबीर का केंद्रीय मूल्य है।
निंदक‘निंदक नियरे राखिए’ — आलोचक को अपना बनाने की सीख।
साधू‘साधू ऐसा चाहिए’ — कबीर का आदर्श व्यक्ति।
संगति‘जो जैसी संगति करै’ — जीवन का फल तय करने वाली चीज़।
और भी चलेंगे: सूप, पंछी, सीतल, हिरदे, काशी, करघा, भजन, कबीर ग्रंथावली — ये सब भी पाठ में आए हैं। अपने खाने भरते समय हर शब्द के आगे यह लिखिए कि वह पाठ में कहाँ आया है; तभी चर्चा में उसका बचाव कर पाएँगे।
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